दिल्ली में कमर्शियल LPG सिलेंडर की लिमिट हुई दोगुनी, प्रवासी मजदूरों और छात्रों को बड़ी राहत
LPG संकट के बीच दिल्ली में रहने वाले प्रवासी मजदूरों, छात्रों और छोटे कारोबारियों के लिए राहत की खबर सामने आई है। सरकार ने कॉर्मशियल LPG सिलेंडर की दैनिक सीमा बढ़ाकर प्रवासी मजदूरों और छात्रों को राहत देने की कोशिश की है।
LPG संकट के बीच दिल्ली में रहने वाले प्रवासी मजदूरों, छात्रों और छोटे कारोबारियों के लिए राहत की खबर सामने आई है। सरकार ने कॉर्मशियल LPG सिलेंडर की दैनिक सीमा बढ़ाकर प्रवासी मजदूरों और छात्रों को राहत देने की कोशिश की है। नई व्यवस्था के तहत 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की सीमा 180 से बढ़ाकर 360 कर दी गई है, जो 5 किलो के 1368 सिलेंडर के बराबर है। कुल मिलाकर अब प्रतिदिन 6,480 सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
जानिए किस सेक्टर को कितने सिलेंडर मिलेंगे
दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने इसकी जानकारी अपने एक्स अकाउंट से दी। सरकार ने प्राथमिकता वाले सेक्टर्स भी तय किए हैं। होटल, रेस्तरां और फूड सेक्टर को सबसे ज्यादा 3,375 सिलेंडर मिलेंगे, जबकि लेबर-इंटेंसिव इंडस्ट्रीज को 1,800 सिलेंडर आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा शिक्षा और स्वास्थ्य संस्थानों, सरकारी संस्थानों व कम्युनिटी किचन, कैटरर्स और बैंक्वेट तथा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और स्टेडियम को भी अलग-अलग कोटा दिया गया है।
- होटल, रेस्तरां व फूड सेक्टर- 3375 सिलेंडर
- लेबर-इंटेंसिव इंडस्ट्रीज- 1800 सिलेंडर
- शिक्षा एवं स्वास्थ्य संस्थान- 225 सिलेंडर
- सरकारी संस्थान एवं कम्युनिटी किचन- 225 सिलेंडर
- कैटर्स एवं बैंक्वेट- 225 सिलेंडर
- स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स एवं स्टेडियम- 270 सिलेंडर
जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग करने वालों पर होगा एक्शन
मनजिंदर सिंह सिरसा ने चेतावनी भरे लहजे में कहा- सरकार ने यह भी साफ किया है कि गैस वितरण व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो। मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया- इस फैसले का मकसद जरूरतमंद वर्गों को समय पर गैस उपलब्ध कराना है।
देश में एलपीजी दबाव देखने को मिल रहा
देशभर में पिछले कुछ समय से एलपीजी की उपलब्धता को लेकर दबाव देखने को मिल रहा है। कई शहरों में सप्लाई प्रभावित होने और मांग बढ़ने की वजह से उपभोक्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। ऐसे में दिल्ली सरकार का यह कदम सप्लाई को संतुलित करने और जरूरतमंदों को प्राथमिकता देने की दिशा में अहम माना जा रहा है।




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