गुरुग्राम में बनेगा आतंकवाद निरोधक थाना, ATS के गठन की भी घोषणा
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस बार के बजट में गुरुग्राम में आतंकवाद निरोधक थाना स्थापित करने का प्रावधान किया है। इसके साथ ही आईजी स्तर के अधिकारी के अधीन एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) के गठन की भी घोषणा की गई है।

सुरक्षा चुनौतियों और संभावित आतंकी खतरों से निपटने के लिए हरियाणा सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस बार के बजट में गुरुग्राम में आतंकवाद निरोधक थाना स्थापित करने का प्रावधान किया है। इसके साथ ही पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) स्तर के अधिकारी के अधीन एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) के गठन की भी घोषणा की गई है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को विधानसभा में बतौर वित्त मंत्री पेश किए गए बजट में इसकी घोषणा की। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से सटा होने और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों की मौजूदगी के कारण गुरुग्राम संवेदनशील श्रेणी में आता है। ऐसे में खुफिया निगरानी, त्वरित कार्रवाई के लिए यह कदम उठाया गया है।
आईजी रैंक अधिकारी की निगरानी में काम करेगा एटीएस
एटीएस आईजी स्तर के अधिकारी की देखरेख में काम करेगा। इसका मुख्य उद्देश्य आतंकी गतिविधियों, संदिग्ध संगठनों और साइबर माध्यम से होने वाली राष्ट्रविरोधी साजिशों पर नजर रखना होगा।
सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने की पहल
सरकार का कहना है कि इन कदमों से न केवल आतंकवादी घटनाओं से निपटने की क्षमता बढ़ेगी, बल्कि जेल सुरक्षा व्यवस्था भी आधुनिक तकनीक से सुसज्जित होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि गुरुग्राम जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में सुरक्षा ढांचे को मजबूत करना समय की मांग है। बजट में किए गए इन प्रावधानों को प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में अहम पहल माना जा रहा है
जेल परिसर के पास पेट्रोल पंप खुलेगा
बजट में जेल परिसर के बाहर नया पेट्रोल पंप खोलने का भी प्रावधान किया गया है। पेट्रोल पंप पर जेल में बंद कैदी काम करेंगे। सुबह वह जेल से बाहर आएंगे और शाम को जेल के अंदर भेजा जाएगा। इससे जेल प्रशासन के वाहनों को ईंधन उपलब्ध कराने में सुविधा होगी और संचालन लागत में पारदर्शिता आएगी।
गुरुग्राम जेल होगी हाईटेक
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम की जेल को भी हाईटेक बनाने की घोषणा की है। जेल परिसर में अत्याधुनिक सीसीटीवी नेटवर्क, फेस रिकग्निशन सिस्टम और डिजिटल मॉनिटरिंग की व्यवस्था की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए जेल वार्डन बॉडी कैमरों का इस्तेमाल करेंगे, ताकि हर गतिविधि की रिकॉर्डिंग हो सके और पारदर्शिता बनी रहे। इसके अलावा जेल में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम भी किए गए हैं, ताकि कैदी अंदर से बाहर किसी तरह का संपर्क स्थापित नहीं कर सके।
बता दें कि, मुख्यमंत्री ने विधानसभा में बतौर वित्त मंत्री 2,23,658.17 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। इस बार का बजट पिछले बजट की तुलना में यह 10.28 प्रतिशत ज्यादा है।




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