दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे इस साल के अंत तक जुड़ेंगे, NCR को मिलेगी नई कनेक्टिविटी
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का खंड-5 इस साल गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगा। मेरठ में गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ने के बाद गाजियाबाद के साथ दिल्ली के लोगों को प्रयागराज जाने के लिए नई कनेक्टिविटी मिलेगी।

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का खंड-5 इस साल गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगा। इस खंड का काम 60 से 70 फीसदी तक पूरा हो चुका है। कुछ स्थानों को छोड़कर निर्माण कार्य चल रहा है। मेरठ में गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ने के बाद गाजियाबाद के साथ दिल्ली के लोगों को प्रयागराज जाने के लिए नई कनेक्टिविटी मिलेगी।
मेरठ एक्सप्रेसवे का यह खंड कुल 14.6 किलोमीटर लंबा है। मेरठ के लोहियानगर में इंटरचेंज निर्माण और जमीन से जुड़ी बाधा के कारण परियोजना में देरी हो रही है। माना जा रहा है कि खंड-5 का काम इस साल तक पूरा हो जाएगा। इस खंड को मेरठ में गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ना है। गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ने के बाद दिल्ली-एनसीआर के लोग आसानी से प्रयागराज जा सकेंगे। यह खंड गाजियाबाद के चूड़ियाला, तल्हैटा और जैनुद्दीनपुर गांव से निकल रहा है। शेष सात गांव मेरठ के हैं। गाजियाबाद की तरफ पांच किलोमीटर के हिस्से में काफी काम हो गया है। एनएचएआई के एक अधिकारी ने बताया कि शुरुआत में कुछ बाधाओं के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका था। उन्होंने बताया कि जो अड़चन थी, उनका निस्तारण हो गया है। खंड पर तेजी से कार्य कराया जाएगा।
इन गांवों के पास से निकल रहा
शाकरपुर, फिर नरहैड़ा, ढकौली, सलेमपुर, चंदसारा, खानपुर, नगलापातू, चूड़ियाला, तल्हैटा और जैनुद्दीनपुर गांव की जमीन ली गई है। किसानों से जमीन का कब्जा तो मिल गया था, मगर बीच में कई माह काम बंद रहा था। इन गांवों के बीच से मेरठ एक्सप्रेसवे के निकलने से जमीन की कीमतों में काफी इजाफा हो गया है।
वर्ष 2022 में शुरू हुआ था काम
मेरठ एक्सप्रेसवे के खंड का काम 3 अप्रैल वर्ष 2022 को शुरू हुआ था। उस समय एनएचएआई के अधिकारी और निर्माण एजेंसी ने दावा किया था कि मार्च-2024 तक काम पूरा हो जाएगा, लेकिन निर्माण कार्य की गति धीमी रही। इस कारण यह परियोजना पिछड़ रही है। अब दावा किया जा रहा है कि जल्दी काम पूरा करा दिया जाएगा।
खंड- 5 एक नजर में
■ दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का पांचवां चरण कुल 14.6 किलोमीटर का है।
■ मेरठ के सात और गाजियाबाद के तीन गांवों के बीच से गुजरेगा पांचवां चरण।
■ मेरठ जिले में 9.130 किलोमीटर है एक्सप्रेसवे का पांचवां चरण।
■ गाजियाबाद जिले में 5.470 किलोमीटर है।
12 जिलों को जोड़ता है 594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 अप्रैल को ही में 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया है। यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के 12 जिलों- मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज को जोड़ता है। 12 जिलों से गुजरने वाला यह एक्सप्रेसवे न केवल यात्रा को तेज बनाएगा, बल्कि क्षेत्रीय संतुलित विकास को भी बढ़ावा देगा। प्रधानमंत्री मोदी ने ही दिसंबर 2021 में इसकी आधारशिला रखी थी।




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