दिल्ली में जनकपुरी हादसा मामले में ठेकेदार को राहत; कोर्ट ने अंतरिम जमानत दी, गिरफ्तारी पर भी रोक लगाई
बचाव पक्ष की ओर से यह भी वादा किया गया कि आरोपी 11 फरवरी को सुबह 10 बजे जांच में शामिल होगा। साथ ही अभियोजन पक्ष ने भी अगली सुनवाई तक आरोपी के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई न करने के अनुरोध का विरोध नहीं किया।

दिल्ली के जनकपुरी इलाके में खुले गड्ढे में गिरकर मारे गए 25 वर्षीय बाइक सवार युवक के मामले में दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को आरोपी ठेकेदार को राहत देते हुए अंतरिम जमानत दे दी। यह गड्ढा दिल्ली जल बोर्ड द्वारा सीवर परियोजना के तहत खोदा गया था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरलीन सिंह ने आरोपी ठेकेदार हिमांशु गुप्ता की तरफ से दायर अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई की और कहा कि अगली सुनवाई तक आरोपी के खिलाफ कोई भी ज़बरदस्ती वाला कदम नहीं उठाया जाए। पुलिस ने सोमवार को गुप्ता के खिलाफ वारंट जारी किया था।
आरोपी के वकील ने बताई 9 फरवरी को नहीं आने की वजह
जमानत का आदेश जारी करते हुए अदालत ने एक शर्त रखी और कहा कि आवेदक को तय तारीख और समय पर जांच में शामिल होना होगा। साथ ही कहा तब तक आवेदक के खिलाफ कोई भी दबावपूर्ण कार्रवाई नहीं की जाए। उधर आरोपी के वकील ने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल को 9 फरवरी को जांच में शामिल होने का नोटिस मिला था, लेकिन खराब स्वास्थ्य के कारण वह उपस्थित नहीं हो सके थे। हालांकि उन्होंने कोर्ट को यह भरोसा भी दिलाया कि आरोपी हिमांशु जांच में पूरा सहयोग करने को तैयार है और जब भी जरूरत होगी, वह जांच अधिकारी के सामने पेश होगा।
11 फरवरी की सुबह 10 बजे पेश होने का दिया भरोसा
बचाव पक्ष की ओर से यह वादा भी किया गया कि आरोपी 11 फरवरी को सुबह 10 बजे जांच में शामिल होगा। साथ ही इस दौरान अभियोजन पक्ष ने भी अगली सुनवाई तक आरोपी के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई न करने के अनुरोध का विरोध नहीं किया। अदालत ने सभी दलीलों को ध्यान में रखते हुए आरोपी को निर्धारित तिथि और समय पर जांच में शामिल होने का निर्देश दिया और मामले की अगली सुनवाई 18 फरवरी के लिए तय कर दी।
5 व 6 फरवरी की दरमियानी रात को हुई थी युवक की मौत
बता दें कि रोहिणी स्थित एक निजी बैंक में नौकरी करने वाला 25 वर्षीय युवक कमल ध्यानी 5 और 6 फरवरी की दरमियानी रात अपनी बाइक से घर लौट रहा था, तभी जनकपुरी में सीवर परियोजना के लिए खोदे गए लगभग 15 फीट गहरे खुले गड्ढे में उसकी बाइक जा गिरी, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं और अगली सुबह मामले का पता चलने तक उसकी मौत हो चुकी थी।
इस मामले में अब तक दो गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जबकि दिल्ली जल बोर्ड के तीन अधिकारियों को निलंबित किया गया है। दिल्ली पुलिस ने उप-ठेकेदार राजेश प्रजापति और 23 वर्षीय मजदूर योगेश को गिरफ्तार किया है, जिन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस के मुताबिक, सब-कॉन्ट्रेक्टर पर हादसे की जानकारी छिपाने और पुलिस व आपात सेवाओं को सूचना देने में देरी करने का आरोप है। वहीं 23 वर्षीय मजदूर योगेश पर न केवल इस घटना की जानकारी छुपाने, बल्कि पीड़ित के परिजनों को गुमराह करने का भी आरोप है।




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