ग्रेटर नोएडा टू फरीदाबाद जाने को नहीं काटने होंगे दिल्ली के चक्कर, 1.7 KM लंबी सड़क का काम शुरू
ग्रेटर नोएडा को फरीदाबाद के मंझावली पुल से जोड़ने के लिए 1.7 किलोमीटर लंबी नई सड़क बनाने का काम शुरू हो गया है। यह सड़क एक साल में पूरी होगी, जिसके बनने के बाद ग्रेटर नोएडा से फरीदाबाद तक राह आसान हो जाएगी।

ग्रेटर नोएडा को फरीदाबाद के मंझावली पुल से जोड़ने के लिए 1.7 किलोमीटर लंबी नई सड़क बनाने का काम शुरू हो गया है। यह सड़क एक साल में पूरी होगी, जिसके बनने के बाद ग्रेटर नोएडा से फरीदाबाद तक राह आसान हो जाएगी। जगनपुर गांव में शुक्रवार को हरियाणा के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री राजेश नागर, गौतमबुद्ध नगर सांसद डॉ. महेश शर्मा, राज्यसभा सांसद सुरेंद्र नागर, जेवर के विधायक धीरेंद्र सिंह और भाजपा जिलाध्यक्ष अभिषेक शर्मा ने इसका शिलान्यास किया।
जानकारी के मुताबिक, गौतमबुद्ध नगर की सीमा में मंझावली पुल तक 1.7 किलोमीटर की नई सड़क बनाई जानी है। साथ ही जिले के अंदर 5 किलोमीटर सड़क को चौड़ा कर इसे 4 लेन का बनाने की योजना है। उत्तर प्रदेश शासन से सड़क निर्माण के लिए बजट मंजूर हो चुका है। पीडब्ल्यूडी ने सड़क निर्माण के लिए महेंद्र एंड सिंह कंपनी का चयन किया है। कंपनी एक वर्ष के निर्धारित समय में 35 करोड़ रुपये की लागत से ये काम पूरा करेगी।
हरियाणा की सीमा में मंझावली गांव के सामने यमुना पर ग्रेटर नोएडा जाने के लिए पुल तैयार हो चुका है, लेकिन ग्रेटर नोएडा के अट्टा गुजरान गांव से सड़क का निर्माण कार्य पूरा न होने के चलते यहां सुगम तरीके से यातायात सुचारू नहीं हो पा रहा था। मंझावली पुल को ग्रेनो से जोड़ने के लिए कुल 4.99 किलोमीटर की सड़क बननी है। इसमें करीब 1.7 किलोमीटर नई सड़क बनेगी, जो मंझावली पुल से सीधी जुड़ेगी। शेष 3.29 किलोमीटर की सड़क पहले से ही बनी हुई है। हालांकि, पूरी सड़क को चार लेन बनाने के लिए चौड़ीकरण किया जाना है।
36 साल पहले हुआ था परियोजना का शिलान्यास
गौरतलब है कि 36 साल पहले 1989 में मंझावली पुल सड़क परियोजना का पूर्व केंद्रीय मंत्री राजेश पायलट ने शिलान्यास किया था। हालांकि, इसके बाद लंबे समय तक काम बंद रहा। वर्ष 2014 में केंद्र में भाजपा सरकार आने के बाद दोबारा शिलान्यास के साथ परियोजना का काम शुरू हुआ, लेकिन ग्रेटर नोएडा में भूमि विवाद के कारण यह मार्ग पिछले 11 वर्षों से अटका पड़ा था। लंबे समय से सड़क न बनने से लोग परेशान थे। अभी फरीदाबाद जल्दी पहुंचने के लिए लोग कच्ची सड़क से ही गुजरकर पुल पर वाहनों से जा रहे हैं, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है। बता दें कि इसके लिए चार गांवों के 110 किसानों से कुल 6.888 हेक्टेयर जमीन की खरीदी गई है, जिसपर कुल 25 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।
लोगों को दिल्ली के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे
अभी फरीदाबाद के लिए ग्रेटर नोएडा से कोई सीधा रास्ता नहीं है। लोग नोएडा और दिल्ली होकर फरीदाबाद तक पहुंचते हैं। मंझावली पुल तक सड़क बनने के बाद लोग काफी कम वक्त में ग्रेटर नोएडा से सीधे फरीदाबाद पहुंच सकेंगे। सबसे अधिक लाभ फरीदाबाद और ग्रेटर नोएडा में नौकरी के लिए आने-जाने वाले लोगों को होगा। ग्रेटर नोएडा और फरीदाबाद के बीच वाहनों की आवाजाही में समय और ईंधन की बचत होगी। नोएडा एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी भी आसान होगी जाएगी। गौतमबुद्ध नगर और फरीदाबाद के करीब 200 गांवों को सीधा फायदा होगा। जेवर, रबूपुरा के बड़ी संख्या में निवासियों की रिश्तेदारी हरियाणा में है। हर रोज लोगों का आना जाना रहता है। वहीं, यहां से कुछ लोग नौकरी के लिए भी फरीदाबाद जाते हैं। पुल चालू होने के बाद इन गांवों के लिए राह आसान होगी।
क्या बोले जनप्रतिनिधि
डॉ. महेश शर्मा, सांसद, गौतमबुद्ध नगर, ''मंझावली पुल के निर्माण का इंतजार लंबे समय से क्षेत्र के लोगों को था। अब इसका निर्माण होने से बड़ी संख्या में लोगों को लाभ मिलेगा। ग्रेटर नोएडा और फरीदाबाद के बीच लोगों का आवागमन आसान हो जाएगा। इससे ग्रेनो ही नहीं फरीदाबाद समेत अन्य जिलों में भी विकास की रफ्तार तेज होगी।''
सुरेन्द्र नागर, राज्यसभा सांसद, ''यह परियोजना दिल्ली-एनसीआर के बीच सड़क संपर्क को और ज्यादा मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगी। यह पुल न केवल यातायात संचालन को सुगम बनाएगा बल्कि उद्योग, व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा। इसके बनने से दिल्ली-नोएडा में ट्रैफिक का दबाव कम होगा।''
धीरेन्द्र सिंह, विधायक, जेवर, ''इस पुल मार्ग के निर्माण से हरियाणा और पश्चिमी यूपी के लाखों लोगों को लाभ मिलेगा। कनेक्टिविटी मजबूत होने से किसानों, व्यापारियों और आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा। यह परियोजना दूरदर्शी सोच का परिणाम है।''




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