गुरुग्राम में 500 AC ई-बसें चलाने की तैयारी, गांवों से सेक्टरों और कॉलोनियों तक मिलेगा फायदा
गुरुग्राम नगर निगम ने आवास एवं शहरी मंत्रालय से शहरी विकास फंड के जरिये 500 एसी ई-बसें उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। ई-बसें उपलब्ध होने के बाद इन्हें परिवहन सेवा से जोड़ा जाएगा। 500 बस रोजाना करीब 90 हजार किलोमीटर चलेंगी।

दिल्ली से सटी हरियाणा की मिलेनियम सिटी गुरुग्राम में 500 एयरकंडीशन (एसी) ई-बसें चलाने की तैयारी की जा रही है। गुरुग्राम नगर निगम ने आवास एवं शहरी मंत्रालय से शहरी विकास फंड के जरिये ई-बसें उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। इन बसों के मिलने के बाद जिले में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़कर 600 तक पहुंच जाएगी। बता दें कि जिले की आबादी के मुताबिक गुरुग्राम में करीब 1500 ई-बस की जरूरत है।
गुरुग्राम महानगर सिटी बस लिमिटेड (जीएमसीबीएल) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विश्वजीत चौधरी ने गुरुग्राम नगर निगम के आयुक्त प्रदीप दहिया से आग्रह किया था कि शहरी एवं आवास मंत्रालय से 500 ई-बस दिलवाई जाएं।
कहां-कहां पर बसों के डिपो बनाने का प्रस्ताव
जीएमसीबीएल की तरफ से तैयार प्रस्ताव के मुताबिक, इन बसों के लिए सेक्टर-52-53, 65, 103, 112 के अलावा मानेसर में डिपो बनाए जाएंगे। सेक्टर-52-53 के मौजूदा बस डिपो को ई-बस डिपो में बदला जाएगा। सेक्टर-65 में ई-बस डिपो के निर्माण के लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण से जमीन उपलब्ध करवाने का आग्रह किया जा चुका है। सेक्टर-103 में करीब सवा सात एकड़ जमीन में बस डिपो बनाया जाएगा। मानेसर में ई-बस डिपो बनाने के लिए नाहरपुर कासन में करीब साढ़े 11 एकड़ जमीन का चयन किया जा चुका है।
बस सुविधा से कई इलाके वंचित
प्रस्ताव में कहा गया है कि गुरुग्राम में कई गांव, कॉलोनियां और सेक्टर ऐसे हैं, जिन्हें अब तक सिटी बस सेवा से नहीं जोड़ा जा सका है। इसका कारण बसों की कमी है। ई-बस उपलब्ध होने के बाद इन्हें परिवहन सेवा से जोड़ा जाएगा। 500 बस रोजाना करीब 90 हजार किलोमीटर चलेंगी।
चार्जिंग स्टेशन लगाए जा रहे
सेक्टर-10 के बस डिपो में ई-बस के लिए चार्जिंग स्टेशन लगाने का काम शुरू हो चुका है। 25 ई-चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे। इनके माध्यम से 100 ई-बसों को चार्ज किया जाएगा। जून माह में 50 ई-बस पहुंच जाएंगी। बची 50 ई-बस जुलाई माह में आ जाएंगी।
विश्वजीत चौधरी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जीएमसीबीएल, ''गुरुग्राम में परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। अगले दो महीने में 100 ई-बस आ जाएंगी। इनके संचालन के लिए रूट तैयार कर लिए हैं। 500 और ई-बस उपलब्ध करवाने का प्रस्ताव भेजा है।''
बता दें कि, बढ़ते वायु प्रदूषण से निपटने और तेल एवं गैस पर निर्भरता कम करने लिए के लिए इलेक्ट्रिक वाहन आज बदलते वक्त की एक बड़ी जरूरत है। अभी हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों से ईंधन बचाने और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने अथवा वर्क फ्रॉम होम की अपील की थी।
रिपोर्ट - दीपक आहूजा




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