दिल्ली के इस दफ्तर में औचक निरीक्षण करने पहुंची सीएम गुप्ता, बोलीं- अनुशासन सिर्फ छोटे कर्मचारियों के लिए नहीं
सीएम गुप्ता ने कार्यालय परिसर में पड़ी अनुपयोगी सामग्री और स्क्रैप को तुरंत हटाने के निर्देश दिए ताकि कार्यस्थल का माहौल बेहतर हो सके। फायर सेफ्टी उपकरणों की स्थिति पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने नियमित ऑडिट और मेंटेनेंस रिपोर्ट अनिवार्य करने के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता बुधवार को ITO स्थित स्टेट ट्रेड एंड टैक्सेज़ डिपार्टमेंट के कार्यालय का औचक निरीक्षण करने पहुंची। इस दौरान वहां ऑफिस के समय कई बड़े-छोटे अधिकारी अनुपस्थित मिले। जिसके बाद मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताते हुए सभी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने वहां मौजूद कर्मचारियों से बातचीत करते हुए उनके ऑफिस आने के समय के बारे में पूछा और डिपार्टमेंट के अटेंडेंस रिकॉर्ड पर एक विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी। इसके साथ ही सीएम ने कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकारी काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जनता का काम अटका तो अफसर जिम्मेदार होंगे।
निरीक्षण के दौरान ऑफिस में कई वरिष्ठ अधिकारी भी अपने कार्यालयों में नहीं मिले। जिसके बाद सीएम ने कहा कि अनुशासन केवल निचले स्तर के कर्मचारियों के लिए नहीं है, बल्कि कमिश्नर और स्पेशल कमिश्नर स्तर तक हर अधिकारी पर समान रूप से लागू होता है। सीएम ने कहा कि बायोमेट्रिक हाजिरी सभी के लिए जरूरी है और सभी विभाग इसका सख्ती व गंभीरता से पालन सुनिश्चित करें।
पिछले महीनेभर का हाजिरी रिकॉर्ड मांगा
गुप्ता ने कहा कि सरकार किसी भी स्तर पर लापरवाही या अकुशलता बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि उनके निरीक्षण का मकसद सिर्फ व्यवस्थाओं की समीक्षा करना नहीं, बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र में जवाबदेही और अनुशासन लागू करना भी था। मुख्यमंत्री ने कार्यालयीन समय में अनुपस्थित पाए गए अधिकारियों और कर्मचारियों को तुरंत कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने अधिकारियों से पिछले एक महीने का बायोमेट्रिक हाजिरी रिकॉर्ड भी तत्काल प्रभाव से जमा करने को भी कहा, ताकि जवाबदेही स्पष्ट रूप से तय की जा सके।
करदाताओं से बात कर लिया फीडबैक
मुख्यमंत्री ने करदाताओं और जीएसटी कार्यालय में पहुंचे नागरिकों से संवाद कर फीडबैक भी लिया। इस दौरान सेवाओं में देरी और अधिकारियों की अनुपलब्धता की शिकायतें सामने आईं। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि जनसेवा में देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और इसके लिए जिम्मेदारी तय की जाएगी। जन-शिकायत निवारण व्यवस्था पर भी मुख्यमंत्री ने सख्त निर्देश जारी किए।
बैठकों के कारण ना हो लोगों का काम प्रभावित
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि अधिकारियों की बैठकों के कारण नागरिकों के काम लंबित रहना अस्वीकार्य है। सभी लंबित मामलों की साप्ताहिक समीक्षा की जाए, शिकायत निवारण प्रक्रिया को सरल और तेज बनाया जाए। सेवाओं में किसी भी प्रकार की देरी के लिए संबंधित अधिकारी की स्पष्ट जवाबदेही तय की जाए।
उन्होंने कार्यालय परिसर में पड़ी अनुपयोगी सामग्री और स्क्रैप को तुरंत हटाने के निर्देश दिए ताकि कार्यस्थल का माहौल बेहतर हो सके। फायर सेफ्टी उपकरणों की स्थिति पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने नियमित ऑडिट और मेंटेनेंस रिपोर्ट अनिवार्य करने के निर्देश भी दिए।




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