महिला अपराध में दिल्ली सबसे आगे, अपहरण के केस बढ़ रहे; NCRB डेटा से खुलासा
दिल्ली अपराध के मामलों में एक बार फिर महानगरों की लिस्ट में टॉप पर पहुंच गई है। एनसीआरबी के वर्ष 2024 के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली न केवल चोरी, बल्कि नाबालिगों द्वारा किए जाने वाले अपराधों और महिलाओं के खिलाफ होने वाली वारदातों के मामलों में भी देश के अन्य महानगरों से बहुत आगे है।

राष्ट्रीय राजधानी अपराध के मामलों में एक बार फिर महानगरों की सूची में शीर्ष पर पहुंच गई है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के वर्ष 2024 के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली न केवल चोरी, बल्कि नाबालिगों द्वारा किए जाने वाले अपराधों और महिलाओं के खिलाफ होने वाली वारदातों के मामलों में भी देश के अन्य महानगरों से बहुत आगे है। यह स्थिति दिल्ली की कानून-व्यवस्था, सुरक्षा और सामाजिक परिवेश पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार, महिलाओं के अपहरण के मामले भी चिंता का एक बड़ा विषय बने रहे। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2024 में दिल्ली में 3,974 मामले दर्ज किए गए जो 19 महानगरों में सबसे ज्यादा थे। इसके अलावा दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ अपराध की दर शहरों में चौथी सबसे ज्यादा रही, जो जयपुर, इंदौर और लखनऊ के बाद थी।
वर्ष 2024 के लिए अपराध दर 176.8 दर्ज की गई, जहां यह दर दिल्ली में हर एक लाख महिलाओं पर महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों की संख्या को दर्शाती है। वहीं, रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ कुल अपराधों में 2023 से 2024 के बीच 0.22 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, क्योंकि 2023 में 13,366 मामले सामने आए थे। 2022 में यह आंकड़ा 14,158 था।
2024 में महिलाओं के खिलाफ अपराध
दुष्कर्म : 1058
दहेज हत्या : 109
तेजाब हमला : 01
नाबालिगों के अपराध में भी राजधानी शीर्ष पर
दिल्ली नाबालिगों द्वारा अपराध करने में महानगरों में प्रथम स्थान पर है। एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 में नाबालिगों पर 2306 आपराधिक मामले दर्ज हुए थे। यह संख्या महानगरों में सबसे अधिक है और सभी राज्यों में छठें स्थान पर है। यही नहीं दिल्ली के नाबालिग हत्या के 144 मामलों में आरोपी बने थे। यह संख्या देश में सबसे अधिक है। इन आंकड़ों के अनुसार राजधानी में किशोरों की प्रति एक लाख आबादी में 41.6 किसी न किसी प्रकार के अपराध में आरोपी बने थे।

● राजधानी में किशोरों की प्रति एक लाख की आबादी में 41.6 नाबालिग किसी न किसी अपराध के आरोपी बने। यह आंकड़ा राष्ट्रीय औसत (7.9 प्रति एक लाख) से कई गुना अधिक है।
● राज्यों की श्रेणी में छत्तीसगढ़ (प्रति एक लाख पर 22.4 किशोर) ही दिल्ली के बाद इस सूची में है।
● वर्ष 2024 में दिल्ली के 144 नाबालिग हत्या के आरोपी बने, जो देश में सबसे ज्यादा हैं।
चोरी की घटनाओं में कमी नहीं, औसतन हर दिन 500 केस
आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली चोरी के मामले में महानगरों में शीर्ष पर बनी हुई है। यहां चोरी घटनाओं की संख्या सबसे ज्यादा रही। यहां हर दिन लगभग 497 मामले दर्ज हुए। रिपोर्ट के मुताबिक, देश में दर्ज चोरी के कुल मामलों में करीब तीन-चौथाई मामले दिल्ली में दर्ज हुए। रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली में वर्ष- 2024 में 1,80,973 चोरी के मामले सामने आए हैं, यानी हर हफ्ते के हिसाब करीब 3,480 मामले हैं, जबकि हर दिन का औसत लगभग 497 है। आंकड़ों के हिसाब से दिल्ली का चेहरा ‘चोरी की राजधानी’ के रूप में सामने आया है।

एनसीआरबी रिपोर्ट के मुताबिक 2024 में देश में कुल चोरी के मामलों में से लगभग तीन-चौथाई मामले अकेले दिल्ली में दर्ज हुए हैं। यह देश में दर्ज मामलों का रीब 73.3% है, जो अन्य महानगरों से काफी ज्यादा है। इस दौरान दिल्ली में साइबर अपराध कम हुए हैं। वहीं, गाजियाबाद में केस बढ़े हैं।




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