दिल्ली पुलिस की इस एक चूक से रिहा हो गया डबल मर्डर का संदिग्ध गैंगस्टर, HC ने दी बेल
दिल्ली पुलिस की एक बड़ी चूक के चलते हाईकोर्ट ने 2024 में गलत पहचान के चलते फर्श बाजार में एक कारोबारी की हत्या के मामले में अमृतसर एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किए गए 35 साल के एक संदिग्ध गैंगस्टर को जमानत दे दी। हालांकि, कोर्ट ने उस पर कुछ शर्तें भी लगाई हैं।

दिल्ली पुलिस की एक बड़ी चूक के चलते हाईकोर्ट ने 2024 में गलत पहचान के चलते फर्श बाजार में एक कारोबारी की हत्या के मामले में अमृतसर एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किए गए 35 साल के एक संदिग्ध गैंगस्टर को जमानत दे दी। हालांकि, कोर्ट ने उस पर कुछ शर्तें भी लगाई हैं। कोर्ट ने कहा कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल आरोपी को गिरफ्तार करने के 24 घंटे के अंदर मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने में नाकाम रही थी।
एचटी की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी हर्षपाल सिंह उर्फ रूबल पर मकोका के तहत आरोप लगाया गया था। आरोप है कि उसने हमलावरों को पैसे की मदद दी और हत्या के बाद उन्हें पुलिस से बचने में मदद की। पुलिस ने कहा कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गैंगस्टरों ने 2024 में एक दूसरे गैंग के मेंबर को टारगेट किया था, लेकिन गलती से कारोबारी को मार डाला।
कोर्ट ने आदेश में क्या कहा
कोर्ट ने 10 फरवरी को जारी अपने ऑर्डर में कहा कि पुलिस ने टाइमलाइन मान ली है और रिकॉर्ड से पता चलता है कि अपीलकर्ता को उसकी गिरफ्तारी के 24 घंटे के अंदर सबसे नजदीक के मजिस्ट्रेट के सामने पेश नहीं किया गया था। इसलिए, अपीलकर्ता को लगातार हिरासत में रखना, संविधान के आर्टिकल 22(2) का उल्लंघन है। कोर्ट ने कहा चूंकि कानून के जरूरी नियमों का उल्लंघन हुआ है, इसलिए अपीलकर्ता को जमानत पर रिहा करना होगा।
बेल के लिए आरोपी पर लगाईं ये शर्तें
कोर्ट ने उस पर कुछ शर्तें भी लगाई हैं जिनमें उसे हर तीन दिन में थाने एसएचओ के सामने पेश होने, केस से जुड़े किसी भी व्यक्ति को कोई लालच, धमकी या वादा नहीं करने, पासपोर्ट जमा कराने और देश नहीं छोड़ना शामिल हैं। इसके बाद, कोर्ट ने हर्षपाल सिंह को ₹2 लाख के पर्सनल बॉन्ड पर बेल पर रिहा कर दिया।
स्पेशल सेल के अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने हर्षपाल सिंह को 25 सितंबर, 2025 को गिरफ्तार किया था, जब उन्हें उसके थाईलैंड भागने की कोशिश के बारे में टिप मिली थी।
जिम मालिक नादिर शाह के मर्डर में भी शामिल होने का शक
जांचकर्ताओं ने कहा कि हर्षपाल सिंह न केवल बिजनेसमैन की हत्या से जुड़ा था, बल्कि दिल्ली में एक जिम मालिक 35 साल के नादिर शाह की हत्या में भी शामिल पाया गया था, जिनकी 12 सितंबर, 2024 को ग्रेटर कैलाश इलाके में मोटरसाइकिल पर सवार दो लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
एक जांचकर्ता ने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा, “हम 2024 में हुए दोनों अपराधों में उससे पूछताछ करना चाहते थे, लेकिन कोर्ट ने अब उसे जमानत दे दी है।”
कोर्ट के ऑर्डर के मुताबिक, पुलिस ने दावा किया कि उन्होंने आरोपी को 25 सितंबर, 2025 को अरेस्ट किया था, लेकिन फिर उसे एक दिन के लिए रिहा कर दिया और फिर 27 सितंबर, 2025 को कोर्ट में पेश किया।
हर्षपाल सिंह के वकील ने कहा कि पुलिस ने संविधान के आर्टिकल 22(2) और BNSS के सेक्शन 187 के नियमों का उल्लंघन किया, क्योंकि उसने 24 घंटे से अधिक समय पुलिस की कस्टडी में बिताया।
कोर्ट ने कहा कि दिल्ली पुलिस का यह दावा कि हर्षपाल सिंह को अरेस्ट के एक दिन बाद रिहा कर दिया गया, "बहुत शक वाला लगता है"। जबकि पुलिस ने कहा कि आरोपी भागने की कोशिश कर सकता है, कोर्ट ने हर्षपाल सिंह के तीन हफ्ते के लिए रिहा होने के बाद पूछताछ के लिए पेश होने की ओर इशारा किया।




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