दिल्ली से क्यों हटाए जा रहे AAP सरकार में लगे 1.4 लाख सीसीटीवी? प्रवेश वर्मा ने बताया चीन कनेक्शन
दिल्ली भर में 1.4 लाख चीनी सीसीटीवी कैमरे हटाए जाएंगे। प्रवेश वर्मा ने बताया कि ये कैमरे आप सरकार द्वारा लगाए गए थे। उन्होंने हटाने के पीछे की वजह में सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की है।

जधानी दिल्ली में लगे चीनी मूल के सीसीटीवी कैमरों को हटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। लोक निर्माण विभाग मंत्री प्रवेश वर्मा ने 1 अप्रैल से इस अभियान की शुरुआत कर दी है। इसमें आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल में लगाए गए करीब 1.4 लाख चीनी कैमरों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, पीडब्ल्यूडी के तहत कुल 2,74,389 सीसीटीवी कैमरे दो चरणों में लगाए गए थे। पहले चरण (सितंबर 2020 से नवंबर 2022) में 1,40,000 कैमरे और दूसरे चरण (जून 2025 से मार्च 2026) में 1,34,389 कैमरे स्थापित किए गए। पहले चरण में लगाए गए सभी कैमरे चीनी कंपनी Hikvision के थे, जिनको लेकर वैश्विक स्तर पर सुरक्षा संबंधी चिंताएं जताई जाती रही हैं।
प्रवेश वर्मा बोले- कैमरों को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंता
मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि आप सरकार ने इन कैमरों को लगाते समय सुरक्षा के दीर्घकालिक पहलुओं पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि निगरानी व्यवस्था सिर्फ दिखावे का विषय नहीं है, बल्कि यह संवेदनशील डाटा और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला है। उन्होंने आगे बताया कि अब इन कैमरों को आधुनिक, सुरक्षित और उच्च तकनीक वाले सिस्टम से बदला जाएगा, जो डेटा सुरक्षा के बेहतर मानकों पर खरे उतरते हों। यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से की जाएगी ताकि निगरानी व्यवस्था पर कोई असर न पड़े।
पहले चरण में हटेंगे 50 हजार चीनी कैमरे
सरकार के अनुसार, पहले चरण में 50,000 चीनी कैमरों को बदलने की मंजूरी दी गई है। इसके बाद बाकी कैमरों को भी धीरे-धीरे हटाकर नई तकनीक से लैस सिस्टम लगाए जाएंगे। मंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकार के लिए यह केवल संख्या और प्रचार का विषय था, लेकिन वर्तमान सरकार के लिए यह नागरिकों की सुरक्षा, जवाबदेही और डेटा प्रोटेक्शन का मामला है, जिस पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान निगरानी व्यवस्था को बाधित नहीं होने दिया जाएगा और नए सिस्टम के साथ सुरक्षा और प्रभावशीलता दोनों को मजबूत किया जाएगा।




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