दिल्ली में शख्स से हुई 10 लाख की लूट का मामला; बेटा ही निकला मास्टरमाइंड, बताई ऐसा करने की वजह
पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि तवलीन स्कूटर चला रहा था, जबकि मोहित उसके पीछे बैठा हुआ था। इसी दौरान मोहित ने पीड़ित को डराने के लिए दो बार हवाई फायर भी किए थे। जिसके बाद उसने पैसा दे दिया।

शॉर्ट कट तरीके से अमीर बनकर ऐशो आराम की जिंदगी जीने के चक्कर में दिल्ली के एक युवक ने ऐसा कुछ किया कि वह सीधे जेल पहुंच गया। इस युवक ने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर अपने पिता से 10 लाख रुपए लूटने की योजना बनाई। इस दौरान उन्होंने पीड़ित को रास्ते में रोककर उससे 10 लाख रुपए लूट भी लिए, लेकिन उनकी योजना सफल नहीं हो पाई और पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए उन्हें सरकारी घर में पहुंचा दिया। घटना की जानकारी देते हुए एक अधिकारी ने बताया कि तीनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया है। वारदात के दौरान पिता को डराने के लिए आरोपी बिहार के मुंगेर से 45 हजार रुपए में पिस्तौल भी खरीदकर लाया था।
अपने ही पिता को लूटने वाले इस आरोपी की पहचान 21 वर्षीय तवलीन उर्फ राहत के रूप में हुई है, जबकि मोहित कुमार तिवारी (22 साल) और पंकज (22 साल) नाम के युवकों ने इस वारदात में उसका साथ दिया। PTI की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपियों ने इस घटना को उस वक्त अंजाम दिया जब शिकायतकर्ता (तवलीन का पिता) पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर इलाके में अपने टूव्हीलर पर जा रहा था, इसी दौरान मास्क लगाकर स्कूटर से आए तवलीन और मोहित ने उन पर हमला कर दिया।
फिल्मी अंदाज में दिया वारदात को अंजाम
पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि तवलीन स्कूटर चला रहा था, जबकि मोहित उसके पीछे बैठा हुआ था। इसी दौरान मोहित ने पीड़ित को डराने के लिए हवा में दो गोलियां चलाईं। तीसरा आरोपी पंकज भी इस हथियारबंद डकैती की योजना बनाने और उसे अंजाम देने में पूरी तरह से शामिल था।
आरोपियों को ढूंढने खंगाले 200+ CCTV
इस घटना की सूचना पुलिस को 31 मार्च को मिली थी, जिसके बाद उसने लक्ष्मी नगर पुलिस स्टेशन में इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और संदिग्धों का पता लगाने के लिए इलाके और आस-पास के रास्तों के 200 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले। इसी दौरान उसे आरोपियों के कुछ सुराग मिले।
ऐशो-आराम से भरी जिंदगी जीने के लिए की वारदात
एक अधिकारी ने बताया कि शिकायतकर्ता का बेटा तवलीन इस मामले में मुख्य संदिग्ध के तौर पर सामने आया। बताया जा रहा है कि उसे मुखर्जी नगर से भागने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया। अधिकारी ने आगे बताया कि तवलीन ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक आलीशान जीवन जीने के लिए आसानी से पैसे कमाने के मकसद से इस हथियारबंद लूट की योजना बनाई थी।
वारदात के बाद दोनों साथी भाग रहे थे बिहार
अधिकारी ने बताया कि इस वारदात में शामिल अन्य दोनों संदिग्ध मोहित और पंकज आनंद विहार से एक प्राइवेट बस में बैठकर बिहार भाग गए। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने बस का पता लगाया और लखनऊ टोल प्लाजा पर उसे रोककर दोनों संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही पुलिस ने बताया कि आरोपी बेटा लूट में इस्तेमाल की गई पिस्तौल बिहार के मुंगेर से 45 हजार रुपए में खरीदकर लाया था।
स्कूटर और लूटी गई रकम पुलिस ने की बरामद
पुलिस ने लूटी गई नकदी और अपराध में इस्तेमाल की गई स्कूटर भी बरामद कर ली है। हथियार बरामद करने और पिस्तौल के स्रोत का पता लगाने के लिए आगे की कोशिशें जारी हैं। अधिकारियों ने बताया कि तीनों आरोपियों में से किसी भी आरोपी का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है, और आगे की जांच जारी है।




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