पुरानी गाड़ी हटाएं, इलेक्ट्रिक कार पर भारी छूट पाएं; दिल्ली सरकार लाई नई EV पॉलिसी
अगर आपकी पुरानी कार अब सिर्फ गैरेज की शोभा बढ़ा रही है है तो उसे ‘कबाड़’ समझने की भूल न करें। दिल्ली सरकार की नई ई-वाहन नीति आपकी उसी पुरानी गाड़ी के बदले नई चमचमाती इलेक्ट्रिक कार पर पूरे एक लाख रुपये तक की छूट लेकर आई है।

अगर आपकी पुरानी कार अब सिर्फ गैरेज की शोभा बढ़ा रही है है तो उसे ‘कबाड़’ समझने की भूल न करें। दिल्ली सरकार की नई ई-वाहन नीति आपकी उसी पुरानी गाड़ी के बदले नई चमचमाती इलेक्ट्रिक कार पर पूरे एक लाख रुपये तक की छूट लेकर आई है। नई ईवी नीति के तहत पुरानी कार को अधिकृत स्क्रैपिंग केंद्र पर जमा कराना होगा और उसके छह महीने के भीतर नई इलेक्ट्रिक कार खरीदनी होगी।
नई नीति में राजधानी में वायु प्रदूषण कम करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत ई-कार खरीदने पर एक लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह लाभ पहले एक लाख वाहनों की खरीद तक उपलब्ध होगा। इसी तरह पुराने दोपहिया वाहन को स्क्रैप करने पर 10 हजार रुपये और तिपहिया वाहन के स्क्रैप पर 25 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह राशि सीधे खरीदार के बैंक खाते में भेजी जाएगी। नई ई-वाहन नीति में चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग नेटवर्क को भी बढ़ाने की योजना है। दिल्ली ट्रांस्को लिमिटेड को चार्जिंग नेटवर्क का नोडल एजेंसी बनाया गया है।
61 लाख वाहनों की आयु पूरी
● 2025 में परिवहन विभाग की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में करीब 61 लाख से ज्यादा ऐसे वाहन हैं जो आयु पूरी कर चुके हैं। इनमें तकरीन 41 लाख दो पहिया, 18 लाख चार पहिया और तकरीबन दो लाख अन्य वाहन हैं।
● राजधानी में 2024-25 में तकरीबन 11.4 फीसदी की दर से लोगों ने ईवी वाहनों की बिक्री बढ़ी है। 31 मार्च 2026 तक यह बढ़कर 20 फीसदी के आसपास पहुंचने की उम्मीद है। - दिल्ली में फिलहाल 1.09 लाख इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हैं। इनमें चार हजार से ज्यादा इलेक्ट्रिक बसें डीटीसी और डिम्ट्स के बेड़े में शामिल हैं।
● दिल्ली में करीब 61 लाख से ज्यादा ऐसे वाहन हैं जो आयु पूरी कर चुके हैं। इनमें 41 लाख दो पहिया, 18 लाख चार पहिया हैं।
● राजधानी में 2024-25 में तकरीबन 11.4 फीसदी की दर से इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री बढ़ी है।
● दिल्ली में 1.09 लाख इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हैं। इनमें चार हजार से ज्यादा इलेक्ट्रिक बसें हैं।
चार्जिंग स्टेशन की अनुमति के लिए एकल खिड़की
चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए एकल खिड़की प्रणाली शुरू की जाएगी, जिससे अनुमति और बिजली कनेक्शन जल्दी मिल सके। इसके अलावा सरकार एक डिजिटल पोर्टल भी बनाएगी, जिसके जरिये पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। निगरानी के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति गठित की जाएगी।
पिंक और रेनबो ऑटो
नई नीति में महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। राजधानी में पिंक ऑटो योजना के तहत दो हजार पिंक ई-ऑटो सड़कों पर उतारे जाएंगे। वहीं, रेनबो योजना के तहत ट्रांसजेंडर समुदाय को 500 ई-ऑटो दिए जाएंगे। सभी इलेक्ट्रिक वाहनों पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में 100 फीसदी छूट दी जाएगी, जो वर्ष 2030 तक लागू रहेगी। साथ ही सरकारी बेड़े में खरीदी जाने वाली नई गाड़ियां केवल इलेक्ट्रिक होंगी।




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