अभिषेक बनर्जी पर अंडे फेंकने दिल्ली से कोलकाता पहुंची महिला, बोली- अभी भी गुस्सा कम नहीं
पश्चिम बंगाल में अभिषेक बनर्जी को लगातार विरोध का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच एक महिला का दावा है कि वह अभिषेक बनर्जी पर अंडे फेंकने के लिए दिल्ली से कोलकाता आई थी। हालांकि, ईडी कार्यालय पहुंचे अभिषेक पर अंडे फेंकने में वह कामयाब नहीं हो पाई।

Abhishek Banerjee: पश्चिम बंगाल में सत्ता गंवाने के बाद ममता बनर्जी और उनकी भतीजे सांसद अभिषेक बनर्जी लगातार लोगों और नेताओं की नाराजगी का सामना कर रहे हैं। अभिषेक बनर्जी के साथ तो हालात यह हो रहे हैं कि नेताओं की नाराजगी के साथ उन्हें जमीनी स्तर पर भी लोगों के विरोध के साथ-साथ अंडों और हाथापाई का भी सामना करना पड़ रहा है। सोनारपुर में टीएमसी सांसद के साथ हुई घटना के बाद अब एक महिला सामने आई है, जिसका दावा है कि वह दिल्ली से कोलकाता अभिषेक बनर्जी के ऊपर अंडे फेंकने के लिए पहुंची थी लेकिन वह सफल नहीं हो पाई।
टीवी9 बांग्ला की रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार को कोलकाता के ईडी ऑफिस (भवानी भवन) पहुंचे अभिषेक बनर्जी के ऊपर अंडे फेंकने की प्लानिंग हो चुकी थी। महिला ने अपना नाम उदिता दास बताते हुए कहा कि वह दिल्ली में रहती है लेकिन अभिषेक बनर्जी पर अंडे फेंकने के लिए वह दिल्ली से कोलकाता आई थी। भवानी भवन के पास अभिषेक बनर्जी के मौजूद होने की खबर सुनकर वह यहां भी पहुंची, लेकिन बॉडीगार्ड्स और पुलिस की भारी मौजूदगी की वजह से वह इसमें कामयाब नहीं हो पाईं।
अभिषेक बनर्जी पर अंडे न फेंक पाने का अफसोस: महिला
महिला ने बताया, "मैं दिल्ली में रहती हूं। मैं अपने पति के साथ यहां पर अभिषेक बनर्जी के ऊपर अंडे फेंकने के लिए आई थी। मैंने सड़े अंडे लेने की कोशिश की थी लेकिन मुझे सड़े अंडे नहीं मिले। इसलिए मैं सादा अंडे ही लेकर आई थी। लेकिन अभिषेक के साथ बहुत सारे बॉडीगार्ड्स और पुलिस वाले थे। इसलिए मैं अंडे नहीं फेंग पाई। मुझे इस बात का बहुत अफसोस है। लेकिन हारने के बाद भी मेरा गुस्सा कम नहीं हुआ है।"
बंगाल में लगातार निशाने पर अभिषेक बनर्जी
बता दें, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार का सामना करने के बाद तृणमूल कांग्रेस और बनर्जी बुआ-भतीजे की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। वर्षों से ममता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले टीएमसी पार्टी नेता अभिषेक पर दुर्व्यवहार का आरोप लगा ममता का साथ छोड़ते नजर आ रहे हैं। बागी होने वाले विधायकों, सांसदों और नेताओं अभिषेक बनर्जी को ही इसका कारण बताया है।
4 मई के बाद नेता ही नहीं बल्कि जनता के निशाना पर भी आ गए हैं। ममता बनर्जी के राज में खुलेआम लोगों को चुनौती देते घूमने वाले अभिषेक को सोनारपुर की यात्रा दौरान लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा था। चुनावी हिंसा में मारे गए एक कार्यकर्ता से मिलने पहुंचे अभिषेक के ऊपर अंडे फेंके गए, उनके साथ धक्का-मुक्की भी की गई। इस घटना का आरोप टीएमसी ने भारतीय जनता पार्टी के ऊपर लगाया। दूसरी तरफ भाजपा ने इसे 15 साल से जनता के अंदर मौजूद गुस्से को वजह बनाया। तृणमूल कांग्रेस की तरफ से इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की कोशिश की गई लेकिन इससे पहले शुभेंदु अधिकारी की सरकार पर सवाल उठते, टीएमसी में बगावत का दौर शुरू हो गया।




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