भाजपा में जाने वाले अपने सातों सांसदों के खिलाफ ऐक्शन लेगी AAP, बताया अपना अगला कदम
संजय सिंह ने कहा कि तीन लोग राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल शुक्रवार को भाजपा के दफ्तर भी गए थे। बाकी जो चार लोगों को लेकर दावा किया जा रहा है, उन सबके खिलाफ भी सदस्यता समाप्त करने के लिए राज्यसभा के सभापति, उपराष्ट्रपति को पत्र देंगे।

आम आदमी पार्टी (AAP) ने शनिवार को कहा कि वह पार्टी छोड़ने वाले अपने सांसदों को राज्यसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित करने की मांग करेगी। पार्टी के वरिष्ठ नेता व सांसद संजय सिंह ने बताया कि वह राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति को पत्र लिखेंगे और प्रासंगिक नियमों का हवाला देते हुए भाजपा में शामिल हुए सातों सांसदों की राज्यसभा सदस्यता समाप्त करने की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि इन सभी सांसदों का भाजपा में जाना पूरी तरह से असंवैधानिक, गैर-कानूनी और नियमों के विपरीत है।
शनिवार को आम आदमी पार्टी मुख्यालय पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में संजय सिंह ने कहा कि संविधान की 10वीं अनुसूची में स्पष्ट लिखा है कि दलबदल विरोधी कानून के अनुसार राज्यसभा और लोकसभा में किसी तरह का अलग गुट मान्य नहीं होता, चाहे उसमें दो-तिहाई सदस्य ही क्यों न हों। तब भी उसकी कोई वैधानिक मान्यता नहीं है। ऐसे में सातों लोगों ने गैर संवैधानिक, गैर कानूनी और नियमों के विपरीत जाकर भाजपा में शामिल होने का ऐलान किया है।
'संसदीय दल में नहीं हो सकती किसी तरह की टूट'
सिंह ने कहा कि दल-बदल विरोधी कानून साफ तौर पर कहता है कि किसी भी प्रकार की टूट विधानसभा, राज्यसभा या लोकसभा में नहीं हो सकती। इसे कोई वैधानिक मान्यता नहीं है। उन्होंने कहा कि यह शिवसेना के केस में भी सामने आ चुका है। इसलिए आम आदमी पार्टी के जो सात राज्यसभा सांसद टूटे हैं, वह गैर-कानूनी, गैर-संवैधानिक और संसदीय नियमों के विपरीत है।
सातों सांसदों के खिलाफ सभापति व उपराष्ट्रपति को पत्र देंगे
संजय सिंह ने कहा कि 'तो जो आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा के सांसद टूटे हैं, ये गैरकानूनी है, गलत है, गैर संवैधानिक है और संसदीय नियमों के विपरीत है, इसलिए मैं आज चेयरमैन राज्यसभा को, उपराष्ट्रपति महोदय को इन सारे नियमों का हवाला देते हुए पत्र दूंगा, कि इन सातों राज्यसभा के सांसदों की सदस्यता पूरी तरह से समाप्त की जाए। इनमें से तीन लोग राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल शुक्रवार को भाजपा के दफ्तर भी गए थे। बाकी जो चार लोगों को लेकर दावा किया जा रहा है, उन सबके खिलाफ भी सदस्यता समाप्त करने के लिए राज्यसभा के सभापति, उपराष्ट्रपति को पत्र देंगे।'
भारद्वाज बोले- इन नेताओं जैसे कितने आए, और कितने गए
उधर, पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि आम आदमी पार्टी आम कार्यकर्ताओं ने बनाई थी और यह आम कार्यकर्ताओं की ही पार्टी है। इन नेताओं जैसे कितने आए और कितने गए। यह आम आदमी पार्टी के लिए मुश्किल समय है। दिल्ली की सत्ता छिन गई है, नेताओं को जेल भेजा जा रहा है, रोज ईडी के छापे पड़ रहे हैं और सरकार ने तो पार्टी का ऑफिस तक छीन लिया था। ऐसे हालात में कुछ लोग तो भागकर जाएंगे ही।




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