बगैर अनुमति जुबिन नौटियाल की आवाज का इस्तेमाल नहीं; HC ने AI प्लेटफॉर्म्स को भी रोका
दिल्ली हाईकोर्ट ने जुबिन नौटियाल के व्यक्तित्व अधिकारों (Personality Rights) की रक्षा के लिए विभिन्न वेबसाइटों, ऑनलाइन और एआई प्लेटफॉर्म को जुबिन की सहमति के बिना उनके नाम, आवाज, फोटो और गायन शैली के कॉमर्शियल इस्तेमाल करने से रोक दिया है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रसिद्ध गायक जुबिन नौटियाल के व्यक्तित्व अधिकारों (Personality Rights) की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश जारी किया है। अदालत ने वेबसाइटों, ऑनलाइन और एआई प्लेटफॉर्मों को जुबिन की सहमति के बिना उनके नाम, आवाज, फोटो, गायन शैली या डिजिटल अवतार का कॉमर्शियल इस्तेमाल करने से रोक लगा दी है। अदालत ने माना कि गायक की पहचान का अनधिकृत इस्तेमाल उनकी प्रतिष्ठा और कमाई को नुकसान पहुंचा सकता है।
अदालत से लगाई गई थी गुहार
न्यायमूर्ति तुषार राव गडेला गायक जुबिन नौटियाल की उस याचिका पर सुनवाई कर रहे थे जिसमें एआई प्लेटफॉर्म और विभिन्न वेबसाइटों को उनके नाम, आवाज, गायन शैली और पर्सनालिटी का गलत इस्तेमाल करने से रोकने की मांग की गई थी। अदालत ने 19 फरवरी को एक अंतरिम आदेश में कहा कि जुबिन नौटियाल के पास अपने पर्सनालिटी अधिकारों को लेकर एक मजबूत मामला है।आदेश के अभाव में गायक को अपूरणीय क्षति हो सकती है।
बिना इजाजत नहीं कर सकते आवाज का इस्तेमाल
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि वादी (जुबिन नौटियाल) को हुआ नुकसान असल प्रतीत होता है। इसके साथ ही अदालत ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों, एआई टूल्स और ई-कॉमर्स वेबसाइटों को सिंगर जुबिन नौटियाल की पर्सनालिटी, आवाज, तस्वीरों का बिना इजाजत के कॉमर्शियल इस्तेमाल तुरंत बंद कर दें। अदालत ने विभिन्न पक्षों को निर्देश दिया कि वे जुबिन नौटियाल के पर्सनैलिटी या प्रचार अधिकारों से जुड़ी किसी भी खासियत का कॉमर्शियल लाभ के लिए दुरुपयोग ना करें।
AI प्लेटफॉर्म्स को भी रोका
अदालत ने गलत कंटेंट हटाने का आदेश भी जारी किया। साथ ही ऐसा मटीरियल अपलोड करने के लिए जिम्मेदार लोगों की डिटेल्स बताने को भी कहा। अदालत ने कहा कि सिंगर के नाम, आवाज, गायन की स्टाइल, इमेज, सिग्नेचर या किसी भी पहचाने जाने वाले पर्सनैलिटी ट्रेट्स का कमर्शियल या पर्सनल फायदे के लिए इस्तेमाल बिना इजाजत के नहीं किया जा सकता है। यह ऑर्डर AI से बनी आवाजें, डीपफेक, फेस-मॉर्फ्ड वीडियो और इसी तरह के सिंथेटिक कंटेंट पर भी रोक लगाता है।
AI प्लेटफॉर्म कर रहे थे आवाज की क्लोनिंग
अदालत ने उन आरोपों पर ध्यान दिया कि कुछ AI प्लेटफॉर्म और डिजिटल टूल जुबिन नौटियाल की आवाज की क्लोनिंग कर रहे थे और उनके सिंगिंग स्टाइल की नकल करते हुए ऑडियो कंटेंट बना रहे थे। वहीं ऑनलाइन सेलर बिना इजाजत के जुबिन नौटियाल के नाम और समानता वाले पोस्टर, स्टिकर और दूसरे मर्चेंडाइज की मार्केटिंग कर रहे थे। अदालत आगे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को उल्लेखित उल्लंघन वाले लिंक हटाने या ब्लॉक करने का निर्देश देती है।




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