gujarat nikay chunav, narmada aap win and bjp loss, know chaitar vasava factor गुजरात के नर्मदा में कमल मुरझाया, चली आप की झाड़ू; केजरीवाल नहीं इस फैक्टर ने दिलाई जीत, Gujarat Hindi News - Hindustan
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गुजरात के नर्मदा में कमल मुरझाया, चली आप की झाड़ू; केजरीवाल नहीं इस फैक्टर ने दिलाई जीत

Gujarat Local Body Election Results: 34 में से 33 जिला पंचायतों में जीत दर्ज करने वाली भाजपा का कमल नर्मदा में मुरझा गया है और आप की झाड़ू चल गई है। मगर यहां मिली जीत का क्रेडिट आप सुप्रीमों अरविंद केजरीवाल के खाते में जाता नहीं दिख रहा। इस जीत का हीरो कोई और है। आखिर कौन?

Wed, 29 April 2026 03:06 PMRatan Gupta लाइव हिन्दुस्तान, नर्मदा
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गुजरात के नर्मदा में कमल मुरझाया, चली आप की झाड़ू; केजरीवाल नहीं इस फैक्टर ने दिलाई जीत

Gujarat Local Body Election Results: गुजरात के स्थानीय निकाय चुनाव में पहली बार आम आदमी पार्टी ने नर्मदा जिला पंचायत और 12 तालुका पंचायतों में जीत दर्ज की है। इस तरह 34 में से 33 जिला पंचायतों में जीत दर्ज करने वाली भाजपा का कमल नर्मदा में मुरझा गया है और आप की झाड़ू चल गई है। मगर यहां मिली जीत का क्रेडिट आप सुप्रीमों अरविंद केजरीवाल के खाते में जाता नहीं दिख रहा। इस जीत का हीरो कोई और है। आखिर कौन? आखिर वो कौन सा फैक्टर रहा, जिसने भाजपा को पछाड़ आप को जीत दिलाई, पढ़िये आगे के हिस्सों में।

जहां बनाई दुनिया की सबसे बड़ी मूर्ति, वहीं मुरझाया कमल

आखिर इस जीत को आप इतना बड़ा करके क्यों दिखा रही है? दरअसल नर्मदा जिला पंचायत में भाजपा सरकार ने दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति बनवाई थी, सरदार वल्लभ भाई पटेल की 'स्टेच्यु ऑफ यूनिटी।' भाजपा ऐसा मानकर चल रही थी कि यहां जीतना लगभग तय है, क्योंकि बीते चुनाव में ऐसा ही हुआ था। साल 2021 में भाजपा ने 22 में से 19 सीटों पर जीत हांसिल की थी। वहीं 2 सीट कांग्रेस के खाते में गई थीं। लेकिन इस बार मामला पूरा उलट गया और नर्मदा में भाजपा का कमल मुरझा गया।

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नर्मदा में झाड़ू चलने का क्रेडिट केजरीवाल को नहीं, फिर किसे?

इस बार केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी की झाड़ू चली, जबकि भाजपा का कमल खिलने के बजाय मुरझा गया। मगर सीधे तौर पर आप की इस जीत का क्रेडिट केजरीवाल को नहीं दिया जा रहा है। इसका श्रेय डेडियापाड़ा के विधायक चैतर वसावा को दिया जा रहा है। कहा जा रहा है कि वसावा के प्रभुत्व और व्यक्तिगत प्रभाव ने आप को नर्मदा जिला पंचायत में जीत दिलाई है।

आम आदमी पार्टी के लिए क्यों खास है नर्मदा की जीत

ये जीत इसलिए भी खास है, क्योंकि आप ने 34 जिला पंचायतों में से एकमात्र नर्मदा जिला पंचायत को अपने नाम किया है। बाकी हर जगह हार का स्वाद चखना पड़ा है। इस तरह आप ने गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में पहली बार नर्मदा जिला पंचायत और 12 तालुका पंचायतों में जीत दर्ज की है। कुल मिलाकर निकाय चुनावों में आम आदमी पार्टी ने 350 से अधिक सीटें हासिल की हैं, ये 2021 के स्थानीय निकाय चुनाव में मिली 69 सीटों से काफी अधिक हैं।

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गुजरात में आप का फायरब्रांड आदिवासी नेता, चैतर वसावा

चैतर वसावा को गुजरात में आम आदमी पार्टी का फायरब्रांड आदिवासी नेता कहा जाता है। वसावा नर्मदा जिले की डेडियापाड़ा विधानसभा से विधायक हैं। उन्हें एक तालुका पंचायत कर्मचारी पर कथित हमले के आरोप में अरेस्ट भी किया जा चुका है। 2022 के चुनाव में आप को पांच सीटें मिली थी, इनमें सबसे बड़े अंतर से चैतर वसावा ही जीते थे। चैतर वसावा के राजनीतिक प्रभुत्व के चलते आम आदमी पार्टी ने विधानसभा में नेता विधायक दल भी बनाया हुआ है।

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आदिवासी मुद्दों को उठाया, जेल जाने के बावजूद लोगों ने दिखाया भरोसा

कुल मिलाकर वसावा की जमीनी पकड़ अच्छी है, इसका परिणाम गुजरात निकाय चुनाव में देखने को मिला है। कहा जा रहा है कि ये उनके व्यक्तिगत प्रभाव का कमाल है, क्योंकि वो लंबे अरसे से आदिवासी मुद्दों और अधिकारों को लेकर संघर्ष करते रहे हैं। इसलिए जो जनाधार मिला है, वो जमीन विवाद, जंगल अधिकारों, स्थानीय प्रशासनिक मुद्दों पर वसावा द्वारा जनता की आवाज उठाने के चलते मिला है। हालांकि बीते साल वसावा को जेल भेजा गया था, उनके ऊपर पंचायत पदाधिकारी पर जानलेवा हमला करने का आरोप था। लेकिन, ऐसा प्रतीत हो रहा है कि इससे उन्हें राजनीतिक फायदा मिला है।

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