हरियाणवी सिंगर सपना चौधरी को दिल्ली की अदालत ने दी अंतरिम राहत, पति को इस बात से रोका
हरियाणवी गायिका व अभिनेत्री को डर था कि उनके पति उनकी अपकमिंग फिल्म 'मोमाकू' के प्रीमियर पर आकर हमला, हंगामा या धमकाने जैसे काम कर सकते हैं, इसी वजह से उन्होंने दिल्ली की अदालत में याचिका लगाकर अंतरिम राहत की मांग की थी।

दिल्ली की द्वारका जिला अदालत ने अभिनेत्री व हरियाणवी गायिका सपना चौधरी को घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत दायर मामले में अंतरिम संरक्षण प्रदान किया है। अदालत ने सपना के पति यशवीर साहू को उनसे किसी भी तरह का संपर्क करने, पास आने या उनके कार्यक्रमों में बाधा डालने से रोक दिया है। यह आदेश उनकी फिल्म 'मोमाकू' के प्रीमियर होने से ठीक पहले दिया गया है। साथ ही अदालत ने जरूरत पड़ने पर सपना चौधरी को सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश भी दिया है।
महिला अदालत की न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी निधि सिंह ने यह आदेश सपना चौधरी की ओर से दायर की गई एक याचिका पर सुनाया। अंतरिम राहत की मांग करते हुए याचिकाकर्ता की ओर से आरोप लगाया गया कि उन्हें घरेलू हिंसा का सामना करना पड़ा है और ऐसी घटनाओं के दोहराए जाने की आशंका है। याचिका में कहा गया कि सपना चौधरी अपने पति के व्यवहार के कारण उनका सामूहिक घर छोड़ने को मजबूर हुईं और फिलहाल नजफगढ़ स्थित अपने मायके में रह रही हैं।
सपना को डर, पति कर सकता है हंगामा
सपना चौधरी की ओर से दलीलें पेश करते हुए अधिवक्ता प्रीति सिंह ने अदालत को बताया कि 10 जून 2026 को सपना की फिल्म 'मोमाकू' का प्रीमियर है, जिसमें उनकी मौजूदगी तय है और आशंका है कि उनके पति वहां पहुंचकर धमकी, हमला या सार्वजनिक हंगामा कर सकते हैं, जिससे उनकी छवि और पेशेवर दायित्व प्रभावित हो सकते हैं। जिसके बाद अदालत ने रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री, चोटों को दर्शाने वाली तस्वीरें और ऑडियो रिकॉर्डिंग का अवलोकन करने के बाद प्रथम दृष्टया मामले को सही पाया।
अदालत ने इन बातों के लिए लगा दी प्रतिवादी पर रोक
मामले की सुनवाई के बाद इसी आधार पर अदालत ने प्रतिवादी को अगली सुनवाई तक याचिकाकर्ता से किसी भी प्रकार का संपर्क करने, उनके घर, कार्यस्थल या फिल्म प्रीमियर स्थल पर जाने से रोक दिया। साथ ही अदालत ने प्रतिवादी को किसी भी प्रकार की घरेलू हिंसा करने से भी प्रतिबंधित किया है। मामले की अगली सुनवाई 25 जुलाई को निर्धारित की गई है।
जरूरत पड़ने पर सुरक्षा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया
फैसला सुनाते हुए अदालत ने संबंधित संरक्षण अधिकारी और स्थानीय थाना प्रभारी को आदेश का पालन करने और जरूरत पड़ने पर याचिकाकर्ता को सुरक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं। अदालत को बताया गया कि उन्होंने विवाह संबंधी हलफनामा दाखिल किया है और अन्य दस्तावेज अगली तारीख पर पेश किए जाएंगे।




साइन इन