वायु प्रदूषण को कम करने बना अगले 4 साल का ऐक्शन प्लान, सीएम गुप्ता ने बताया क्या करने जा रही सरकार
सड़कों की हालत सुधारने के लिए सरकार ने दिल्ली में लगभग 3,300 किमी लंबाई की सड़कों का पुनर्निर्माण या सुधार करने का फैसला किया है। साथ ही जमीन की कमी को देखते हुए, कमर्शियल इलाकों, ट्रांजिट-ओरिएंटेड जोन और ज़्यादा भीड़भाड़ वाली जगहों पर मल्टी-लेवल पार्किंग सुविधाओं को बढ़ावा दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली में वायु प्रदूषण कम करने को लेकर शुक्रवार को अगले चार साल के लिए अपनी सरकार का ऐक्शन प्लान बताया। उन्होंने कहा कि सरकार इस अवधि में PM 2.5 के लेवल को काफी कम करने के लिए काम कर रही है। एक हाई-लेवल मीटिंग की अध्यक्षता करने के बाद, गुप्ता ने कई विभागों को शामिल करते हुए एक ऐक्शन प्लान पेश किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि वायु प्रदूषण कम करने के लिए सरकार ईवी बस बेड़े का विस्तार, निजी गाड़ियों के उपयोग को कम करने, पार्किंग के लिए स्मार्ट प्राइजिंग, शहर में 35 लाख पेड़ लगाने, 6 हजार करोड़ रुपए की मदद से सड़कों की हालत सुधारने समेत अन्य कई काम करने जा रही है। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट 10-साल के OPEX मॉडल पर चलाया जाएगा, जिसके लिए 2,000 करोड़ रुपए का फाइनेंशियल आउटले मंज़ूर किया गया है।
सरकार की योजना के बारे में बताते हुए सीएम गुप्ता ने कहा, 'प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई लंबी है, हमारी सरकार चार साल की अवधि में वायु प्रदूषण (PM 2.5) के लेवल को काफी कम करने के लिए एक स्पष्ट, मापने योग्य और नतीजे देने वाले ऐक्शन प्लान पर काम कर रही है।' उन्होंने बताया कि इसके लिए सरकार अपने मौजूदा EV बस बेड़े के विस्तार करने, निजी गाड़ियों के इस्तेमाल को कम करने के लिए पार्किंग सुविधाओं पर स्मार्ट प्राइसिंग शुरू करने, शहर में ग्रीन कवर बढ़ाने और 62 ट्रैफिक जाम वाले हॉटस्पॉट को जाम-मुक्त करने के बारे में योजना बना रही है।
क्या होता है PM 2.5, जिसे कम करना चाहती है सरकार
मुख्यमंत्री ने जिस PM 2.5 के लेवल को कम करने की बात कही है, वह हवा में मौजूद छोटे कण होते हैं जो कि सांस के साथ अंदर जाते हैं, और जिससे कि स्वास्थ्य को काफी खतरा होता है। दरअसल वे फेफड़ों और ब्लडस्ट्रीम में गहराई तक चले जाते हैं, जिसकी वजह से सांस और दिल से जुड़ी समस्याएं होने की आशंका रहती है।
ट्रैफिक पुलिस की मदद करेंगे 1200 DTC कर्मचारी
इस दौरान राज्य सरकार ने ट्रैफिक जाम की वजह से वायु प्रदूषण का हॉट स्पॉट बने इलाकों में ट्रैफिक पुलिस की मदद के लिए 1200 DTC (दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन) कर्मचारियों को तैनात करने का भी फैसला किया है। इस बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, 'ट्रैफिक जाम से होने वाले उत्सर्जन को कम करने के लिए, 62 जाम वाले पॉइंट्स की पहचान की गई है, जिनमें से 30 पर तुरंत सुधार का काम शुरू कर दिया गया है और दिल्ली सरकार ने इसके लिए ट्रैफिक पुलिस को DTC से 1,200 अतिरिक्त कर्मचारी दिए हैं।'
धूल कम करने के लिए तैनात होंगी और मशीनें
उधर वायु प्रदूषण के सबसे बड़े हिस्सेदारों में से एक सड़कों की धूल से निपटने के लिए सरकार ने मशीनों से सड़क सफाई और धूल नियंत्रण उपाय करने को मंजूरी दी है। इस बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि, 'सरकार ने संकरी सड़कों (60 फीट से कम चौड़ी) पर कवरेज बढ़ाने के लिए 70 अतिरिक्त मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनों की तैनाती को मंजूरी दी है। यह पहल 2,300 करोड़ रुपए की परियोजना का हिस्सा है।'
6000 करोड़ रुपए से सुधरेगी सड़कों की हालत
इसके अलावा सड़कों की हालत सुधारने के लिए सरकार ने 6000 करोड़ रुपए खर्च करते हुए दिल्ली में कुल लगभग 3,300 किलोमीटर लंबाई की सड़कों का पुनर्निर्माण या सुधार करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने बताया, 'इसमें 800 किमी सड़कें PWD, 1,200 किमी सड़कें नगर निगम और अनधिकृत कॉलोनियों की 1,000 किमी सड़कें शामिल हैं।'
अगले चार साल में शहर में लगेंगे 35 लाख पेड़
इसके अलावा शहर भर की मुख्य सड़कों और गलियों में धूल को कम करने के लिए सरकार 250 वॉटर स्प्रिंकलर-कम-एंटी-डस्ट मशीनों का एक बेड़ा तैनात करेगी। इसके साथ ही शहर में हरियाली बढ़ाने के लिए सरकार की योजना अगले चार सालों में दिल्ली के रिज इलाके में 35 लाख पेड़ लगाने की है, जिसमें से 14 लाख पेड़ मौजूदा साल में लगाने का लक्ष्य है। इसके अलावा सरकार ने 365 एकड़ में 'ब्राउन पार्क' इलाकों को डेवलप करने की बात भी कही है।
किया जाएगा पार्किंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार
अधिकारियों ने कहा, 'भीड़भाड़ वाले इलाकों में पार्किंग इंफ्रास्ट्रक्चर के बड़े पैमाने पर विस्तार की योजना है, जिसमें स्मार्ट प्राइसिंग शुरू की जाएगी। इससे भीड़भाड़ वाले इलाकों में प्राइवेट गाड़ियों के ज्यादा इस्तेमाल को कम किया जा सकेगा और लोगों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट की ओर जाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।'
इसमें यह भी कहा गया है कि जमीन की कमी को देखते हुए, कमर्शियल इलाकों, ट्रांजिट-ओरिएंटेड ज़ोन और ज़्यादा भीड़भाड़ वाली जगहों पर मल्टी-लेवल पार्किंग सुविधाओं को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही पब्लिक चार्जिंग और बैटरी-स्वैपिंग पॉइंट्स की संख्या को 9,000 से बढ़ाकर 36,000 किया जाएगा। लास्ट-माइल कनेक्टिविटी पर ध्यान देते हुए, सरकार प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर इलेक्ट्रिक मेट्रो फीडर बसों और ई-ऑटो, बाइक टैक्सी और फीडर कैब की संख्या बढ़ाने की योजना बना रही है।




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