Delhi High Court to hear CBI plea challenging discharge of Kejriwal and Sisodia in excise policy case CBI की याचिका पर सुनवाई करेगा HC, केजरीवाल-सिसोदिया को बरी करने के आदेश को चुनौती, Ncr Hindi News - Hindustan
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CBI की याचिका पर सुनवाई करेगा HC, केजरीवाल-सिसोदिया को बरी करने के आदेश को चुनौती

दिल्ली हाई कोर्ट सीबीआई द्वारा दायर याचिका पर 9 मार्च को सुनवाई करेगा। इस याचिका में निचली अदालत के उस आदेश को चुनौती दी गई है जिसमें दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया गया था।

Sun, 1 March 2026 09:22 AMSubodh Kumar Mishra एएनआई, नई दिल्ली
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CBI की याचिका पर सुनवाई करेगा HC, केजरीवाल-सिसोदिया को बरी करने के आदेश को चुनौती

दिल्ली हाई कोर्ट सीबीआई द्वारा दायर याचिका पर 9 मार्च को सुनवाई करेगा। इस याचिका में निचली अदालत के उस आदेश को चुनौती दी गई है जिसमें दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया गया था। हाई कोर्ट की केस सूची के अनुसार इस मामले की सुनवाई जस्टिस स्वर्णकांत शर्मा की पीठ करेगी।

सीबीआई ने रद्द की जा चुकी दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति 2021-22 के संबंध में निचली अदालत द्वारा पारित बरी करने के आदेश को रद्द करने के लिए औपचारिक रूप से हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। 27 फरवरी को एक विशेष न्यायालय ने सीबीआई द्वारा दर्ज मामले में सभी आरोपियों को बरी कर दिया। यह आदेश राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने सुनाया था।

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प्रथम दृष्टया कोई मामला नहीं बनता

विशेष न्यायालय ने माना कि उत्पाद शुल्क नीति के निर्माण में कोई व्यापक षड्यंत्र या आपराधिक इरादा नहीं था और अभियोजन पक्ष का मामला न्यायिक जांच में खरा नहीं उतरा। न्यायालय ने कहा कि सीबीआई का आपराधिक षड्यंत्र का सिद्धांत कानूनी रूप से मान्य साक्ष्यों के बजाय अनुमानों पर आधारित था। न्यायालय ने पाया कि 23 आरोपियों में से किसी के भी खिलाफ प्रथम दृष्टया कोई मामला नहीं बनता है और उन्हें बरी करने का आदेश दिया।

एजेंसी के जांच दृष्टिकोण पर भी चिंता

न्यायाधीश ने एजेंसी के जांच दृष्टिकोण पर भी चिंता व्यक्त की। विशेष रूप से गवाह के बयान पर उसकी निर्भरता पर। न्यायालय ने कहा कि किसी आरोपी को क्षमादान देना और फिर उसके बयान का उपयोग अभियोजन पक्ष के मामले में कमियों को भरने या अन्य व्यक्तियों को फंसाने के लिए करना अनुचित है। यह संवैधानिक सुरक्षा उपायों का उल्लंघन हो सकता है। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि वह सीबीआई अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच की सिफारिश करेगी, जिन्होंने लोक सेवक कुलदीप सिंह को इस मामले में मुख्य आरोपी बनाया है।

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लाभ पहुंचाने के लिए बनाई गई थी नीति

यह मामला आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा लागू की गई दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति 2021-22 में भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़ा है। सीबीआई का आरोप है कि यह नीति कुछ निजी शराब लाइसेंसधारियों को लाभ पहुंचाने के लिए बनाई गई थी। इसके कारण कथित तौर पर रिश्वतखोरी हुई और दिल्ली सरकार को वित्तीय नुकसान हुआ।

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