बैंक में गिरवी रखे फ्लैट को बार-बार बेचा, दिल्ली का शातिर कपल ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने बैंक में गिरवी रखे फ्लैट को बार-बार बेचने के आरोप में एक शातिर कपल को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने कथित तौर पर धोखाधड़ी के माध्यम से कई लोगों से लगभग 2 से 2.5 करोड़ रुपए की रकम वसूल की। दोनों द्वारका सेक्टर-9 के निवासी हैं।

दिल्ली पुलिस ने बैंक में गिरवी रखे फ्लैट को बार-बार बेचने के आरोप में एक शातिर कपल को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने कथित तौर पर धोखाधड़ी के माध्यम से कई लोगों से लगभग 2 से 2.5 करोड़ रुपए की रकम वसूल की। दोनों द्वारका सेक्टर-9 के निवासी हैं।
पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि ग्रेटर नोएडा से 57 साल के व्यक्ति और उसकी पत्नी को एक ही फ्लैट को कई बार बेचकर कई लोगों को धोखा देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों की पहचान नरेश कुमार सिकरी और उनकी 55 साल की पत्नी शारदा सिकरी के रूप में हुई है। दोनों द्वारका सेक्टर-9 के निवासी हैं।
जांच के दौरान पता चला कि दंपति ने एक ही संपत्ति के लिए सेल डीड करके कई लोगों को धोखा दिया था। जबकि वह संपत्ति पहले से ही बैंक के पास गिरवी रखी हुई थी। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने कथित तौर पर धोखाधड़ी के माध्यम से विभिन्न व्यक्तियों से लगभग 2 से 2.5 करोड़ रुपए की रकम वसूल की।
पुलिस ने बताया कि शारदा को सितंबर 2025 में एक स्थानीय अदालत ने भगोड़ा घोषित कर दिया था, क्योंकि वह लंबे समय तक फरार रही थी। पुलिस के अनुसार, 2024 में दंपति के खिलाफ धोखाधड़ी के दो मामले दर्ज किए गए थे, जब शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि शारदा सिकरी ने अपने फ्लैट के संबंध में बिक्री के समझौते किए और बड़ी रकम ली, लेकिन बिक्री पूरी नहीं की। इसके बाद आरोपी फरार हो गए।
द्वारका साउथ थाने में आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत 6 जनवरी 2024 और 14 जुलाई 2024 को दो मामले दर्ज किए गए और जांच शुरू की गई। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि लगातार प्रयासों के बावजूद दंपति गिरफ्तारी से बचने में कामयाब रहे। शारदा सिकरी की अग्रिम जमानत याचिका निचली अदालत ने खारिज कर दी।
पुलिस ने बताया कि गुप्त सूचना और तकनीकी निगरानी के आधार पर टीम ने दंपति का पता ग्रेटर नोएडा स्थित उनके गुप्त ठिकाने से लगाया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान उन्होंने कथित तौर पर अपना जुर्म कबूल कर लिया। उन्होंने बताया कि उन्होंने फ्लैट को गिरवी रखकर बैंक के बकाया का भुगतान करने के लिए पैसे जुटाने की योजना बनाई थी।
पुलिस ने बताया कि नरेश सिकरी एक लोन एजेंट के रूप में काम करता है। उस पर इस धोखाधड़ी का मुख्य साजिशकर्ता होने का संदेह है। पुलिस ने यह भी बताया कि फ्लैट उसकी पत्नी के नाम पर था। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इसी तरह के अन्य मामलों में दंपति की मिलीभगत का पता लगाने के लिए आगे की जांच की जा रही है।




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