दिल्ली में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में होगा बड़ा बदलाव, रेखा सरकार ने की किस बात की तैयारी?
प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को फेसलेस और पेपरलेस बनाने का मतलब होगा कम से कम इंसानी दखल और एक ऑनलाइन प्रक्रिया, जिससे सेल डीड रजिस्टर करवाने के लिए सब-रजिस्ट्रार दफ्तरों में जाने की जरूरत खत्म हो जाएगी।

राष्ट्रीय राजधानी में संपत्ति की खरीद-फरोख्त करने वालों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। दिल्ली सरकार प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन, पेपरलेस और फेसलेस बनाने की योजना पर नए सिरे से काम कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, अगले 5 से 6 महीनों में यह व्यवस्था धरातल पर उतर सकती है, जिससे लोगों को सब-रजिस्ट्रार दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी।
इस बारे में जानकारी देते हुए दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'दिल्ली सरकार द्वारा सम्पत्ति की सेल डीड, पावर ऑफ अटॉर्नी, वसीयत और कई अन्य डॉक्यूमेंट्स के पंजीयन के लिए नेशनल जेनेरिक डॉक्यूमेंट रजिस्ट्रेशन सिस्टम (NGDRS) का इस्तेमाल शुरू कर दिया गया है। ऐसे में अब सरकार की तैयारी अगले कुछ महीनों में प्रॉपर्टी की सेल डीड का रजिस्ट्रेशन भी पेपरलेस और फेसलेस करने की है। ऐसा करते हुए सरकार का मुख्य उद्देश्य रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप को बिल्कुल कम करना है।'
सॉफ्टवेयर कंपनी को हायर करेगी सरकार
अधिकारी ने बताया कि इस योजना को लागू करने के लिए सरकार द्वारा एक बेहतरीन सॉफ्टवेयर कंपनी को हायर करने की संभावना है, जिससे प्रॉपर्टी ट्रांसफर और रजिस्ट्रेशन से जुड़ी धोखाधड़ी को रोकने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, 'अगर सभी मंजूरियां समय पर मिल जाती हैं, तो यह योजना अगले पांच-छह महीनों में पूरी हो जाएगी।' उन्होंने आगे कहा कि इसके लिए कैबिनेट की मंजूरी के बाद प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन नियमों में बदलाव करने होंगे और उसके बाद इसे विधानसभा में पास कराना होगा।
विधानसभा चुनाव की वजह से हुई देरी
बता दें कि सेल डीड को पेपरलेस और फेसलेस बनाने की पहल कई साल पहले शुरू हुई थी, लेकिन अलग-अलग कारणों से यह अटकी रही। अधिकारियों ने बताया कि पिछले साल रेवेन्यू डिपार्टमेंट ने इसके लिए एक कंसल्टेंट की मदद ली थी, लेकिन विधानसभा चुनावों की वजह से इसमें देरी हुई।
अधिकारियों ने बताया कि प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को फेसलेस और पेपरलेस बनाने का मतलब होगा कम से कम इंसानी दखल और एक ऑनलाइन प्रक्रिया, जिससे सेल डीड रजिस्टर करवाने के लिए सब-रजिस्ट्रार दफ्तरों में जाने की जरूरत खत्म हो जाएगी।
सिर्फ दो कामों के लिए आवेदक को आना होगा दफ्तर
आगे उन्होंने कहा, 'पेपरलेस प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन सिस्टम लागू होने के बाद यह पक्का किया जाएगा कि आवेदन जमा करने से लेकर मालिकाना हक की जांच तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन हो जाए। अधिकारियों ने आगे कहा कि आवेदक को केवल फोटो और बायोमेट्रिक जांच के लिए सब-रजिस्ट्रार दफ्तरों में जाना होगा, जबकि बाकी सब कुछ डिजिटल रूप से रिकॉर्ड और सुरक्षित रखा जाएगा।'
बता दें कि मौजूदा सिस्टम के तहत दिल्ली ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन इंफॉर्मेशन सिस्टम (DORIS) के जरिए डॉक्यूमेंट्स ऑनलाइन जमा किए जा सकते हैं, ई-स्टाम्प का पेमेंट किया जा सकता है और अपॉइंटमेंट बुक किया जा सकता है। हालांकि, यह प्रक्रिया अभी भी ज्यादातर मैन्युअल ही है।




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