फरीदाबाद के एनआईटी-3 में दूसरे दिन भी ताबड़तोड़ ऐक्शन, मलबा हटाने में जुटीं मशीनें
फरीदाबाद के एनआईटी-3 में मस्जिद चौक से और अवैध निर्माण हटाए गए। इससे दूसरे दिन भी तनाव का माहौल रहा। पुलिस बैरिकेडिंग और रास्ते बंद होने से लोग परेशान रहे।

फरीदाबाद के एनआईटी-3 स्थित मस्जिद चौक पर दूसरे दिन भी अतिक्रमण रोधी अभियान जारी रहा। आरआरटीएस कॉरिडोर और एलिवेटेड रोड परियोजनाओं के रास्ते में आ रहे अवैध निर्माणों को गिराकर मलबा हटाया गया। दूसरे दिन भी पूरे इलाके में पुलिस बल तैनात रहा। प्रमुख रास्ते बंद रखे जाने के कारण लोगों को भारी परेशानी हुई। प्रभावित परिवारों में दहशत का माहौल है। कुछ लोग मकान खाली करते नजर आए।
रविवार दिनभर इलाके में तनाव का माहौल बना रहा। प्रभावित क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात रहने और प्रमुख सड़कों पर बैरिकेडिंग से आवाजाही में परेशानी हुई। आसपास लोगों में चिंता देखी गई कि कहीं उनके मकानों पर भी निगम बुलडोजर ऐक्शन ना ले ले। दूसरे दिन भी कुछ लोग एहतियात के तौर पर अपना सामान समेटते देखे गए।
नगर निगम कमिश्नर धीरेंद्र खड़गटा ने बताया कि उक्त कार्रवाई NGT के आदेशों के तहत की जा रही है। सड़क किनारे बने ग्रीन बेल्ट के साथ ही सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण खड़े कर लिए गए थे। इनको अब हटाया जा रहा है। आगे भी इस तरह के अतिक्रमण विरोधी अभियान जारी रहेंगे। निगम के 10 डंपर मलबा उठाने में लगाए गए हैं। मौके पर भारी पुलिस फोर्स के बीच मशीनें लगातार मलबा हटाने में जुटी हैं।
स्लिप रोड का निर्माण भी शुरू
इस बीच, फरीदाबाद मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी एफएमडीए ने 10 मीटर चौड़ी और 90 मीटर लंबी एक स्लिप रोड का निर्माण शुरू कर दिया है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उक्त निर्माण के काम अगले एक महीने के भीतर पूरे कर लिए जाएंगे।
मंदिर और मस्जिद भी जमींदोज
उल्लेखनीय है कि फरीदाबाद प्रशासन की ओर से शनिवार को मस्जिद चौक स्थित NIT-3 इलाके में कई अवैध ढांचों को गिराने की कार्रवाई शुरू की गई। इन अवैध निर्माण में 700 गज में बनी एक मस्जिद भी शामिल थी। कार्रवाई के दौरान एक मंदिर को भी गिरा दिया गया। दुकानें और मकान समेत कई अवैध निर्माण के खिलाफ ऐक्शन लिया गया। अधिकारी ने बताया कि गिराए गए ढांचों से मलबा हटाने का काम रविवार को जारी रहा।
दी गई थी जवाब देने की मोहलत
फरीदाबाद नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, बुलडोजर ऐक्शन से पहले संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए गए थे ताकि उनको अतिक्रमण हटाने का मौका मिल सके। लोगों की आपत्तियां दर्ज करने और उनका जवाब जानने के लिए समय सीमा भी दी गई थी। यह समय सीमा जब खत्म हो गई तब निगम ने अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू कर दिया। अवैध कब्जों को हटाने की कार्रवाई प्रस्तावित विकास परियोजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए की गई।




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