अभिषेक बनर्जी के लिए वकील नहीं बना, इज्जत करनी पड़ेगी; ममता बनर्जी के भतीजे को किसने सुनाया
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद से ही लगातार अभिषेक बनर्जी नेताओं के निशाने पर हैं। लोकसभा सांसद भी कई बार खुलकर उनकी आलोचना कर चुके हैं। अब कोर्ट केस को लेकर उनके बेटे ने अभिषेक के बर्ताव पर आपत्ति जताई है।

TMC नेताओं के बाद अब वकील भी सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ जमकर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। अब वरिष्ठ नेता कल्याण बनर्जी के बेटे शीर्षाण्य का कहना है कि हमारा भी आत्मसम्मान है और अगर अभिषेक इज्जत नहीं दे सकते हैं, तो वकील उनका काम नहीं करेंगे। खास बात है कि इससे एक दिन पहले ही सीनियर एडवोकेट ने भी ममता बनर्जी के भतीजे के बर्ताव को लेकर आपत्ति दर्ज कराई थी।
क्या है मामला
वकील शीर्षाण्य बनर्जी ने कहा, '2 जून से मामले को देख रहे थे ताकि अभिषेक को कुछ राहत मिले। कल रात 12:50 को बताया गया कि कोई और वकील रहेंगे मैटर में जो कल्याण बनर्जी से जूनियर हैं। यह बात हमने कल्याण बनर्जी को बता दिया है। हमारे पेशे का अपना कुछ शिष्टाचार है। जो सीनियर होते हैं वही मैटर की अगुवाई करते हैं। तो अभिषेक ने फैसला किया है कि कोई और वकील रहेगा। तो वकील के तौर पर हमने भी फैसला किया है कि उनके मैटर में नहीं रहेंगे।'
उन्होंने वॉर्निंग दी है कि अगर सम्मान नहीं किया गया, तो वह काम नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, 'हम लोग प्रोफेशनल हैं और पेशेवर व्यक्ति का सम्मान अधिकार होता है। अगर वह सम्मान नहीं दे पाएंगे, तो पेशेवर भी उनके साथ नहीं रहेंगे। आज अगर उन्हें लगे कि जो लोग के ऊपर वह भरोसा रख रहे हैं, वो उनके साथ रहेंगे तो वह गलत सोच रहे हैं। उन्हें गलतफहमी है।'
ममता बनर्जी के साथ रहेंगे
वकील ने साफ किया है कि वह ममता बनर्जी के लिए काम करना जारी रखेंगे। उन्होंने कहा, 'दीदी ने जिस मामले में हम पर भरोसा जताया है, उसपर हम हमारा 100 फीसदी दे रहे हैं। अभिषेक को अगर पसंद नहीं है तो वह दूसरे वकीलों के साथ काम करेंगे। हम लोग भी उनका मैटर नहीं करेंगे। उनके लिए तो कुछ बंद नहीं हो जा रहा है।'
ममता बनर्जी के साथ बने रहने के सवाल पर उन्होंने कहा, 'दीदी के साथ थे, दीदी के साथ हैं। अभिषेक टीएमसी नहीं है। टीएमसी का बूथ लेवल का कर्मी है, जो लोग भाजपा के पास मार खा रहे हैं, जो घर से बेघर हो गए हैं, जिनके लिए पोस्ट पोल का मैंने पीआईएल किया है। वो भी तो टीएमसी हैं। दीदी भी तो टीएमसी का लीडर है। अभिषेक सिर्फ टीएमसी नहीं है..।'
जमकर जताई नाराजगी
शीर्षाण्य ने कहा, 'उनके राष्ट्रीय महासचिव बनने से पहले मैं वकील हूं। मैं उनके लिए वकील नहीं बना हूं। वकील के तौर पर मेरा भी कुछ आत्मसम्मान है। अगर उस आत्मसम्मान को कोई ठेस पहुंचाएगा तो मेरा भी अधिकार है उनका मैटर नहीं करने का। वह जो भी हों, मुझे फर्क नहीं पड़ता। मेरा जो काला कोट है, काला गाऊन है। वो पहचान है।'
मिला अल्टीमेटम
गुरुवार को कल्याण बनर्जी ने पार्टी प्रमुख को अल्टीमेटम दिया कि वह अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी और उनके जैसे अनुभवी नेताओं में से किसी एक को चुनें। उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव पर 'अहंकार' और 'अस्थिर मानसिकता' का आरोप लगाया। कल्याण ने यह भी घोषणा की कि वह अभिषेक से संबंधित सभी कानूनी मामलों और अदालती याचिकाओं से खुद को अलग कर लेंगे।




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