Who is marine commando Suraj Prashar Indian Navy Shaurya Chakra awardee Kashmir Operation शौर्य चक्र पाने वाले मरीन कमांडो सूरज पराशर कौन हैं? कश्मीर ऑपरेशन में किया था कमाल, India News in Hindi - Hindustan
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शौर्य चक्र पाने वाले मरीन कमांडो सूरज पराशर कौन हैं? कश्मीर ऑपरेशन में किया था कमाल

ऑपरेशन चुंतावाड़ी 5 और 6 नवंबर 2024 को अंजाम दिया गया। जब आतंकवादी घर में छिपे हुए थे और सुरक्षा बलों पर गोलीबारी शुरू कर दी, तब लेफ्टिनेंट कमांडर सूरज पराशर ने तुरंत ऊंचाई वाली जगह संभाल ली।

Tue, 9 June 2026 05:02 PMNiteesh Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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शौर्य चक्र पाने वाले मरीन कमांडो सूरज पराशर कौन हैं? कश्मीर ऑपरेशन में किया था कमाल

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में वीरता पुरस्कार प्रदान किए। इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई बड़ी शख्सियतें मौजूद रहीं। इस मौके पर भारतीय नौसेना के मरीन कमांडो लेफ्टिनेंट कमांडर सूरज पराशर को शौर्य चक्र से नवाजा गया। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा जिले में चुंतावाड़ी गांव में नवंबर 2024 के ऑपरेशन में अदम्य साहस और नेतृत्व का परिचय दिया। इस संयुक्त घेराबंदी और तलाशी अभियान में सुरक्षा बलों ने एक कुख्यात विदेशी आतंकवादी को मार गिराया और युद्ध सामग्री भी बरामद की।

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ऑपरेशन चुंतावाड़ी 5 और 6 नवंबर 2024 को अंजाम दिया गया। जब आतंकवादी घर में छिपे हुए थे और सुरक्षा बलों पर गोलीबारी शुरू कर दी, तब लेफ्टिनेंट कमांडर सूरज पराशर ने तुरंत एक रणनीतिक ऊंचाई वाली स्थिति संभाल ली। उन्होंने लक्ष्य क्षेत्र के निकट पहुंचकर स्थिति का आकलन किया। एक आतंकवादी घेरा तोड़ने की कोशिश कर रहा था और उसने सैनिकों को गोली मार दी, हालांकि चोटें गंभीर नहीं थीं।

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टीम को रीयल टाइम में दी जानकारी

रिपोर्ट के मुताबिक, इस संकट की घड़ी में सूरज पराशर ने तुरंत लक्ष्य पर निशाना साधा और गोली चलाई। उन्होंने अपनी टीम को रीयल टाइम में जानकारी दी, जिससे दूसरे आतंकवादी को सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया गया। शाम करीब 8:25 बजे यह कार्रवाई पूरी हुई। इसके बाद सूरज पराशर ने सूर्योदय तक पूरे क्षेत्र पर नजर रखी और फिर संयुक्त टीम का नेतृत्व करते हुए युद्ध संबंधी सामग्री की बरामदगी में अहम भूमिका निभाई।

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सूरज पराशर का आचरण सामान्य कर्तव्य से कहीं ऊपर था। इस अभियान में असिस्टेंट कमांडेंट मोहम्मद शफीक, लेफ्टिनेंट कमांडर राम गोयल और कांस्टेबल सद्दाम हुसैन को भी शौर्य चक्र प्रदान किया गया। इन सभी की बहादुरी से ऑपरेशन सफल हुआ और क्षेत्र में सुरक्षा मजबूत हुई। लेफ्टिनेंट कमांडर सूरज पराशर एक अनुभवी मरीन कमांडो हैं, जिन्होंने देश सेवा में लगातार योगदान दिया है। यह पुरस्कार भारतीय सशस्त्र बलों के जज्बे को मजबूती देता है और युवाओं को प्रेरित करता है।