गुरुग्राम की 12 अवैध कॉलोनियों में होली बाद गरजेंगे बुलडोजर, जमीन मालिकों को कारण बताओ नोटिस
होली के बाद गुरुग्राम जिले में अवैध रूप से पनप रही 12 कॉलोनियों पर बुलडोजर चलाया जाएगा। नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग ने जमीन मालिकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। इसके साथ ही तहसीलदार को भी इन कॉलोनियों में रजिस्ट्री नहीं करने के लिए पत्र लिखा गया है।

होली के बाद गुरुग्राम जिले में अवैध रूप से पनप रही 12 कॉलोनियों पर बुलडोजर चलाया जाएगा। नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग ने जमीन मालिकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। इसके साथ ही तहसीलदार को भी इन कॉलोनियों में रजिस्ट्री नहीं करने के लिए पत्र लिखा गया है।
नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के डीटीपीई अमित मधोलिया के निर्देश पर कनिष्ठ अभियंताओं की तरफ से पटौदी, सोहना, फर्रुखनगर, भौंडसी में सर्वे किया था। सर्वे में सामने आया है कि साढराणा गांव में चार, पातली हाजीपुर में एक, भांगरौला में एक, बोहड़ाकलां में एक, भोंडसी में तीन, माकडौला में एक और धनकोट में एक कॉलोनी अवैध रूप से काटी जा रही है। ये कॉलोनियां करीब 40 एकड़ जमीन पर विकसित की जा रही हैं।
नए सर्वे में सात गांवों में 12 कॉलोनियां विकसित होने का पता चला
अमित मधोलिया, डीटीपीई, नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग, ''किसी भी नई कॉलोनी को विकसित नहीं होने दिया जाएगा। नए सर्वे में सात गांवों में 12 कॉलोनियां विकसित होने का मामला सामने आया है। जमीन मालिकों को नोटिस जारी कर दिया है। जल्द ही पुलिस बल की मौजूदगी में इन कॉलोनियों को तोड़ा जाएगा।''
तीन अवैध कॉलोनियों पर बुलडोजर चला
गौरतलब है कि गुरुग्राम में प्रशासन की बुलडोजर वाली कार्रवाई लगातार जारी है। नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग ने गुरुवार को भी पटौदी क्षेत्र में अवैध रूप से पनप रही तीन कॉलोनियों पर बुलडोजर चलाया था। पुलिस बल की मौजूदगी में यह अभियान चलाया गया। किसी तरह का विरोध सामने नहीं आया। डीटीपीई अमित मधोलिया के मुताबिक, गांव नरहेड़ा में करीब चार एकड़ में कॉलोनी काटी जा रही थी। इस कॉलोनी में 15 मकान बनाने की तैयारी थी। सड़क का निर्माण कर दिया था। सूचना मिलने पर जमीन मालिकों को कारण बताओ नोटिस दिया गया। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर तोड़फोड़ की कार्रवाई की गई। इस कॉलोनी को मलबे में मिला दिया है।
कहां-कहां चले बुलडोजर
इस कॉलोनी को तोड़ने के बाद तोड़फोड़ दस्ता गांव पटौदी में पहुंचा। इस गांव में करीब ढाई एकड़ में नई कॉलोनी विकसित हो रही थी। यहां पांच मकान बनाने के लिए चारदीवारी की गई थी। सड़क भी बना दी गई थी, जिसे बुलडोजर की मदद से इन्हें उखाड़ दिया गया। इसके पश्चात तोड़फोड़ दस्ता गांव जाटौली में पहुंच गया। इस गांव में भी करीब चार एकड़ में कॉलोनी काटी जा रही थी और तीन मकानों का निर्माण चल रहा था। पांच मकान बनाने के लिए डीपीसी डाली गई थी। बुलडोजर की मदद से इन्हें मलबे में मिलाया गया। उन्होंने बताया कि इन कॉलोनियों में खरीद-फरोख्त पर प्रतिबंध लगाने के लिए तहसीलदार को पत्र लिख दिया है।




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