बारिश के बाद दिल्ली की हवा हुई और भी साफ, CAQM ने हटाईं ग्रैप-2 की पाबंदियां; लागू रहेगा ग्रैप-1
शहर में ग्रैप स्टेज-एक के प्रतिबंध पिछले साल 14 अक्टूबर और स्टेज-दो के प्रतिबंध 19 अक्टूबर से लागू थे। बुधवार को दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में हल्की बारिश हुई और न्यूनतम तापमान सामान्य से 4.8 डिग्री अधिक 15.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

दिल्ली में बीते दिनों हुई बारिश के बाद शहर में वायु प्रदूषण में कमी आई है और यहां की हवा भी काफी साफ हो गई है। ऐसे में शहर में वायु गुणवत्ता (AQI) के स्तर में हुए सुधार को देखने के बाद CAQM (वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग) ने शहर में लागू ग्रैप (ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान) स्टेज-दो के प्रतिबंधों को बुधवार को वापस ले लिया। हालांकि पूरे NCR क्षेत्र में फिलहाल GRAP स्टेज-एक के प्रतिबंध जारी रहेंगे ताकि यह पक्का किया जा सके कि हवा का स्तर और खराब न हो।
इस बारे में जानकारी देते हुए CAQM के एक अधिकारी ने कहा कि यह घोषणा GRAP को लेकर हुई सब-कमेटी की समीक्षा बैठक के बाद की गई, जिसमें मौजूदा वायु गुणवत्ता स्तर और मौसम की परिस्थिति की जांच की गई। कमेटी ने पाया कि मौसम के अच्छे हालात की वजह से दिल्ली में एयर क्वालिटी इंडेक्स में सुधार हुआ है, इस दौरान बुधवार शाम 4 PM बजे AQI का स्तर 214 था, जो 'खराब' कैटेगरी में बना हुआ है। इसके अलावा, भारत मौसम विज्ञान विभाग और IITM के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में AQI 'खराब' या 'मध्यम' श्रेणी में रह सकता है।'
एजेंसियों को कड़ी निगरानी रखने के दिए निर्देश
जिसके बाद सब-कमेटी ने GRAP स्टेज-II ('बहुत खराब' एयर क्वालिटी) लागू करने के अपने 19 अक्टूबर 2025 को दिए आदेश को तुरंत रद्द करते हुए उसे हटाने का फैसला किया। हालांकि, GRAP स्टेज-I के प्रतिबंध जारी रहेंगे और सभी संबंधित एजेंसियों द्वारा इन प्रतिबंधों को पूरे NCR में लागू करने के अलावा इनकी निगरानी और रिव्यू किया जाएगा, ताकि यह पक्का हो सके कि AQI लेवल और खराब न हो। इस दौरान CAQM ने यह आदेश भी दिया कि प्रतिबंधों को लागू करने वाली सभी एजेंसियां GRAP के मौजूदा शेड्यूल के स्टेज-I के तहत कड़ी निगरानी रखेंगी।
शहर के अलग-अलग इलाकों में दर्ज AQI
सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के डेटा के मुताबिक, दिल्ली के कई मॉनिटरिंग स्टेशनों ने AQI को मॉडरेट और खराब कैटेगरी के बीच बताया। इस दौरान इन इलाकों में AQI का स्तर कुछ इस तरह रिकॉर्ड किया गया, पूसा में 164, शादीपुर में 259, IGI T3 में 165, लोधी रोड पर 157, DTU में 207, आनंद विहार में 270, बवाना में 247, सिरीफोर्ट में 237।
बता दें कि शहर में ग्रैप स्टेज-एक और स्टेज-दो के प्रतिबंध क्रमशः पिछले साल 14 अक्टूबर और 19 अक्टूबर से लागू थे। बुधवार को दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में हल्की बारिश हुई और न्यूनतम तापमान सामान्य से 4.8 डिग्री अधिक 15.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
CPCB के मुताबिक, AQI का स्तर 0 से 500 तक होता है और उसे छह कैटेगरी में बांटा गया है, जिनमें से हर कैटेगरी प्रदूषण के लेवल और उससे जुड़े हेल्थ रिस्क को दिखाती है। 0 से 50 के बीच के AQI को 'अच्छा' माना जाता है, जिसका मतलब है कि हेल्थ पर बहुत कम या कोई असर नहीं पड़ता। 51 से 100 तक का AQI लेवल 'सैटिसफैक्टरी' कैटेगरी में आता है, जहां एयर क्वालिटी ठीक रहती है, हालाँकि बच्चों, बुज़ुर्गों और सांस की दिक्कतों वाले लोगों जैसे सेंसिटिव ग्रुप को थोड़ी परेशानी हो सकती है। 101 से 200 तक की 'मॉडरेट कैटेगरी, बढ़ते प्रदूषण लेवल को दिखाती है जिससे अस्थमा, फेफड़ों की बीमारी या दिल की बीमारी वाले लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो सकती है।
201 और 300 के बीच के AQI को 'खराब' माना जाता है, यह एक ऐसी रेंज है जिसमें लंबे समय तक संपर्क में रहने से ज़्यादातर लोगों को सांस लेने में तकलीफ़ हो सकती है, न कि सिर्फ़ उन लोगों को जिन्हें पहले से कोई हेल्थ प्रॉब्लम है। 301 और 400 के बीच के लेवल को 'बहुत खराब' माना जाता है और अगर लंबे समय तक संपर्क में रहा जाए तो इससे सांस की बीमारी का खतरा होता है, यहाँ तक कि स्वस्थ लोगों को भी। सबसे खतरनाक कैटेगरी, 'गंभीर' में 401 से 500 तक के AQI वैल्यू शामिल हैं। इस स्टेज पर, हवा की क्वालिटी सभी के लिए खतरनाक हो जाती है।




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