Rainwater harvesting is mandatory in Delhi for houses and housing societies exceeding a prescribed size limit दिल्ली में तय सीमा से बड़े घरों व सोसाइटियों में रैन वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य, लापरवाही पर होगा नुकसान, Ncr Hindi News - Hindustan
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दिल्ली में तय सीमा से बड़े घरों व सोसाइटियों में रैन वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य, लापरवाही पर होगा नुकसान

बैठक के दौरान मंत्री ने कहा कि 'दिल्ली में पर्याप्त वर्षा होती है, लेकिन उसका सही उपयोग नहीं हो पाता। हर साल चार महीने तक बारिश का पानी हमारे नालों से बहकर बेकार चला जाता है। यदि हम इस पानी को जमीन में उतारें, तो भूजल स्तर बढ़ा सकते हैं और हर साल आने वाले जल संकट को कम कर सकते हैं।'

Mon, 20 April 2026 05:24 PMSourabh Jain हिन्दुस्तान टीम, अमित झा, नई दिल्ली
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दिल्ली में तय सीमा से बड़े घरों व सोसाइटियों में रैन वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य, लापरवाही पर होगा नुकसान

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लगातार गिर रहे भूजल स्तर की चुनौती से निपटने और बारिश की हर बूंद को सहेजने के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए सरकार ने घरों व सोसाइटियों में रैनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को अनिवार्य रूप से लागू करने और इसकी सख्ती से निगरानी करने का निर्देश दिया है। यह आदेश जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने सोमवार को दिल्ली सचिवालय में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। बैठक में सभी विभागों को स्पष्ट और समयबद्ध लक्ष्य दिए गए। जिसके अंतर्गत सरकारी इमारतों, पार्कों, रिहायशी कॉलोनियों और संस्थागत परिसरों में मॉनसून से पहले कार्यशील रैनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करना अनिवार्य होगा।

सरकार के मुताबिक ज्यादा से ज्यादा 'वर्षा जल' का संचयन करने से मॉनसून के दौरान भूजल स्तर बढ़ेगा, साथ ही शहरी जलभराव और अगली गर्मियों में पानी की कमी, दोनों समस्याओं का समाधान भी संभव होगा। मंत्री ने बताया कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'कैच द रैन — वेयर इट फॉल्स, व्हेन इट फॉल्स' के विजन के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाना है। मंत्री ने कहा कि 'बारिश प्रकृति का उपहार है। हम इसे व्यर्थ नहीं जाने दे सकते। यदि हर नागरिक और हर विभाग जिम्मेदारी निभाए, तो दिल्ली जल संकट से जल सुरक्षा की ओर बढ़ सकती है।'

बैठक में अधिकारियों को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि दिल्ली में पर्याप्त वर्षा होती है, लेकिन उसका सही उपयोग नहीं हो पाता। उन्होंने कहा, 'हर साल चार महीने तक बारिश का पानी हमारे नालों से बहकर बेकार चला जाता है। यदि हम इस पानी को जमीन में उतारें, तो भूजल स्तर बढ़ा सकते हैं और हर साल आने वाले जल संकट को कम कर सकते हैं।'

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'सरकारी इमारतों को उदाहरण पेश करना होगा'

बैठक में मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा, 'हर विभाग को जिम्मेदारी दी गई है। सबसे पहले सरकारी इमारतों को उदाहरण पेश करना होगा- जहां सिस्टम नहीं हैं, वहां तुरंत लगाए जाएं और जहां पहले से मौजूद हैं, उन्हें मॉनसून से पहले पूरी तरह कार्यशील बनाया जाए'। इस बैठक में दिल्ली सरकार और भारत सरकार के 60 से अधिक विभागों के अधिकारी शामिल हुए।

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उन्होंने बताया कि 'सिस्टम लगवाने में आने वाली लागत का एक हिस्सा दिल्ली जल बोर्ड वहन करेगा और जहां रैनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम कार्यशील होंगे, वहां के रहवासियों को 10% की छूट भी दी जाएगी। वहीं, यदि सिस्टम स्थापित नहीं किए गए या उनका रखरखाव नहीं हुआ, तो यह छूट वापस ली जा सकती है।'

आगे रैन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को लेकर जांच शुरू करने को लेकर उन्होंने कहा, 'अब तक नियम तो था, लेकिन उसकी वास्तविक जांच नहीं होती थी। अब यह बदलेगा। हम एक ऐसी व्यवस्था लाएंगे जिसमें सत्यापन और जवाबदेही सुनिश्चित होगी, ताकि यह जमीन पर लागू हो और सिर्फ कागजों तक सीमित न रहे।'

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'हर साल लिखकर देना होगा RWH चालू है'

साथ ही उन्होंने बताया कि, 'एक स्व-घोषणा (सेल्फ डिस्क्लोजर) प्रणाली भी लागू की जाएगी, जिसके तहत संपत्ति मालिक हर वर्ष यह प्रमाणित करेंगे कि उनका सिस्टम कार्यशील है। इससे निरंतर अनुपालन सुनिश्चित होगा और जिम्मेदारी की भावना भी विकसित होगी।'

'अबतक चेकिंग का कोई नियम नहीं था'

इस बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए प्रवेश वर्मा ने कहा, ‘रैन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य है, सबको जो लोग भी MCD से बिल्डिंग का नक्शा पास कराते हैं, उसके लिए नियम है कि उन सबको ये अपने घर में करना है। मगर बाद में उसके लिए कोई चेकिंग नहीं होती है, हम इसमें सेल्फ डिस्क्लोजर की स्कीम भी लेकर आएंगे, कि हर साल जो संपत्ति मालिक अपनी तरफ से एफिडेविट देता रहेगा, बताता रहेगा कि उसके यहां पर ये चालू है तो उसको 10 प्रतिशत की छूट भी मिलेगी।’

'500 गज से बड़े मकानों के लिए RWH जरूरी'

आगे उन्होंने कहा, 'सभी के यहां पर इसको करना अनिवार्य है, मगर अभी तक इसके लिए चेकिंग नहीं होती थी, अब हम इसके लिए चेकिंग की व्यवस्था को शुरू करेंगे, और लोगों से अपील करेंगे कि वो अपने RWS में, अपनी सोसाइटीज में और अपने घरों में खासकर के जो 500 गज या 500 मीटर से ऊपर के मकान हैं, उनमें ये जरूरी हो कि उन घरों में रैन वाटर हार्वेस्टिंग हो।'

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