मजलिस पार्क में बनेगा दिल्ली मेट्रो का एलिवेटेड डिपो, PWD देगा 24 एकड़ जमीन; ये होंगे फायदे
डीएमआरसी दिल्ली के मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन के पास एलिवेटेड डिपो बनाएगी। डीएमआरसी ने पिछले साल दिसंबर में पीडब्ल्यूडी से इसके लिए जमीन की मांगी थी। पीडब्ल्यूडी ने अब 24 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने की मंजूरी दे दी है।

राजधानी दिल्ली में मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन के पास बनने वाले नए एलिवेटेड डिपो के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने 24 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने को मंजूरी दे दी है। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह जमीन दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन को सौंपी जाएगी। यहां जनकपुरी पश्चिम से आरके आश्रम तक विस्तारित हो रही मैजेंटा लाइन की मेट्रो ट्रेनों के लिए डिपो बनाया जाएगा।
पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा ने बताया कि यात्रियों की सुविधा और मेट्रो संचालन को बेहतर बनाने के लिए यह फैसला लिया गया है। वर्तमान में मैजेंटा लाइन की ट्रेनों के लिए मुकुंदपुर डिपो का उपयोग किया जा रहा है, लेकिन नए सेक्शन के शुरू होने के बाद अतिरिक्त ट्रेनों की देखरेख और पार्किंग के लिए नए डिपो की जरूरत पड़ेगी।
मैजेंटा लाइन को इंद्रप्रस्थ तक बढ़ाया जाएगा
डीएमआरसी ने पिछले साल दिसंबर में पीडब्ल्यूडी से इस जमीन की मांग की थी। प्रस्तावित डिपो चौथे फेज के साथ-साथ फेज-5ए के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दिल्ली मेट्रो के फेज-5ए में मैजेंटा लाइन को आरके आश्रम से आगे इंद्रप्रस्थ तक बढ़ाया जाएगा। विस्तार पूरा होने पर मैजेंटा लाइन की कुल लंबाई 89 किलोमीटर हो जाएगी, जो दिल्ली की सबसे लंबी मेट्रो लाइन होगी।
238 करोड़ रुपये चुकाने होंगे
पीडब्ल्यूडी सूत्रों ने बताया कि डीएमआरसी को यह भूमि उपलब्ध कराने के लिए पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की तरफ से पत्र भेजा गया है। इसमें डीडीए द्वारा तय की गई कीमत के अनुसार लभग 238 करोड़ रुपये की राशि जमीन के लिए मांगी गई है। इसके साथ ही कुछ आवश्यक शर्तें भी लगाई गई हैं जिन्हें पूरा करते ही जमीन डीएमआरसी को दे दी जाएगी।
डिपो बनने से ये फायदे होंगे
● मेट्रो ट्रेनों की पार्किंग क्षमता बढ़ेगी
● यात्रियों को कम अंतराल में मेट्रो मिलेगी
● ट्रेनों की देखरेख और सफाई बेहतर होगी
● मुकुंदपुर डिपो पर दबाव कम होगा
● जरूरत पड़ने पर तुरंत ट्रेन ट्रैक पर उतारी जा सकेगी
दिल्ली को मिलेंगे मेट्रो के 7 नए कॉरिडोर, 65 स्टेशन
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) राजधानी में 7 नए कॉरिडोर और 65 स्टेशनों के निर्माण से दिल्ली मेट्रो की कनेक्टिविटी 97 किलोमीटर तक बढ़ाएगा। दिल्ली मेट्रो फेज-5 (बी) के तहत बनने वाले इन सभी सात कॉरिडोर के निर्माण पर लगभग 48,204.56 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
● पहला कॉरिडोर नजफगढ़ के ढांसा बस स्टैंड से नांगलोई तक होगा। 11.859 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर पूरी तरह से एलिवेटेड और स्वतंत्र कॉरिडोर होगा, जिसमें 9 स्टेशन होंगे। नांगलोई (ग्रीन लाइन) और ढांसा बस स्टैंड (ग्रे लाइन) पर इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध होगी।
● दूसरा कॉरिडोर (15.969 किमी) केंद्रीय सचिवालय को किशनगढ़ से जोड़ेगा, जिसमें से 13.731 किमी भूमिगत होगा। इस मार्ग पर 10 स्टेशन होंगे, जिनमें 9 भूमिगत और एक एलिवेटेड स्टेशन शामिल हैं।
● तीसरा कॉरिडोर मौजूदा लाइन-2 को समयपुर बादली से नरेला डीडीए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तक विस्तारित करेगा। यह 12.89 किमी लंबा कॉरिडोर पूरी तरह से एलिवेटेड होगा और इसमें 8 स्टेशन होंगे।
● चौथा कॉरिडोर लाइन-5 को कीर्ति नगर से पालम तक विस्तार देगा। जो 9.967 किमी लंबा होगा।
● पांचवें कॉरिडोर पर जोर बाग से मीठापुर तक की लाइन 16.991 किलोमीटर लंबी होगी और लोधी कॉलोनी, ओल्ड ईश्वर नगर, अली गांव, जैतपुर, मोलड़बंद और मीठापुर को जोड़ेगी।
● छठा कॉरिडोर शास्त्री पार्क से मयूर विहार फेज तीन तक होगा। उन्होंने बताया कि यह 13.197 किमी लंबा स्वतंत्र कॉरिडोर होगा, जिसमें 8.99 किमी का अंडरग्राउंड खंड शामिल होगा।
● सातवां कॉरिडोर केशवपुरम से रोहिणी सेक्टर 34 तक विकसित किया जाएगा, जो पूरी तरह से एलिवेटेड 16.285 किमी लंबा होगा और इसमें 12 स्टेशन होंगे।
भाषा के इनपुट के साथ




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