केजरीवाल के 7 सासंद छोड़ गए आप, कांग्रेस को सबसे ज्यादा फायदा होता दिख रहा, जानें कैसे?
बीते दिनों केजरीवाल के 7 सांसद बागी होकर भाजपा में शामिल हुए, तो पार्टी पर भाजपा की B- टीम होने का आरोप सच साबित होता दिखाई दिया। ऐसे में राजनीति से जुड़े जानकार मान रहे हैं कि इन सांसदों के भाजपा में जाने से कांग्रेस को सबसे ज्यादा फायदा मिल सकता है। जानें कैसे…

कांग्रेस नेता राहुल गांधी लंबे समय से आम आदमी पार्टी पर भाजपा की B- टीम होने का आरोप लगाते आए हैं। बीते दिनों केजरीवाल के 7 सांसद बागी होकर भाजपा में शामिल हुए, तो ये आरोप सच साबित होता दिखाई दिया। ऐसे में राजनीति से जुड़े जानकार मान रहे हैं कि इन सांसदों के भाजपा में जाने से कांग्रेस को सबसे ज्यादा फायदा मिल सकता है। क्योंकि संदीप पाठक, राघव चड्ढा और स्वाति मालीवाल जैसे नेताओं के जाने से एक तरफ आप कमजोर होगी, तो वहीं इसका फायदा कांग्रेस उठाएगी। जानिए कैसे?
कांग्रेस की कैसे होती दिख रही चांदी?
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे बड़ा फायदा कांग्रेस को मिलता दिख रहा है। इसके पीछे कई कारण हैं।
1. एंटी-BJP वोट का बिखराव कम होना
दिल्ली और शहरी क्षेत्रों में आम आदमी पार्टी ने साल 2013 के बाद से कांग्रेस के पारंपरिक वोट बैंक (मुस्लिम और दलित) में सेंध लगाई थी। आज भी काफी बड़ी मात्रा में ऐसा वोट बैंक है, जो एंटी-भाजपा है। ऐसे में अगर AAP कमजोर होती है, तो यह वोट फिर से कांग्रेस की ओर लौट सकता है।
2. राजनीतिक स्पेस की वापसी
दिल्ली और पंजाब में कभी कांग्रेस का मजबूत आधार रहा है। AAP के उभार के बाद दोनों जगह से कांग्रेस को हाथ धोना पड़ा था। गुजरात और गोवा में भी कांग्रेस के स्पेस को भरने में आप की अहम भूमिका रही है। ऐसे में अगर AAP की पकड़ ढीली होती है, तो कांग्रेस के पास खोया हुआ आधार वापस पाने का मौका है।
3. “B-टीम” वाले नैरेटिव का फायदा
राहुल गांधी का भाजपा की “B-टीम” वाला आरोप भी इस घटनाक्रम के बाद और जोर पकड़ सकता है। राहुल गांधी समेत कांग्रेस नेता ये आरोप लगाते आए हैं कि आप केवल वोट काटने वाली पार्टी है। उसे भाजपा ने बनाया है। ऐसे में AAP के नेता भाजपा में जाते दिखते हैं, तो कांग्रेस इसे अपने राजनीतिक नैरेटिव के तौर पर इस्तेमाल कर सकती है।
4- जनता के सामने मजबूत विकल्प की तरह पेश
आम आदमी पार्टी में संदीप पाठक संगठन के मास्टरमाइंड थे। राघव चड्ढा बड़ा राजनीतिक चेहरा और स्वाति मालीवाल जमीनी मुद्दों की आवाज रहे। इन नेताओं के आप से चले जाने पर कांग्रेस कहेगी- भाजपा से लड़ते-लड़ते पार्टी के गंभीर नेता उसे छोड़ गए। अब आप में कोई नहीं बचा। आप की नैतिक हार बताते हुए, कांग्रेस जनता के सामने खुद को गंभीर और मजबूत विकल्प के तौर पर पेश करेगी।
भाजपा को फायदा और पावर शिफ्ट में बदलाव
पहली नजर में देखें तो आप के 7 सांसदों का भाजपा में जाना, उसके लिए फायदेमंद साबित होता दिख रहा है। क्योंकि विपक्षी दल के मजबूत नेता उसके साथ आ गए हैं। लेकिन दूसरी तरफ, अगर इससे कांग्रेस मजबूत होती है, तो भविष्य में मुकाबला सीधे भाजपा बनाम कांग्रेस हो सकता है। ऐसे में AAP के कमजोर होने का असर राजनीतिक संतुलन बदल सकता है।




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