नए MCD मेयर का ऐलान- दिल्ली में सीलिंग पर लगाम, रिहायशी इलाकों में सिर्फ सर्वे
मेयर प्रवेश वाही 2026 तक भलस्वा-ओखला लैंडफिल खत्म करने के साथ ही सफाई का काम सुधारने और भ्रष्टाचार मिटाने पर जोर देंगे। दिल्ली में कोई सीलिंग नहीं होगी और आनंद विहार से अतिक्रमण हटाया जाएगा।

दिल्ली एमसीडी के नव निर्वाचित महापौर प्रवेश वाही ने कहा है कि इस साल 2026 में भलस्वा और ओखला लैंडफिल साइट को खत्म करने की दिशा में काम में तेजी लाई जाएगी। मानसून में जलभराव की समस्याओं की निगरानी होगी। 50 करोड़ रुपये की लगात की कई सफाई से जुड़ी मशीन निगम के बेड़े में शामिल होंगी। उन्होंने भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस अपनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दिल्ली में कोई सीलिंग नहीं होगी: मेयर
महापौर प्रवेश वाही ने कहा कि कोर्ट के आदेश के तहत निगम प्रशासन की तरफ से दिल्ली में रिहायशी इलाकों में चल रही व्यवसायिक प्रतिष्ठानों और दुकानों का सिर्फ सर्वे किया जा रहा है। इसमें किसी भी व्यवसायिक प्रतिष्ठानों और दुकानों पर कोई सीलिंग की कार्रवाई नहीं होगी। इसमें कोई भी भय न फैलाए।
आनंद विहार बस अड्डे से हटेगा अतिक्रमण: डिप्टी मेयर
उपमहापौर मोनिका पंत ने कहा कि आनंद विहार बस अड्डे से अतिक्रमण हटाया जाएगा। इस बस अड्डे में अतिक्रमण के कारण ट्रैफिक से जुड़ी समस्याएं कई बार सामने आ चुकी है। आगामी दिनों में सभी विभागों के साथ बैठक कर इस पर ठोस कदम उठाएंगे।
प्रवेश वाही को 156 वोट
रोहिणी पूर्व से भाजपा के पार्षद प्रवेश वाही बुधवार को एमसीडी के मेयर चुने गए। मेयर चुनाव में वाही को 156 वोट मिले जिनमें इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी के 14 पार्षदों के वोट भी शामिल हैं। वहीं कांग्रेस उम्मीदवार हाजी जरफ को 9 वोट मिले। आनंद विहार से भाजपा पार्षद मोनिका पंत एमसीडी की उपमहापौर चुनी गईं और उन्हें कुल 156 वोट मिले। बेगमपुर के भाजपा पार्षद जय भगवान यादवए पहाड़गंज से BJP पार्षद मनीष चड्ढा और शालीमार बाग से आप के पार्षद जलज चौधरी एमसीडी की स्थायी समिति के सदस्य चुने गए।
दिल्ली को और साफ सुथरा बनाने का वादा
मेयर चुने जाने पर प्रवेश वाही ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और भाजपा नेतृत्व का आभार जताया। प्रवेश वाही ने कहा कि हम आने वाले महीनों में दिल्ली को और साफ सुथरा बनाएंगे। हम दिल्ली के विकास के लिए काम करेंगे। इस साल के मेयर चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल में कुल 273 वोट थे, जिनमें 249 पार्षद, दिल्ली विधानसभा के मनोनीत 14 विधायक, 7 लोकसभा सदस्य और 3 राज्यसभा सदस्य शामिल हैं। जीत के लिए उम्मीदवार को 137 वोट की जरूरत थी।




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