Will TMC Congress Merger Happen Top Leadership told Objective of Sonia Gandhi Mamata Banerjee Meeting TMC का विलय या कुछ और... कांग्रेस ने बताया सोनिया गांधी-ममता बनर्जी की मीटिंग का मकसद, India News in Hindi - Hindustan
More

TMC का विलय या कुछ और... कांग्रेस ने बताया सोनिया गांधी-ममता बनर्जी की मीटिंग का मकसद

पिछले दिनों टीएमसी में टूट के बीच ममता बनर्जी ने सोनिया गांधी से मुलाकात की थी। इससे टीएमसी के कांग्रेस में विलय की अटकलें शुरू हो गई थीं। अब कांग्रेस ने इसे खारिज कर दिया है। साथ ही, दोनों की मीटिंग का असली मकसद भी बताया है।

Thu, 11 June 2026 05:35 PMMadan Tiwari लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share
TMC का विलय या कुछ और... कांग्रेस ने बताया सोनिया गांधी-ममता बनर्जी की मीटिंग का मकसद

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस के ज्यादातर विधायक और सांसद बागी हो गए हैं। इससे ममता बनर्जी के टीएमसी का कांग्रेस में विलय करने की अटकलें लगने लगीं। दो दिन में ममता बनर्जी ने सोनिया गांधी से दो बार मुलाकात की और अभिषेक बनर्जी राहुल गांधी से मिले। सूत्रों के हवाले से बताया गया कि ममता बनर्जी को कांग्रेस उपाध्यक्ष और अभिषेक बनर्जी को महासचिव का पद ऑफर किया गया है। हालांकि, अब कांग्रेस के टॉप लीडरशिप की तरफ से विलय पर प्रतिक्रिया आई है। कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने संभावित विलय की अटकलों को खारिज करते हुए ऐसे दावों को बेबुनियाद अफवाहें बताया।

मीटिंग का क्या था मकसद?

प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए वेणुगोपाल ने साफ किया कि हाल ही में हुई हाई-लेवल मीटिंग्स, जिनमें पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और कांग्रेस संसदीय दल की चेयरपर्सन सोनिया गांधी के बीच बातचीत, और टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी व राहुल गांधी के बीच अलग-अलग चर्चाएं शामिल थीं, पूरी तरह से रूटीन (सामान्य) थीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन मुलाकातों का मुख्य मकसद एक एकजुट मोर्चा बनाना है ताकि इस अलोकतांत्रिक सरकार के खिलाफ लड़ाई को मजबूत किया जा सके।"

उन्होंने कहा, "ये पूरी तरह से अफवाहें हैं। कल ही हमारे कम्युनिकेशन सेक्रेटरी ने साफ कर दिया था कि ये बातें बेबुनियाद हैं। ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी ने मैडम (सोनिया गांधी) और राहुल गांधी से मुलाकात के दौरान आम बातचीत की। यह इंडिया अलायंस को लेकर हो रही बातचीत का ही एक हिस्सा है, क्योंकि हर कोई इंडिया अलायंस को मजबूत करना चाहता है। हर कोई इस अलोकतांत्रिक सरकार के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करना चाहता है। हम इसी तरह साथ मिलकर आगे बढ़ेंगे, बस यही बातचीत का मुद्दा है, और कुछ नहीं।"

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:TMC में पलटी मारने की चर्चा के बीच शत्रुघन सिन्हा ने चौंकाया, PM मोदी का गुणगान

आगामी राज्यसभा चुनावों की ओर ध्यान दिलाते हुए, वेणुगोपाल ने चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगाए, खासकर मध्य प्रदेश में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र रद्द किए जाने को लेकर। दूसरे उम्मीदवारों के उन कागजात को मंजूरी देने के मामले से इसकी तुलना करते हुए, वेणुगोपाल ने इस घटना को साफ तौर पर सीट चोरी का मामला बताया।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:संकट के बीच ममता बनर्जी के लिए गुड न्यूज, 20 बागी MP वाला दावा साबित हुआ झूठा?

'भारतीय लोकतंत्र की दयनीय हालत'

उन्होंने कहा, "बिना किसी आधार के, एक तरफ तो आप मध्य प्रदेश में मीनाक्षी नटराजन का नॉमिनेशन रद्द कर रहे हैं। दूसरी तरफ, आप उस नॉमिनेशन को मंजूरी दे रहे हैं जिसके कागजात में इतनी सारी कमियां हैं। इस तरह के लोकतंत्र में हम कैसे आगे बढ़ सकते हैं? यह असल में हमें भारतीय लोकतंत्र की दयनीय हालत दिखा रहा है।" उन्होंने कहा, "हम उसी रात भारत के चुनाव आयोग के पास गए। शुरू में, उन्होंने हमें शिकायत करने के लिए अंदर नहीं जाने दिया। आखिरकार, हम वहां धरने पर बैठ गए, और तब जाकर उन्होंने दो लोगों को शिकायत देने के लिए अंदर जाने दिया। कल सुबह, कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने चुनाव आयोग से मुलाकात की और उन्हें पूरी बात समझाई। उन्होंने सब कुछ सुना, लेकिन एक दिन बीत चुका है और चुनाव आयोग की तरफ से अब तक कोई फैसला नहीं आया है।"

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:अभिषेक ने की बदतमीजी; कल्याण बनर्जी ने केस लड़ने से किया इनकार, TMC भी छोड़ेंगे?