Kapil Sibal slams prolonged CBI probes after Kejriwal court discharge केजरीवाल ने 126 दिन जेल में बिताए, इसकी भरपाई कौन करेगा? कपिल सिब्बल का सरकार से सवाल, Ncr Hindi News - Hindustan
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केजरीवाल ने 126 दिन जेल में बिताए, इसकी भरपाई कौन करेगा? कपिल सिब्बल का सरकार से सवाल

राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने कहा कि सीबीआई को पता था कि दोष सिद्ध करने के लिए उनके पास कोई सबूत मौजूद नहीं है। उन्होंने सरकार से पूछा कि केजरीवाल ने 126 दिन और मनीष सिसोदिया ने 503 दिन जेल में बिताए। इसकी भरपाई कौन करेगा? किसे जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए?

Sat, 28 Feb 2026 03:02 PMSubodh Kumar Mishra एएनआई, नई दिल्ली
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केजरीवाल ने 126 दिन जेल में बिताए, इसकी भरपाई कौन करेगा? कपिल सिब्बल का सरकार से सवाल

राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने सीबीआई पर जानबूझकर जांच को लंबा खींचने का आरोप लगाया। सिब्बल ने कहा कि सीबीआई को पता था कि दोष सिद्ध करने के लिए उनके पास कोई सबूत मौजूद नहीं है। उन्होंने सरकार से पूछा कि केजरीवाल ने 126 दिन और मनीष सिसोदिया ने 503 दिन जेल में बिताए। इसकी भरपाई कौन करेगा? किसे जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए?

जानबूझकर जांच को लंबा खींचा

राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने शनिवार को आबकारी नीति मामले में आरोप मुक्त हुए आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के मामले में सीबीआई की खिंचाई की। उन्होंने कहा कि सीबीआई को पता था कि उनके पास दोष सिद्ध करने के लिए कोई सबूत मौजूद नहीं है, इसलिए जानबूझकर जांच को लंबा खींचा।

सिब्बल ने जांच एजेंसी पर आरोप लगाया कि वह जिसे चाहे उसे निशाना बना रही है। भारतीय जनता पार्टी के फायदे के लिए जांच को एक राजनीतिक चाल के रूप में खींच रही है। सिब्बल ने अपने दावे के उदाहरण के रूप में कांग्रेस नेता पी चिदंबरम के खिलाफ मामलों का हवाला दिया।

जिन्हें वे चाहते हैं आरोपी बना देते हैं

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिब्बल ने कहा कि सीबीआई की जांच बिना किसी नतीजे के लंबी खिंचती जा रही है। वे एक के बाद एक उन लोगों को आरोपी बना देते हैं जिन्हें वे चाहते हैं। जांच चलती रहती है और लोग सालों तक जेल में रहते हैं। और फिर जाहिर है मामले में कुछ नहीं होता। चिदंबरम के मामले में क्या हुआ? कुछ नहीं।

100 करोड़ का घोटाला फिर भी कोई वसूली नहीं

केजरीवाल और अन्य आम आदमी नेताओं द्वारा जेल में बिताए गए समय का जिक्र करते हुए उन्होंने इस स्थिति के लिए जवाबदेही की मांग की। उन्होंने कहा कि अदालत ने 27 फरवरी को अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और के. कविता समेत अन्य लोगों को आरोप मुक्त कर दिया। अब मैं सरकार से पूछना चाहता हूं कि केजरीवाल ने 126 दिन और मनीष सिसोदिया ने 503 दिन जेल में बिताए। इसकी भरपाई कौन करेगा? किसे जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए? उन्होंने दावा किया कि यह 100 करोड़ रुपए का घोटाला था, फिर भी कोई वसूली नहीं हुई और इस मामले में कोई वित्तीय लेनदेन साबित नहीं हुआ।

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उनकी सोच राजनीतिक है

उन्होंने आरोप लगाया कि सीबीआई की कार्रवाई राजनीतिक रूप से प्रेरित है। सिब्बल ने दावा किया कि यह भाजपा की जीत सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है। उन्होंने कहा कि उनके पास कोई ठोस सबूत नहीं है और उनकी सोच राजनीतिक है। उनका मानना ​​है कि सरकार को गिराना ही होगा। भाजपा को जीतना ही होगा।

केजरीवाल, सिसोदिया तथा 21 अन्य लोग आरोप मुक्त

बता दें कि एक दिन पहले राउज एवेन्यू कोर्ट ने सीबीआई के दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति मामले में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया तथा 21 अन्य लोगों को आरोप मुक्त कर दिया। यह मामला आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा लाई गई दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति 2021-22 में भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़ा था। सीबीआई ने आरोप लगाया था कि यह नीति कुछ निजी शराब लाइसेंसधारियों को लाभ पहुंचाने के लिए बनाई गई थी, जिसमें कथित तौर पर लाइसेंस शुल्क कम करना और लाभ मार्जिन तय करना शामिल था। इससे रिश्वतखोरी हुई और दिल्ली सरकार को वित्तीय नुकसान हुआ।

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सीबीआई ने हाई कोर्ट में चुनौती दी

दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना की शिकायत के बाद सीबीआई ने अगस्त 2022 में एफआईआर दर्ज की थी। एजेंसी के अनुसार, नीति निर्माण के चरण में ही आपराधिक साजिश रची गई थी और निविदा प्रक्रिया के बाद चुनिंदा संस्थाओं को लाभ पहुंचाने के लिए जानबूझकर खामियां डाली गई थीं।

कोर्ट ने सीबीआई द्वारा अपनाई गई जांच पद्धति की आलोचना करते हुए कहा कि एजेंसी का सिद्धांत मान्य साक्ष्यों के बजाय अनुमानों पर आधारित था। कोर्ट ने कुछ सीबीआई अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच की सिफारिश की। इस बीच, सीबीआई ने दिल्ली हाई कोर्ट में आप नेताओं की बर्खास्तगी आदेश को चुनौती देकर इसे रद्द करने की मांग की है।

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