बरेली के हादसे ने खोला अपहरण का राज, गुरुग्राम से बाप-बेटों को अगवा करने वाले 3 किडनैपर्स की मौत
Gurugram News: उत्तर प्रदेश के बरेली के बड़ा बाईपास पर रविवार को हुए हादसे में मरने वाले तीनों मृतक और चौथा घायल युवक अपहरणकर्ता निकले। चारों गुरुग्राम के डीएलएफ फेस-1 थाना क्षेत्र से ऑटो चालक और उसके दो मासूम बेटों का अपहरण करके लाए थे।

Gurugram News: उत्तर प्रदेश के बरेली के बड़ा बाईपास पर रविवार को हुए हादसे में मरने वाले तीनों मृतक और चौथा घायल युवक अपहरणकर्ता निकले। चारों गुरुग्राम के डीएलएफ फेस-1 थाना क्षेत्र से ऑटो चालक और उसके दो मासूम बेटों का अपहरण करके लाए थे। आपस में हुई अनबन के बाद वे बच्चों को वापस गुरुग्राम छोड़ने जा रहे थे, तभी यह हादसा हो गया।
हादसे में अपहृत दोनों बच्चे भी हादसे में घायल हुए, जो अस्पताल में भर्ती हैं। उनके ऑटो चालक मनोज पिता को पुलिस ने एक अपहरणकर्ता के घर से बरामद कर लिया। अपहरण में शामिल एक घायल समेत दो अन्य व्यक्तियों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। बरेली के एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि रविवार शाम बड़ा बाईपास पर एक बोलेरो सड़क किनारे खड़े टैंकर से टकरा गई थी। हादसे में बोलेरो सवार फरीदपुर के टांडा सिकंदरपुर गांव निवासी मनमोहन सिंह, पीलीभीत में अमरिया तहसील के कल्याणपुर चक्रतीर्थ निवासी सिकंदर और रामपुर में विलासपुर थाना क्षेत्र के गांव रमनपुर कुर्तिया निवासी विशेष यादव की मौत हो गई थी। वहीं रमनपुर कुर्तिया निवासी बोलेरो चालक प्रिंस यादव और दो बच्चे घायल हो गए थे।
4 अप्रैल की शाम किया था अपहरण
प्रिंस के होश में आने के बाद सामने आया कि वे चारों 4 अप्रैल की शाम करीब साढ़े 7 बजे गुरुग्राम के डीएलएफ थाना क्षेत्र से ऑटो चालक मनोज और उसके दो बेटों छह वर्षीय मयूर और तीन साल के लक्ष्य का अपहरण करके लाए थे। तीनों का अपहरण करके जब वे लोग फरीदपुर में मनमोहन के घर पहुंचे तो उसके पिता नत्थूलाल ने बच्चों के अपहरण को लेकर विवाद शुरू कर दिया। तीनों को ठिकाने लगाने की बात कहने लगा, मगर वे लोग तैयार नहीं हुए और दोनों बच्चों को वापस गुरुग्राम छोड़ने जा रहे थे, तभी यह हादसा हो गया।
लिस ने मनमोहन के पिता नत्थूलाल को हिरासत में ले लिया
प्रिंस की ओर से दी गई जानकारी के आधार पर पुलिस ने मनमोहन के पिता नत्थूलाल को हिरासत में ले लिया और उसकी निशानदेही पर बच्चों के पिता मनोज को फरीदपुर स्थित उसके घर से बरामद कर लिया। पुलिस का कहना है कि इसी बोलेरो से टकराकर सीबीगंज के अटा कायस्थान निवासी मुमताज खान और साहबजाद खान की भी मौत हुई, लेकिन अपहरण की घटना से उनका कोई वास्ता नहीं है।
पुलिस के साथ बच्चों की मां भी पहुंची
सूचना मिलने पर गुरुग्राम से मुकदमे के विवेचक एएसआई दलविंदर भी पूजा को लेकर बरेली पहुंच गए। पूजा ने एक शनिवार को अपहरण का मामला दर्ज कराया था। पूरे मामले की जानकारी लेकर उन्होंने बच्चों और मनोज को अपने कब्जे में ले लिया है। अपहरणकर्ताओं के परिजन भी पहुंचे, लेकिन इस पूरे मामले में उन्होंने चुप्पी साधे रखी और पोस्टमॉर्टम के बाद शव लेकर चले गए।
गुरुग्राम में दर्ज है अपहरण की रिपोर्ट
पूरी घटना सामने आने के बाद पुलिस ने गुरुग्राम में डीएलएफ फेस-1 पुलिस से संपर्क किया तो पता चला कि नाथूपुर एस ब्लॉक में रहने वाली पूजा ने अपने पति मनोज और दोनों बच्चों मयूर और लक्ष्य के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई है। उसने पुलिस को बताया कि पति एक नियमित ग्राहक को लेकर सिकंदरपुर पहाड़ी के पास मंदिर गया था। दोनों बच्चे भी उसके साथ थे और वहीं से कार सवार लोग उसका अपहरण कर ले गए। गुरुग्राम पुलिस भी बरेली पहुंची हुई है।




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