दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे किनारे बनेगा 10 KM लंबा ग्रीन कॉरिडोर, ओल्ड फरीदाबाद से सेक्टर-8 तक हरा-भरा
फरीदाबाद में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे लिंक रोड के साथ करीब 10 किलोमीटर हिस्से में दोनों ओर ग्रीन कॉरिडोर विकसित करने की तैयारी पूरी की गई है। योजना के तहत सेक्टर-8 से लेकर ओल्ड फरीदाबाद तक सड़क किनारे हरियाली विकसित की जाएगी।

फरीदाबाद में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे लिंक रोड के साथ करीब 10 किलोमीटर हिस्से में दोनों ओर ग्रीन कॉरिडोर विकसित करने की तैयारी पूरी की गई है। योजना के तहत सेक्टर-8 से लेकर ओल्ड फरीदाबाद तक सड़क किनारे हरियाली विकसित की जाएगी। इससे शहर की सुंदरता बढ़ेगी और पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी। इसके लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की ओर से टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है।
फरीदाबाद शहर से गुजर रहे करीब 26 किलोमीटर लंबे बाईपास को एनएचएआई द्वारा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के लिंक रोड के रूप में विकसित किया गया है। एक्सप्रेसवे के निर्माण से पूर्व सड़क निर्माण के बीच आ रहे हजारों पेड़ों को काट दिया गया था। साथ ही सेक्टर-17 में बने रोज गार्डन को भी उजाड़ दिया गया था, तब से यह बंजर पड़ा है।
ग्रीन कॉरिडोर के तहत एक्सप्रेसवे के दोनों ओर पौधरोपण, झाड़ियां, लॉन, फूलों की क्यारियां और सजावटी पेड़ लगाए जाएंगे। इसके साथ ही पैदल यात्रियों के लिए वॉकिंग ट्रैक, बैठने की व्यवस्था और कुछ स्थानों पर साइकिल ट्रैक विकसित करने की भी योजना है। इससे न केवल यातायात मार्ग अधिक आकर्षक बनेगा, बल्कि लोगों को सुबह-शाम सैर और व्यायाम के लिए बेहतर स्थान भी मिलेगा।
योजना का मुख्य उद्देश्य शहर में बढ़ते प्रदूषण को कम करना और हरित क्षेत्र को बढ़ावा देना है। अधिकारियों का कहना है कि सड़क किनारे हरियाली विकसित होने से धूल, धुएं और शोर प्रदूषण में कमी आएगी, जिससे आसपास रहने वाले लोगों को राहत मिलेगी। इसके अलावा ग्रीन कॉरिडोर से शहर का तापमान संतुलित रखने में भी मदद मिलेगी।
प्रदूषण स्तर में होगा सुधार
प्रदूषण के मामले में फरीदाबाद अक्सर शिखर पर रहता है। देश में कई बार शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 तक पहुंच जाता है। ऐसे में लोगों को जहरीली हवा में सांस लेनी पड़ती है। श्वास ओर हृदय रोगियों की समस्या बढ़ जाती है। हालांकि प्रदूषण नियंत्रण के लिए नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। सड़कों पर पानी का छिड़काव, करवाया जाता है, लेकिन सब हवा-हवाई तक सीमित होते हैं। चुनिंदा एंटी स्मॉग गन से सड़कों पर छिड़काव किया जा रहा है, बाकी निगम मुख्यालय में धूल फांक रही हैं। ऐसे में एक्सप्रेसवे के साथ बनने वाले ग्रीन कारिडोर से प्रदूषण स्तर में सुधार होने की उम्मीद है, जिससे ऑक्सीजन लेबल में बढ़ोतरी होगी। लोगों स्वच्छ हवा में सांस ले सकेंगे।
इन सुविधाओं को मुहैया कराया जाएगा
यह ग्रीन कॉरिडोर न केवल इस क्षेत्र में ऑक्सीजन का स्तर बढ़ाएगा, बल्कि यहां पर कई अन्य सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। कॉरिडोर के बीच-बीच में पार्क बनाए जाएंगे। इसके अलावा यहां लोगों के बैठने के लिए बेंच लगाई जाएंगी और सैर करने के लिए ट्रैक बनेगा। पूरे कॉरिडोर में स्ट्रीट लाइट और सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इस कॉरिडोर में बच्चों-बुजुर्गों के लिए मनोरंजन के साधन विकसित किए जाएंगे। यह कॉरिडोर सेक्टर के लोगों के लिए बहुत फायदेमंद होगा।
पार्कों में सैर-सपाटे के लिए लौटेंगे लोग
सेक्टर 17 स्थित रोज गार्डन सहित ग्रीन बेल्ट में सुंदर पार्क विकसित होने से आसपास के लोगों को काफी फायदा होगा। पार्कों में लाइटों सहित व्यायाम के उपकरण लगने से सुबह शाम यहां लोग पहुंच सकेंगे, जिससे लोगों का स्वास्थ्य भी सुधरेगा।
संदीप दहिया, अधीक्षण अभियंता, एचएसवीपी, ''सेक्टर-8 से ओल्ड फरीदाबाद तक फैले एक्सप्रेसवे मार्ग पर चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा। पहले चरण में भूमि की सफाई, लेवलिंग और मिट्टी सुधार का कार्य किया जाएगा। इसके बाद पौधरोपण और सौंदर्यीकरण का काम शुरू होगा। रखरखाव के लिए ड्रिप इरिगेशन सिस्टम और नियमित देखरेख की व्यवस्था भी प्रस्तावित है जिससे पौधे लंबे समय तक सुरक्षित और हरे-भरे रह सकें।''




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