Delhi Government Master Plan for Boosting the Economy and Providing Jobs for Youth दिल्ली में 3 नए इंडस्ट्रियल एस्टेट; अर्थव्यवस्था को रफ्तार और युवाओं को रोजगार का मास्टर प्लान तैयार, Ncr Hindi News - Hindustan
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दिल्ली में 3 नए इंडस्ट्रियल एस्टेट; अर्थव्यवस्था को रफ्तार और युवाओं को रोजगार का मास्टर प्लान तैयार

देश की राजधानी दिल्ली की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए दिल्ली सरकार ने बड़ा मास्टरप्लान तैयार किया है। इसके तहत दिल्ली में तीन नए ग्रीन फील्ड इंडस्ट्रियल एस्टेट (हरित क्षेत्र औद्योगिक परिसर) विकसित किए जाएंगे। 

Thu, 9 April 2026 05:18 AMSubodh Kumar Mishra हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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दिल्ली में 3 नए इंडस्ट्रियल एस्टेट; अर्थव्यवस्था को रफ्तार और युवाओं को रोजगार का मास्टर प्लान तैयार

देश की राजधानी दिल्ली की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देने और यहां के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए दिल्ली सरकार ने बड़ा मास्टरप्लान तैयार किया है। इसके तहत दिल्ली में तीन नए ग्रीन फील्ड इंडस्ट्रियल एस्टेट (हरित क्षेत्र औद्योगिक परिसर) विकसित किए जाएंगे। इससे दिल्ली की अर्थव्यवस्था को रफ्तार मिलेगी।

1143 एकड़ को ग्रीनफील्ड बनाया जाएगा

अधिकारियों के मुताबिक, इसका कुल क्षेत्रफल 1143 एकड़ का होगा। इन्हें ग्रीनफील्ड बनाया जाएगा। पर्यावरण को साफ रखने के लिए यहां एआई, ईवी, इलेक्ट्रानिक्स और बायोटेक्नोलॉजी से संबंधित उद्योग लगाए जाएंगे। सरकार ने इसके लिए कैबिनेट नोट तैयार किया है। इसका विस्तृत खाका मार्च में जारी दिल्ली आर्थिक सर्वेक्षण 2026 में पेश किया है।

योजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा उत्तर-पश्चिम दिल्ली का कंझावाला इलाका है। यहां 915 एकड़ भूमि पर एक विशाल इंडस्ट्रियल स्टेट विकसित किया जाएगा। यह अब तक के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्रों में से एक होगा।

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हरित उद्योग को बढ़ाने की तैयारी

दिल्ली में फिलहाल 30 से अधिक पुराने औद्योगिक क्षेत्र (जैसे ओखला, वजीरपुर, नरेला) हैं, जो दशकों पुराने हैं और वहां जगह की भारी कमी है। दिल्ली में सर्विस सेक्टर का योगदान तो बढ़ रहा है, लेकिन मैन्युफैक्चरिंग को आधुनिक बनाने के लिए ‘ग्रीन फील्ड’ (पूरी तरह नई जमीन पर शून्य से निर्माण) प्रोजेक्ट की दरकार थी। इन इलाकों को रेजिडेंशियल इलाकों से दूर और पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे व अन्य हाईवे के करीब प्लान किया गया है ताकि लॉजिस्टिक में आसानी हो। इससे लोगों को फायदा होगा।

प्रदूषण मुक्त होग औद्योगिक क्षेत्र

सरकार का लक्ष्य इन इलाकों को जीरो एमिशन जोन के रूप में विकसित करना है। आर्थिक सर्वेक्षण 2026 के अनुसार, इन पार्कों में केवल ग्रीन कैटेगरी के उद्योगों को ही जगह मिलेगी, जिससे दिल्ली के पर्यावरण पर कोई नकारात्मक असर न पड़े।

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क्यों जरूरी हैं योजनाएं

● दिल्ली में पुराने इंडस्ट्रियल एरिया (जैसे ओखला, नरेला) अब भरे हुए हैं। ऐसे में नए की अब जरूरत है

● नई टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री के लिए जगह की जरूरत होगी

● रोजगार के कई अवसर पैदा होंगे

● मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा, नए-नए उद्योगों के लगने से लोगों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी

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इन उद्योगों पर फोकस

● एआई से जुड़े उद्योग

● इलेक्ट्रॉनिक सामानों का निर्माण

● ई-व्हीकल और बैटरी निर्माण

● बायो-टेक्नोलॉजी से जुड़े उद्योग

● आईटी सेवाओं से जुड़े उद्योग

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