सुकेश की समझौता अर्जी; अदालत ने शिकायतकर्ता से मांगा जवाब
दिल्ली की एक अदालत ने सुकेश चंद्रशेखर की याचिका पर शिकायतकर्ता को नोटिस जारी किया है। सुकेश ने अपनी याचिका में समझौता करने की संभावना तलाशने की इजाजत मांगी है। विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ें यह रिपोर्ट…

दिल्ली की पटियाला हाउस अदालत ने शनिवार को सुकेश चंद्रशेखर की अर्जी पर शिकायतकर्ता को नोटिस जारी किया है। इस अर्जी में मामले में समझौता की संभावना तलाशने की इजाजत मांगी गई है। साथ ही यह साफ़ किया गया है कि अर्जी उनके अधिकारों पर बिना किसी भेदभाव के और बिना कोई गुनाह कबूल किए दी गई है।
हाईकोर्ट में लंबित है शिकायतकर्ता की याचिका
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रशांत शर्मा की अदालत आर्थिक अपराध शाखा द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी से जुड़े एक मामले में यह निर्देश दिया है। अदालत ने राज्य के विशेष लोक अभियोजक और आरोपियों के वकील की दलीलों पर ध्यान दिया। अदालत को यह भी बताया गया कि शिकायत करने वाली अदिति सिंह द्वारा दायर की गई एक याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट में लंबित है। इस याचिका पर 24 फरवरी 2026 को सुनवाई होनी है।
आपसी सहमति से समझौता करने की इजाजत मांगी
याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने निर्देश दिया कि शिकायत करने वाली महिला को नोटिस जारी किया जाए। इस मामले में सुनवाई के लिए अगली तारीख आठ जनवरी 2026 तय की गई है। सत्र अदालत के सामने यह अर्जी चंद्रशेखर के उस प्रस्ताव के बाद आई है जो कथित दो सौ करोड़ की जबरन वसूली के मामले में शिकायत करने वाली को दिया गया था। उनके वकील अनंत मलिक के जरिए दायर की गई अर्जी में पक्षकारों को आपसी सहमति से समझौता करने की इजाजत मांगी गई है।
200 करोड़ की ठगी करने का आरोप
इसमें साफ तौर पर कहा गया है कि यह प्रस्ताव गुनाह कबूल करने जैसा नहीं है। पेश मामले में दिल्ली पुलिस के मुताबिक, चंद्रशेखर पर रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह व मालविंदर सिंह की पत्नियों से करीब दो सौ करोड़ की ठगी करने का आरोप है। उसे व उसके साथी ए. पॉलोज को अवैध वसूली से संबंधित मामले गिरफ्तार किया गया था। इनके खिलाफ धनशोधन के अलावा मकोका के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।




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