दिल्ली में अवैध निर्माणों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी, 16 प्रॉपर्टीज को तोड़ा और 29 को सील किया
MCD अधिकारियों ने बताया कि 1 जून से 9 जून के बीच 139 प्रॉपर्टीज के खिलाफ विध्वंस की कार्रवाई की गई और 199 अन्य को सील किया। इसी अवधि के दौरान उसने अवैध निर्माण के लिए 132 कारण बताओ नोटिस, सीलिंग के लिए 121 कारण बताओ नोटिस और 64 विध्वंस आदेश जारी किए।

दिल्ली में नियमों का उल्लंघन कर बनाए गए अवैध निर्माणों के खिलाफ MCD का अतिक्रमण विरोधी और सीलिंग अभियान मंगलवार को लगातार पांचवें दिन भी जारी रहा। इस दौरान दिल्ली नगर निगम प्रशासन ने शहर में अपनी कार्रवाई को अंजाम देते हुए कुल 16 संपत्तियों को ध्वस्त किया और 29 संपत्तियों को सील किया। इसके साथ ही MCD ने दिनभर में 22 अन्य इमारतों को गिराने का आदेश भी जारी किया, और इसके अलावा कुल 57 संपत्तियों को सीलिंग के और 21 इमारतों को अवैध निर्माणों के कारण बताओ नोटिस जारी किए।
इसके अलावा, दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग ने मंगलवार को सभी जिलों में 86 संपत्तियों को नियमों के उल्लंघन के खिलाफ ध्वस्तिकरण, सीलिंग, इमारत में तोड़फोड़ कर उसे पंक्चर करने, नोटिस जारी करने, इमारत को खाली करने के नोटिस जैसी कार्रवाई की। बता दें कि दिल्ली के मालवीय नगर में हुए अग्निकांड के बाद दिल्ली सरकार का राजस्व विभाग और एमसीडी प्रशासन इस कार्रवाई को अंजाम दे रहा है।
निगम अधिकारियों ने बताया कि मालवीय नगर अग्निकांड के बाद दिल्ली में भवन उपनियमों के उल्लंघन, अवैध निर्माण करने, भवन सुरक्षा के नियमों का पालन न करने, डीडीए मास्टर प्लान-2021 के नियमों व दिल्ली नगर निगम के अधिनियम-1957 के नियमों के अवहेलना करने के खिलाफ उल्लंघनकर्ताओं पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।
सभी जोन में लगातार निगरानी जारी
निगम अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली नगर निगम के सभी बारह जोन में लगातार सभी खानपान के प्रतिष्ठानों, व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन करने वालों पर, व्यवसायिक व कमर्शियल इमारतों व अन्य की लगातार निगरानी की जा रही है। दिल्ली के कई रिहायशी इलाकों व अनधिकृत कॉलोनियों मे लगातार एमसीडी की टीमें अवैध निर्माण की पहचान कर निरीक्षण कर रही हैं। जिन भी जगहों पर नियमों का उल्लंघन का पता चल रहा है। वहां पर सख्त कार्रवाई कर संपत्तियों को ध्वस्त व सीलिंग का एक्शन ले रहे हैं। यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
दक्षिण जोन DHO को नोटिस जारी हुआ
मालवीय नगर अग्निकांड को लेकर एमसीडी प्रशासन ने दक्षिण के जिला स्वास्थ्य अधिकारी (DHO) को शोकॉज नोटिस जारी किया है। इस संबंध में निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि हमें संबंधित अधिकारी का जवाब मिल गया है और हम इसकी जांच कर रहे हैं। यह दुखद घटना व्यवस्थागत समस्याओं की गहराई को दर्शाती है। अभी कार्रवाई की जानी बाकी है।
ये होती है DHO की जिम्मेदारी
बता दें कि स्वास्थ्य व्यापार लाइसेंस (HTL) जारी करने और प्रबंधन के लिए जिला स्वास्थ्य अधिकारी ही प्राथमिक सक्षम स्वास्थ्य प्राधिकारी हैं। वे जन स्वास्थ्य की रक्षा के लिए भोजनालयों, गेस्ट हाउसों और भंडारण सुविधाओं जैसे व्यवसायों को विनियमित करते हैं।
DHO का कार्यालय स्वास्थ्य और अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए अपलोड किए गए दस्तावेजों (जैसे लेआउट प्लान और FSSAI लाइसेंस) का मूल्यांकन करता है। डीएचओ या अधिकृत स्वास्थ्य निरीक्षक लाइसेंस अवधि से पहले या उसके दौरान व्यावसायिक परिसरों का दौरा करके स्वच्छता, अपशिष्ट निपटान और उचित वेंटिलेशन की जांच करते हैं।
अब तक एमसीडी ने की यह कार्रवाई
| संपत्तियां ध्वस्त कीं | संपत्तियों को सील किया | सीलिंग के शोकॉज नोटिस | ध्वस्त करने के आदेश दिए | |
|---|---|---|---|---|
| 1 से 8 जून तक | 123 | 170 | 64 | 42 |
| 9 जून को | 16 | 29 | 57 | 22 |
| कुल | 139 | 199 | 121 | 64 |
अधिकारियों ने कहा कि अवैध निर्माणों पर रोक लगाने और भवन नियमों व सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए पूरे शहर में यह अभियान चलाया जा रहा है, और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।




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