लड़की बन भारतीयों को चूना लगाने वाले तीन विदेशी गिरफ्तार, एक के बारे में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और करीब सालभर से ज्यादा चली जांच के बाद पुलिस टीम ने गुरुवार देर रात नोएडा से आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गुरुग्राम पुलिस ने भारतीय नागरिकों को बेवकूफ बनाकर उन्हें ठगने वाले विदेशी नागरिकों के एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन नाइजीरियाई नागरिकों को गिरफ्तार किया है। इन तीनों पर आरोप है कि वे सोशल मीडिया पर खुद की पहचान लड़की के रूप में बताते थे और फिर इसके जरिए या किसी अन्य तरीके से भारतीय लोगों को फंसाकर, उनका भरोसा जीतने के बाद उनके साथ ठगी की वारदात को अंजाम देते थे। इसी तरह ठगी का शिकार बने एक शख्स की शिकायत के बाद कार्रवाई करते हुए ही पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई और उन्हें धर दबोचा। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उनके पास से 19 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और 18 भारतीय व अंतरराष्ट्रीय सिम कार्ड बरामद किए।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों की पहचान चिनेडू, जेम्स संडे और जूल्स काकाऊ के रूप में हुई है, ये सभी नाइजीरिया के रहने वाले हैं। अधिकारियों ने बताया कि तीनों आरोपियों से पूछताछ के दौरान जेम्स संडे नाम के आरोपी के बारे में बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ। दरअसल पूछताछ के दौरान उसने बताया कि वह साल 2022 में बांग्लादेश के रास्ते अवैध रूप से भारत में दाखिल हुआ था, और तब से वह यहीं पर रह रहा था। जबकि दूसरा आरोपी चिनेडू वर्ष 2018 में स्टडी वीजा पर भारत आया था, वहीं तीसरा आरोपी जूल्स साल 2017 में स्टडी वीजा पर भारत आया था।
पिछले साल मिली थी पुलिस को वारदात की शिकायत
मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि इस बारे में हमें पिछले साल 25 अप्रैल को एक शिकायत मिली थी, जिसमें एक शख्स ने अपने साथ हुई धोखाधड़ी के बारे में बताया था। उसका कहना था कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर उसकी मुलाकात एक लड़की से हुई थी। जिसने उसका भरोसा जीतने के बाद उसके साथ 70 हजार रुपए की ठगी को अंजाम दे दिया।
पीड़ित ने बताया कैसे हुई उसके साथ धोखाधड़ी
वारदात का तरीका बताते हुए उसने कहा कि, 'गहरी दोस्ती होने के बाद लड़की ने उससे भारत आने की बात कही। फिर एक दिन उसने बताया कि वह भारत आ गई है और मुंबई हवाई अड्डे पर उसके चेक को भारतीय मुद्रा में बदलने के लिए उसे रजिस्ट्रेशन फीस के तौर पर 69,900 रुपए की जरूरत है।' लड़की पर भरोसा करते हुए जब शख्स ने पैसे ट्रांसफर कर दिए, तो वह लड़की कुछ अन्य खर्चे बताते हुए उससे और भी पैसे ट्रांसफर करने के लिए कहने लगी। तब जाकर शिकायतकर्ता को अहसास हुआ कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है।
13 महीने बाद पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और करीब सालभर से ज्यादा चली जांच के बाद पुलिस टीम ने गुरुवार देर रात नोएडा से आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद तीनों नाइजीरियाई नागरिकों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
उधर इस मामले में की गई कार्रवाई के बारे में जानकारी देते हुए एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि FIR में पासपोर्ट अधिनियम और विदेशी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत भी आरोप जोड़े गए हैं। उन्होंने कहा कि, 'आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लड़कियों का रूप धरकर भारत में रहने वाले लोगों से बात करते थे और उनका भरोसा जीतकर धोखाधड़ी को अंजाम देते थे।'




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