दिल्ली में छाया डेंगू का साया, हर वर्ष बढ़ रहे केस; अप्रैल में टूटा 5 साल का रिकॉर्ड
दिल्ली में डेंगू का साया गहराता ही जा रहा है। साल दर साल केस में बढ़ोतरी हो रही है। इस साल के अप्रैल में बीते 5 सालों का रिकॉर्ड टूट गया। राजधानी में डेंगू के बढ़ते मामलों ने खतरे की घंटी बजा दी है।

दिल्ली में डेंगू का साया गहराता ही जा रहा है। साल दर साल केस में बढ़ोतरी हो रही है। इस साल के अप्रैल में बीते 5 सालों का रिकॉर्ड टूट गया। राजधानी में डेंगू के बढ़ते मामलों ने खतरे की घंटी बजा दी है। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के मुताबिक बीते अप्रैल माह में डेंगू के 52 मामले आए हैं, जोकि पिछले पांच वर्ष के दौरान इस अवधि का सर्वाधिक आंकड़ा है। इस साल अप्रैल तक डेंगू के कुल 107 मामले सामने आए हैं।
अप्रैल में टूटा 5 साल का रिकॉर्ड
एमसीडी के आंकड़ों के अनुसार अप्रैल 2025 में डेंगू के 32 मामले आए थे, जबकि इसी माह में 2024 में 35, 2023 में 18 और 2022 में 20 मामले दर्ज किए गए थे। आंकड़ों पर नजर डालें तो इसमें साल दर साल वृद्धि हो रही है। वहीं, पहले चार महीनों में मलेरिया के मामले भी सामने आए, जो हाल के वर्षों में शुरुआती मौसम में सीमित प्रसार को दिखाता है। रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल तक मलेरिया के 29 मामले सामने आए हैं, जो 2025 में इसी अवधि के दौरान 39 मामले और 2024 में 35 और 2023 में 15 मामले दर्ज किए गए थे।
2 मई तक 12.15 लाख से अधिक घरों का निरीक्षण
अधिकारियों ने अप्रैल में हुई बारिश को मच्छर-जनित बीमारियों के मामलों में वृद्धि का एक कारण बताया है। उन्होंने कहा कि एमसीडी ने एहतियाती उपायों के तहत निर्माण स्थलों और आवासीय क्षेत्रों में लार्वा-रोधी अभियान, फॉगिंग और निरीक्षण तेज कर दिए हैं। इस वर्ष एमसीडी के मलेरिया-रोधी अभियान में तेजी आई है। दो मई तक 12.15 लाख से अधिक घरों का निरीक्षण किया है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान किए गए 11.99 लाख घरों के निरीक्षण से अधिक है। ऐसे में निगम ने 16,261 नोटिस जारी किए और 1,712 मामलों में दंडात्मक कार्रवाई की।
एडीज मच्छर के काटने से फैलता है डेंगू
डेंगू एक मच्छर जनित बीमारी है, जो एडीज एजिप्टी (Aedes aegypti) मच्छर के काटने से फैलती है। यह मच्छर साफ पानी में पनपता है और दिन के समय ज्यादा सक्रिय रहता है। डेंगू के सामान्य लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, बदन दर्द और कभी-कभी प्लेटलेट्स की कमी शामिल होती है। समय पर इलाज न मिलने पर यह गंभीर रूप ले सकता है, जिसे डेंगू हेमरेजिक फीवर कहा जाता है।
डेंगू से बचाव के लिए क्या करें उपाय
डेंगू से बचाव के लिए घर और आसपास पानी जमा न होने देना सबसे जरूरी है। कूलर, गमलों, टायर और छतों पर जमा पानी को नियमित रूप से साफ करना चाहिए। इसके अलावा फुल कपड़े पहनना, मच्छरदानी और रिपेलेंट का इस्तेमाल करना भी प्रभावी उपाय हैं। सरकार और स्थानीय निकायों द्वारा चलाए जा रहे फॉगिंग और लार्वा नियंत्रण अभियान में आम लोगों की भागीदारी भी बेहद जरूरी मानी जाती है।




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