केरल के मुख्यमंत्री के तौर पर कौन है राहुल गांधी की पहली पसंद, पता चल गया नाम; रेस में कौन-कौन
केरल में कांग्रेस के लिए नए मुख्यमंत्री का चयन एक सिरदर्द बनता जा रहा है। ताजा जानकारी के मुताबिक कांग्रेस सांसद राहुल गांधी केसी वेणुगोपाल को केरल का सीएम बनाना चाहते हैं। वहीं, मुख्यमंत्री पद के लिए दावेदारी ठोक रहे एक अन्य विधायक सतीशन ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया है।

केरल में कांग्रेस के लिए नए मुख्यमंत्री का चयन एक सिरदर्द बनता जा रहा है। ताजा जानकारी के मुताबिक कांग्रेस सांसद राहुल गांधी केसी वेणुगोपाल को केरल का सीएम बनाना चाहते हैं। वहीं, मुख्यमंत्री पद के लिए दावेदारी ठोक रहे एक अन्य विधायक सतीशन ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया है। बताया जाता है कि राहुल गांधी ने वेणुगोपाल से अकेले में भी मुलाकात की है। सूत्रों का यह भी दावा है कि अगले दो दिनों तक पार्टी विधायकों को इस बात के लिए मनाया जाएगा कि वह वेणुगोपाल का समर्थन करें। बता दें कि वेणुगोपाल अलापुझा लोकसभा सीट से कांग्रेस के सांसद हैं। बता दें कि चार मई को घोषित चुनाव परिणाम में कांग्रेस ने केरल में बहुमत हासिल किया है।
सतीशन के पक्ष में नारेबाजी
केरल में मुख्यमंत्री पद के लिए नेता के चयन को लेकर कांग्रेस विधायकों ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर बैठक की। एनडीटीवी के मुताबिक इस बैठक से पहले राहुल गांधी ने केसी वेणुगोपाल से अकेले में मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक वेणुगोपाल का मजाक उड़ाने वाले पोस्टर भी लगाए गए थे। यह पोस्टर पार्टी के एक अन्य प्रभावशाली नेता, वीडी सतीशन के समर्थन में लगाए गए थे। जब सतीशन मीटिंग में पहुंचे तो राहुल गांधी ने उनके खिलाफ आरोपों के बारे में पूछा। दावा है कि सतीशन ने स्वीकार किया कि वह वेणुगोपाल को मुख्यमंत्री बनाए जाने के खिलाफ हैं।
वेणुगोपाल पर सतीशन के आरोप
इतना ही नहीं, सतीशन ने यह भी तर्क दिया कि वेणुगोपाल पार्टी महासचिव होने का गलत फायदा उठा रहे हैं। उन्होंने कहाकि वेणुगोपाल ने विधायकों पर कैंप करने और ग्रुप बनाने का दबाव बनाया। सतीशन ने कहाकि मैंने कभी भी निजी स्वार्थ के लिए गुटबाजी नहीं की है। उन्होंने कहाकि जब वह केरल में नेता प्रतिपक्ष तो सभी को साथ लेकर चलने में विश्वास करते थे। इतना ही नहीं, सतीशन ने कांग्रेस नेतृत्व से यह भी कहाकि पार्टी को केरल में अधिक सीटें मिली होतीं। लेकिन नेन्मारा, कझाकूटम, वडाकांचेरी, नेदूमांगेड और चारतला में वेणुगोपाल की पसंद का उम्मीदवार होने के चलते जीत नहीं मिली।
कांग्रेस को तय करना होगा
बता दें कि वेणुगोपाल सीएम पद की रेस में बाकी उम्मीदवारों से आगे चल रहे हैं। अब कांग्रेस को तय करना है कि वह सेंट्रल लीडर के तौर पर वेणुगोपाल को चुनती है या फिर किसी स्थानीय नेता को तवज्जो देती है जिसके पास जमीनी समर्थन है। वेणुगोपाल के सामने सतीशन और रमेश चेन्नीथाला हैं, जिनके पास स्थानीय स्तर पर समर्थन है। सतीशन को मुख्यमंत्री के रूप में आईयूएमएल का भी समर्थन हासिल है। बता दें कि 140 सीटों वाली केरल विधानसभा में कांग्रेस के पास 63 विधायक हैं। वहीं, आईयूएमएल के पास 22 सीटें हैं, ऐसे में उसकी राय भी मायने रखेगी।
कांग्रेस सहयोगियों ने क्या कहा
कांग्रेस अन्य सहयोगियों में केरल कांग्रेस (केईसी) ने आठ सीटें, रिवॉल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी के पास तीन सीटें हैं। इस तरह यूडीएफ के पास कुल 102 सीटें हैं जो दो तिहाई बहुमत से ज्यादा हैं। केरल कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सतीशन ने नेता प्रतिपक्ष के रूप में काफी अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने पी विजयन के नेतृत्व वाली एलडीएफ के खिलाफ काफी मजबूती से काम किया था।




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