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गुरुग्राम में बच्ची से रेप; सादे कपड़ों में जाएं और बयान लें, SC का SIT को आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुग्राम में बच्ची से दुष्कर्म मामले की जांच के लिए एसआईटी को सादे कपड़ों और मनोवैज्ञानिक के साथ बच्ची का बयान दर्ज करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने जांच के लिए दो हफ्ते का समय दिया और आरोपियों की जमानत पर रोक लगा दी।

Tue, 7 April 2026 12:08 AMKrishna Bihari Singh भाषा, नई दिल्ली
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गुरुग्राम में बच्ची से रेप; सादे कपड़ों में जाएं और बयान लें, SC का SIT को आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुग्राम में 3 साल की बच्ची से दुष्कर्म के मामले में SIT को निर्देश दिया है कि वे सादे कपड़ों में एक मनोवैज्ञानिक के साथ बच्ची के घर जाकर उसका बयान दर्ज करें ताकि उस पर कोई मानसिक दबाव न पड़े। सर्वोच्च अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फिलहाल किसी भी कार्यवाही को बंद करने से इनकार कर दिया और जांच पूरी करने के लिए दो हफ्ते का समय दिया है। साथ ही निचली अदालत को आदेश दिया गया है कि आरोपपत्र दाखिल होने तक आरोपियों को जमानत न दी जाए।

चार्जशीट तक नहीं मिलेगी जमानत

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने महिला सदस्यों वाली विशेष जांच टीम (एसआईटी) को जांच पूरी करने के लिए दो हफ्ते की मोहलत दी। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने मामले की सुनवाई कर रही निचली अदालत को निर्देश दिया कि जब तक एसआईटी आरोप-पत्र दाखिल न कर दे तब तक आरोपियों की जमानत याचिका स्वीकार ना की जाए।

साथ चाय पीजिए और बच्ची से बात करिए

प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि एसआईटी को सादे कपड़ों में बाल काउंसलर्स के साथ जाना चाहिए ताकि बच्ची पर कोई बुरा मनोवैज्ञानिक असर न पड़े। टीम को बच्ची के माता-पिता के साथ चाय पीनी चाहिए और फिर बच्ची से बात करनी चाहिए। इस बीच एसआईटी ने अदालत को बताया कि तीनों आरोपियों की पॉलीग्राफ टेस्ट रिपोर्ट एक हफ्ते में आ जाएगी। अभी टीम को बच्ची से पूछताछ करनी है।

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शिनाख्त परेड की जरूरत नहीं

टीम ने यह भी जानकारी दी कि गुरुग्राम पुलिस ने पहले शिनाख्त परेड की मांग की थी लेकिन अब उन्हें इसकी जरूरत नहीं है। बच्ची की जांच करने वाली डॉक्टर की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन और अधिवक्ता सुमीर सोढ़ी ने अदालत को बताया कि वह 80 वर्षीय प्रतिष्ठित डॉक्टर हैं। उन्होंने बयान में कोई बदलाव नहीं किया है। डॉक्टर पर पहले बयान बदलने का आरोप लगाया गया था।

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किसी के खिलाफ नहीं बंद होगा मामला

वकीलों की ओर से डॉक्टर के खिलाफ कार्यवाही बंद करने की मांग की गई। इस पर सर्वोच्च अदालत ने कहा कि हम किसी के भी खिलाफ कार्यवाही बंद नहीं करने जा रहे हैं। यह मामला पूरे देश में एक उदाहरण के रूप में याद रखा जाएगा। पुलिस के अनुसार, सेक्टर 54 स्थित एक सोसाइटी में दो महिला घरेलू सहायिकाओं और उनके एक पुरुष साथी ने 3 साल की बच्ची का लगभग 2 महीने तक यौन उत्पीड़न किया।

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