Delhi HC Verdict on Arvind Kejriwal Manish Sisodia is Shocking Illegal Says CBI केजरीवाल पर दिल्ली HC का फैसला बेहद चौंकाने वाला, अवैध; CBI ने अपनी याचिका में क्या कहा, Ncr Hindi News - Hindustan
More

केजरीवाल पर दिल्ली HC का फैसला बेहद चौंकाने वाला, अवैध; CBI ने अपनी याचिका में क्या कहा

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने दिल्ली आबकारी नीति मामले में सभी आरोपियों को बरी करने के निचली अदालत के फैसले के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में 974 पन्नों की एक पुनरीक्षण याचिका दायर की है।

Sun, 1 March 2026 01:22 PMAditi Sharma लाइव हिन्दुस्तान
share
केजरीवाल पर दिल्ली HC का फैसला बेहद चौंकाने वाला, अवैध; CBI ने अपनी याचिका में क्या कहा

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने दिल्ली आबकारी नीति मामले में सभी आरोपियों को बरी करने के निचली अदालत के फैसले के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में 974 पन्नों की एक पुनरीक्षण याचिका दायर की है। सीबीआई ने विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह द्वारा 27 फरवरी को पारित आदेश को पूरी तरह से अवैध और त्रुटिपूर्ण करार दिया है। एजेंसी का तर्क है कि न्यायाधीश ने मामले का गहराई से विश्लेषण करने के बजाय केवल चुनिंदा तथ्यों को पढ़ा और एक तरह से मिनी-ट्रायल चला दिया, जो आरोप तय करने के चरण में कानूनन सही नहीं है। याचिका में यह भी कहा गया है कि अदालत ने साजिश के विभिन्न पहलुओं को जोड़कर देखने के बजाय उन्हें अलग-अलग हिस्सों में देखा, जिससे जांच एजेंसी के मूल मामले की अनदेखी हुई।

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, सीबीआई ने उस निर्देश पर आपत्ति जताई है जिसमें अदालत ने मामले की जांच करने वाले सीबीआई अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की थी। एजेंसी ने इसे बेहद चौंकाने वाला बताते हुए इस पर रोक लगाने की मांग की है।

सीबीआई का कहना है कि अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया की भूमिका का विश्लेषण करने में निचली अदालत ने गलती की है और पूरी साजिश को समग्र रूप से नहीं समझा। याचिका के अनुसार, न्यायाधीश की टिप्पणियां कानून की गलत समझ और गलत तथ्यों पर आधारित हैं, जो जांच एजेंसी के प्रति अनुचित रूप से कठोर हैं।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:केजरीवाल-सिसोदिया को बरी करने के आदेश के खिलाफ HC करेगा सुनवाई
ये भी पढ़ें:दिल्ली में आज AAP की मेगा रैली, अरविंद केजरीवाल जंतर-मंतर पर दिखाएंगे ताकत
ये भी पढ़ें:केजरीवाल ने 126 दिन जेल में बिताए, इसकी भरपाई कौन करेगा? कपिल सिब्बल का सवाल

क्या है मामला?

यह मामला 2022 में उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना की शिकायत पर दर्ज किया गया था, जिसमें आरोप था कि 2021-22 की आबकारी नीति में जानबूझकर खामियां छोड़ी गईं ताकि शराब व्यापार में एकाधिकार और गुटबंदी को बढ़ावा दिया जा सके।

सीबीआई ने दावा किया था कि आम आदमी पार्टी के नेताओं को इसके बदले 'किकबैक' (रिश्वत) मिले थे। हालांकि, 27 फरवरी को ट्रायल कोर्ट ने सभी 23 आरोपियों को यह कहते हुए बरी कर दिया कि सीबीआई का मामला केवल अनुमानों पर आधारित है और न्यायिक जांच में टिकने योग्य नहीं है। अदालत ने सरकारी गवाहों के बयानों के आधार पर केस बनाने के लिए भी एजेंसी को कड़ी फटकार लगाई थी, जिसके खिलाफ अब सीबीआई ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

लेटेस्ट Hindi News , Delhi News , Ghaziabad News , Noida News , Gurgaon News और Faridabad News सहित पूरी NCR News पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।