delhi high court refuses hearing compensation government job terror victims policy matter आतंकी हमलों के पीड़ितों को मुआवजा-सरकारी नौकरी की मांग, दिल्ली HC ने सुनवाई से किया इनकार, Ncr Hindi News - Hindustan
More

आतंकी हमलों के पीड़ितों को मुआवजा-सरकारी नौकरी की मांग, दिल्ली HC ने सुनवाई से किया इनकार

दिल्ली उच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय राजधानी में आतंकी हमलों में मारे गए लोगों के परिजनों को मुआवजा व सरकारी रोजगार के लाभ देने की मांग वाली जनहित याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है।

Wed, 29 April 2026 06:08 PMRatan Gupta लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली, नीतू
share
आतंकी हमलों के पीड़ितों को मुआवजा-सरकारी नौकरी की मांग, दिल्ली HC ने सुनवाई से किया इनकार

दिल्ली उच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय राजधानी में आतंकी हमलों में मारे गए लोगों के परिजनों को मुआवजा व सरकारी रोजगार के लाभ देने की मांग वाली जनहित याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है। उच्च न्यायालय ने कहा कि यह सरकार का नीतिगत विषय है, जिस पर अदालत रिट क्षेत्राधिकार में निर्देश नहीं दे सकती।

ऐसे मामलों में अदालत हस्तक्षेप नहीं कर सकता

मुख्य न्यायाधीश देवेन्द्र कुमार उपाध्याय व न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने कहा कि याचिका में की गई मांगें नीति निर्धारण के दायरे में आती हैं। ऐसे मामलों में न्यायालय हस्तक्षेप नहीं कर सकता। मामला साउथ एशियन फोरम फॉर पीपल अगेंस्ट टेरर द्वारा दायर जनहित याचिका से संबंधित है। इस मामले में आतंकी हमलों में मारे गए लोगों के परिवारों के लिए मुआवजा नीति तथा उनके आश्रितों को सरकारी रोजगार में रियायत देने की मांग की गई है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:दिल्ली मेट्रो के इलेक्ट्रिक सिग्नल हुए फेल! आधा घंटे से रुकी ट्रेन- देखें PHOTOS

सरकार के पास कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं

याचिकाकर्ता की तरफ से दलील दी गई कि हालिया लालकिला हमले सहित विभिन्न आतंकी घटनाओं के बावजूद केन्द्र व दिल्ली सरकार के पास पीड़ित परिवारों को मुआवजा या सार्वजनिक रोजगार लाभ देने के लिए कोई स्पष्ट नीति या दिशा-निर्देश नहीं हैं। इस पर पीठ ने कहा कि ऐसी नीति बनाना सरकार का प्रशासनिक कार्य है। अदालत इसे बनाने का निर्देश नहीं दे सकती।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:गुजरात के नर्मदा में कमल मुरझाया, चली आप की झाड़ू; इस फैक्टर ने दिलाई जीत

याचिकाकर्ता सरकार को आवेदन दें

हालांकि पीठ ने याचिकाकर्ता संस्था को स्वतंत्रता दी कि वह दो सप्ताह के भीतर केन्द्र सरकार व दिल्ली सरकार के प्राधिकारियों के समक्ष अपना आवेदन दें। पीठ ने निर्देश दिया कि यदि ऐसा आवेदन दिया जाता है तो संबंधित प्राधिकारी उस पर शीघ्र विचार कर कानून के अनुसार निर्णय लें। इसके साथ ही पीठ ने जनहित याचिका का निपटारा कर दिया। आपको बताते चलें कि 10 नवंबर 2025 को दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास धीमी गति से चल रही एक कार में भीषण विस्फोट हुआ था। इस विस्फोट में कम से कम 13 लोगों की मौत हुई थी।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:लाहौर से दिल्ली तक, कैसे बना दिल्ली हाई कोर्ट? 1966 की कहानी जो कम लोग जानते हैं
लेटेस्ट Hindi News , Delhi News , Ghaziabad News , Noida News , Gurgaon News और Faridabad News सहित पूरी NCR News पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।