दिल्ली में एक और दर्दनाक हादसा, अब रोहिणी के खुले नाले में गिरकर मजदूर की मौत
दिल्ली के जनकपुरी वाली घटना के बाद एक और बड़ा हादसा हो गया है। मंगलवार को सीवर में गिरने से एक शख्स की मौत हो गई है। घटना बेगमपुर थाना क्षेत्र की है।

दिल्ली के जनकपुरी में गड्ढे में गिरकर शख्स की मौत के बाद अब रोहिणी में बड़ा हादसा हो गया है। यहां मंगलवार को खुले नाले में गिरने से एक मजदूर की मौत हो गई है। घटना बेगमपुर थाना क्षेत्र की है। मृतक की पहचान 30 साल के बिरजू कुमार के रूप में हुई है। वह बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला है और मजदूरी करता है। बताया जा रहा है कि ये सीवर डीडीए की जमीन पर बना हुआ था।
बताया जा रहा है कि शख्स सोमवार को शराब के नशे में सीवर के खुले मैनहोल में गिर गया था और मंगलवार को उसके दोस्त ने मामले की जानकारी पुलिस और स्थानीय लोगों को दी थी जिसके बाद उसका शव मंगलवार शाम सीवर से बाहर निकाला गया।
दोस्त ने अगले दिन दी सूचना
पुलिस को मंगलवार दोपहर करीब 2:36 बजे बेगमपुर थाने में एक शख्स के सीवर में गिरने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचे आमिर हुसैन नाम के व्यक्ति ने बताया कि उसके दो दोस्त, 33 साल के बुधान दास और 32 साल के बिरजू कुमार राय जो कि मूल रूप से बिहार के रहने वाले थे, सोमवार रात करीब 7:30 बजे अपनी झुग्गी लौट रहे थे। शराब के नशे में होने के कारण बिरजू अपना संतुलन खो बैठा और खुले मैनहोल में जा गिरा।
चौंकाने वाली बात यह रही कि बिरजू के साथ मौजूद उसका दोस्त बुधान दास नशे में इतना धुत था कि उसने रात में किसी को इस घटना की जानकारी नहीं दी। दोपहर में जब उसे होश आया, तब उसने आमिर हुसैन को इस हादसे के बारे में बताया। सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, डीडीए और दमकल विभाग की टीमों ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद बिरजू को मैनहोल से बाहर निकाला गया और अस्पताल भेजा गया, जहां आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पीडब्ल्यूडी ने जारी किए निर्देश
उधर दिल्ली जल बोर्ड द्वारा जनकपुरी में खोदे गए गड्ढे में गिरने से एक व्यक्ति की मौत के बाद लोक निर्माण विभाग ने मंगलवार को सुरक्षा के मद्देनजर फ्लाईओवर, भूमिगत पैदल पार पथ, सड़क किनारे की नालियों और सड़क किनारे की लाइट की जांच के लिए नए निर्देश जारी किए हैं।
आदेश में कहा गया है कि सड़क की खुदाई और निर्माण के सभी मौजूदा और भविष्य में किए जाने वाले कार्यों के स्थल दिन व रात के दौरान हर समय ठीक से बैरिकेड लगाकर सुरक्षित किए जाने चाहिए। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने कहा, "निर्धारित सुरक्षा मानदंडों के अनुसार पर्याप्त परावर्तक चिह्न, चेतावनी बोर्ड, ब्लिंकर और सावधानी टेप लगाएं। किसी भी परिस्थिति में सड़क के किसी भी गड्ढे, खाई या खोदे गए हिस्से को उचित सुरक्षा के बिना खुला नहीं छोड़ा जाना चाहिए।
इसमें कहा गया है कि नियमित रूप से रात में निरीक्षण किया जाना चाहिए, विशेष रूप से तीखे मोड़ों, चौराहों, डिवाइडर, पैदल यात्री क्रॉसिंग, बस स्टॉप, फ्लाईओवर, भूमिगत पैदल पार पथ और अन्य दुर्घटना संभावित स्थानों पर। यह आदेश दिल्ली के मुख्य सचिव राजीव वर्मा द्वारा पहले जारी किए गए निर्देशों के बाद आया है।
आधिकारिक आदेश में आगे कहा गया है कि दिन के समय किए जाने वाले निरीक्षणों में खंभों, तारों और नींव की भौतिक स्थिति का आकलन किया जाएगा। पीडब्ल्यूडी ने कहा, "कोई भी टिमटिमाती, मंद या आंशिक रूप से काम करने वाली बत्तियां दोषपूर्ण मानी जानी चाहिए और उनकी तुरंत मरम्मत की जानी चाहिए और यदि आवश्यक हो तो अस्थायी प्रकाश व्यवस्था की जानी चाहिए।
भाषा से इनपुट




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