NCR में रात 2 बजे से कहां गरजने लगे बुलडोजर; इंटरनेट और रास्ते बंद, पूरा इलाका बना छावनी
फरीदाबाद के एनआईटी-3 में सरकारी जमीन पर सड़क किनारे बने 50 साल पुराने दो धार्मिक स्थलों पर शनिवार तड़के से बुलडोजर वाली कार्रवाई जारी है। इसके लिए पूरे इलाके में इंटरने बंद कर भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई है। साथ ही रास्ते भी डायवर्ट कर दिए गए हैं।

फरीदाबाद नगर निगम ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में शनिवार तड़के एनआईटी-3 में सरकारी जमीन पर सड़क किनारे बने दो अवैध धार्मिक स्थलों को हटाने की कार्रवाई शुरू की। रात 2 बजे से चल रही इस कार्रवाई के लिए पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है। एक किलोमीटर के दायरे में रास्ते बंद हैं और करीब एक हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। इलाके में इंटरनेट भी बंद कर दिया गया है। यह दोनों धार्मिक स्थल 50 साल पुराने बताए जा रहे हैं।
रात दो बजे शुरू हुआ अभियान, दोपहर तक चलेगी कार्रवाई
फरीदाबाद के एनआईटी नंबर-3 में शनिवार तड़के नगर निगम का तोड़फोड़ दस्ता भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पहुंचा। अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई रात करीब 2 बजे शुरू हुई, जो दोपहर 2 बजे तक चलने की संभावना है। नगर निगम ने सरकारी भूमि पर बने दो धार्मिक स्थलों को हटाने के लिए बड़े पैमाने पर तैयारी की थी। मौके पर दो बड़ी मशीनों के अलावा कई जेसीबी लगाई गई हैं। ढांचों को हटाने के साथ-साथ मलबे को तुरंत ट्रकों में भरकर बाहर ले जाया जा रहा है ताकि क्षेत्र में किसी प्रकार की बाधा न रहे। प्रशासन पूरी कार्रवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग अपने स्तर पर करा रहा है और हर गतिविधि की निगरानी की जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत की जा रही कार्रवाई
नगर निगम के एसडीओ सुरेंद्र हुड्डा ने बताया कि शनिवार को केवल दो धार्मिक स्थलों को हटाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई किसी विकास परियोजना के लिए नहीं, बल्कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के पालन में की जा रही है। कोर्ट ने सार्वजनिक और सरकारी भूमि पर सड़क किनारे बने अवैध धार्मिक ढांचों को हटाने के निर्देश दिए हुए हैं। प्रशासन का कहना है कि संबंधित निर्माण सरकारी जमीन पर बने हुए थे। नगर निगम की ओर से पहले भी ऐसे मामलों में नोटिस जारी किए जाते रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है और इसका उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना है।
एक हजार पुलिसकर्मी तैनात, अधिकारी मौके पर डटे
कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र को पुलिस छावनी में बदल दिया गया है। करीब एक हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। पुलिस कमिश्नर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं। धार्मिक स्थलों के आसपास कई सुरक्षा घेरों का निर्माण किया गया है। पुलिस बल के अलावा रिजर्व जवानों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन का प्रयास है कि कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था पूरी तरह बनी रहे और किसी प्रकार का तनाव पैदा न हो।
नाकेबंदी से लोगों को परेशानी, आवाजाही पर रोक
सुरक्षा कारणों से कार्रवाई स्थल के आसपास लगभग एक किलोमीटर क्षेत्र में आने वाले सभी प्रमुख रास्तों को बंद कर दिया गया है। बैरिकेड लगाकर पुलिस ने आवाजाही को नियंत्रित किया हुआ है। स्थानीय लोगों को भी प्रतिबंधित क्षेत्र में आने-जाने की अनुमति नहीं दी जा रही। इसके कारण कई लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए लंबा रास्ता अपनाना पड़ रहा है। कुछ परिवार सुबह से ही अपने घरों तक सीमित रहे। बाजार और आसपास के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर भी इसका असर देखा गया। प्रशासन ने लोगों से सहयोग करने और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की है।
इंटरनेट बंद, फोटो और वीडियो बनाने पर भी पाबंदी
प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पूरे इलाके में इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं। अधिकारियों का मानना है कि इससे अफवाहों और भ्रामक संदेशों के प्रसार को रोका जा सकेगा। इसके साथ ही कार्रवाई स्थल के आसपास फोटोग्राफी और वीडियो रिकॉर्डिंग पर भी रोक लगाई गई है। पुलिस कर्मियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी व्यक्ति प्रतिबंधित क्षेत्र में जाकर वीडियो या तस्वीरें न बनाए। शुक्रवार शाम को प्रशासन की ओर से एडवाइजरी जारी कर लोगों को पहले ही स्थिति की जानकारी दे दी गई थी। अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई पूरी होने तक सुरक्षा संबंधी सभी प्रतिबंध लागू रहेंगे।




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