तमिलनाडु का मुख्यमंत्री बनते ही TVK चीफ विजय ने दे दिया इस्तीफा, कौन सी सीट रखी?
दो सीट से जीत दर्ज करने वाले मुख्यमंत्री विजय ने तिरुचिरापल्ली पूर्वी सीट से इस्तीफा दिया। उन्होंने पेरम्बूर सीट बरकरार रखी है। टीवीके चीफ विजय ने रविवार सुबह मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है।

तमिलनाडु विधानसभा के लिए 23 अप्रैल को हुए चुनाव में दो सीट से जीत दर्ज करने वाले मुख्यमंत्री विजय ने तिरुचिरापल्ली पूर्वी सीट से इस्तीफा दिया। उन्होंने पेरम्बूर सीट बरकरार रखी है। टीवीके चीफ विजय ने रविवार सुबह मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। इस विधानसभा चुनाव में टीवीके को विजय की दो सीटें मिलाकर कुल 108 सीटें मिली थीं, लेकिन अब एक सीट छोड़ने की वजह से पार्टी की कुल संख्या घटकर 107 हो गई है।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि मुख्यमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण करने से पहले, विजय ने अपना इस्तीफा सौंप दिया। इसमें कहा गया कि उन्होंने पत्र मंत्रियों के.ए. सेंगोट्टैयन और पी. वेंकटरमन के माध्यम से विधानसभा के प्रमुख सचिव के. श्रीनिवासन को भिजवाया।
इससे पहले, विजय ने रविवार को कहा कि वे अपनी सरकार में एकमात्र सत्ता का केंद्र होंगे और उन्होंने खुद को साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले एक आम आदमी के रूप में पेश करने की कोशिश की। विजय ने कहा कि वह गरीबी और भूख से भलीभांति परिचित हैं, क्योंकि उनका जन्म एक साधारण सहायक फिल्म निर्देशक के पुत्र के रूप में हुआ था, जो कड़ी मेहनत करके सिनेमा जगत में सफलता प्राप्त करना चाहता था। मुख्यमंत्री ने अपने पहले भाषण में आश्वासन दिया कि उनके शासन में सत्ता का एकमात्र केंद्र वह स्वयं होंगे।
उन्होंने कहा, "यहां केवल एक ही केंद्र है, मेरे नेतृत्व वाला केंद्र। इस तरफ एक केंद्र, उस तरफ एक सत्ता केंद्र, वहां एक और सत्ता केंद्र – इनमें से कुछ भी मौजूद नहीं है, मैं अभी आपको बता रहा हूं।" उन्होंने कहा, "मैं किसी शाही वंश से नहीं आता, मैं आप जैसा ही हूं और आप में से एक हूं, आपके परिवार का एक सदस्य हूं।" उन्होंने कहा कि वे वास्तव में खुद को उनमें से एक, उनका बेटा या भाई जैसा महसूस कर रहे हैं।
राहुल गांधी की मौजूदगी में विजय ने ली शपथ
विजय ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की मौजूदगी में रविवार को यहां रंगारंग समारोह में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और इसी के साथ ही इस दक्षिणी राज्य में 60 साल में पहली बार द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) से इतर किसी दल की सरकार बनी। शपथ ग्रहण के बाद विजय ने पारदर्शी शासन का वादा करते हुए कहा कि राज्य में सत्ता का केवल केंद्र वही होंगे। विजय ने मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद यहां जवाहरलाल नेहरू इनडोर स्टेडियम में अपने पहले संबोधन में कहा कि ''वास्तविक धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय'' के लिए प्रतिबद्ध शासन का नया युग अब शुरू हो गया है।




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