गुरुग्राम में द्वारका एक्सप्रेसवे के पास बसेंगे 5 नए सेक्टर, HSVP का क्या प्लान
गुरुग्राम में द्वारका एक्सप्रेसवे के आसपास पांच नए सेक्टर विकसित करने की योजना है। एचएसवीपी की तरफ से इसके लिए तैयारी की जा रही है। जमीन से जुड़ी जानकारी को एकत्रित करके ई-भूमि पोर्टल पर डाला जाएगा। इसके बाद जमीन के अधिग्रहण या खरीदने की प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा।

गुरुग्राम में द्वारका एक्सप्रेसवे के आसपास पांच नए सेक्टर विकसित करने की योजना है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) की तरफ से इसके लिए तैयारी की जा रही है। जमीन से जुड़ी जानकारी को एकत्रित करके ई-भूमि पोर्टल पर डाला जाएगा। इसके बाद जमीन के अधिग्रहण या खरीदने की प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा।
एचएसवीपी से मिली जानकारी के मुताबिक, मिलेनियम सिटी में सेक्टर-36ए, 37 के अलावा सेक्टर-68, 69 और 70 को विकसित करने के लिए जमीन मालिकों से जमीन ली जाएगी। इन सेक्टरों को पहले चरण में लॉन्च किया जाएगा। सेक्टर-68 से लेकर सेक्टर-70 तक सदर्न पेरिफेरल रोड (एसपीआर) पर हैं।
द्वारका एक्सप्रेसवे, गुरुग्राम-सोहना हाईवे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और दिल्ली-जयुपर हाईवे से इसकी कनेक्टिविटी पास है। सेक्टर-36ए और सेक्टर-37 द्वारका एक्सप्रेसवे के पास होगा। इसके बाद दूसरे चरण में सोहना में सेक्टर-32, 33, फर्रुखनगर में सेक्टर-तीन, पटौदी में सेक्टर-दो, तीन, चार को विकसित किया जाएगा।
फरीदाबाद में भी सेक्टर विकसित करने की योजना
एचएसवीपी के एक अधिकारी के मुताबिक, फरीदाबाद में सेक्टर-94ए, 96, 99, 101, 102, 103, 140, 141, 142 को रिहायशी सेक्टर के रूप में विकसित किया जाएगा। सेक्टर-100 को व्यावसायिक सेक्टर में रूप में विकसित करने की योजना है। इसके अलावा सेक्टर-96ए और सेक्टर-97ए को पब्लिक और सेमी पब्लिक सेक्टर के रूप में विकसित किया जाएगा।
विकसित होंगे सेक्टर
पंचकूला के कोट बहला में सेक्टर-16, 22 और 14, पिंजोर कालका में सेक्टर-31, सोनीपत के गन्नौर में सेक्टर-सात और 13, पानीपत में सेक्टर-19ए और 40, कुरुक्षेत्र में सेक्टर-46, करनाल में सेक्टर-33 पार्ट, 34 और 35 आदि में सेक्टर विकसित करने की योजना है।
ई-नीलामी पर प्लॉट बिके
पिछले पांच साल से एचएसवीपी की तरफ से ई-नीलामी के माध्यम से प्लॉट बेचे जा रहे हैं। दो लाख रुपये से 5 लाख रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से हो रही ई-नीलामी की वजह से मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए एचएसवीपी के प्लॉट खरीदना मुश्किल हो गया है।
लैंड पूलिंग योजना सिरे नहीं चढ़ सकी
हरियाणा सरकार ने चार साल पहले लैंड पूलिंग स्कीम को लॉन्च किया था। इसमें जमींदार के साथ एक एकड़ (4047 वर्ग मीटर) जमीन को लेकर समझौता करने के बाद उसे व्यवसायिक सेक्टर में एक बूथ (22.68 वर्ग मीटर) दिया जाएगा। इस तरह रिहायशी सेक्टर में 1048 वर्ग मीटर साइज का प्लॉट दिया जाएगा। इस साइज में जमींदार एक, दो या तीन प्लॉट ले सकता है। जमीन में बुनियादी सुविधाएं एचएसवीपी की तरफ से मुहैया करवाई जाएंगी, लेकिन यह योजना सिरे नहीं चढ़ सकी।




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