तो सुपारी किलर मार देते; ममता बनर्जी की पार्टी TMC छोड़ते ही सुखेंदु शेखर राय का सनसनीखेज दावा
Bengal Politics: टीएमसी छोड़ने के महज एक दिन बाद सुखेन्दु शेखर राय ने ममता बनर्जी की पार्टी को चोरों और बलात्कारियों की पार्टी करार दिया। उन्होंने आरजी कर मेडिकल कॉलेज कांड का हवाला देते हुए दावा किया कि अगर उन्होंने समय रहते इस्तीफा न दिया होता तो सुपारी किलर द्वारा उनकी हत्या कर दी जाती।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) छोड़ने के महज एक दिन बाद पार्टी के पूर्व वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद सुखेन्दु शेखर राय ने सोमवार को ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए 'चोरों और बलात्कारियों की पार्टी' करार दिया। उन्होंने दावा किया कि आरजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल कांड के दौरान अगर उन्होंने समय रहते इस्तीफा न दिया होता तो 'सुपारी किलर' उनके साथ भी वही सुलूक कर सकते थे। न्यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत में सुखेन्दु शेखर राय ने कहा कि यह चोरों और बलात्कारियों का गिरोह है। आरजी कर की घटना ने मुझे अपना अंतिम फैसला लेने में मदद की। अगर मैंने उस समय इस्तीफा दे दिया होता तो मुझे कॉन्ट्रैक्ट किलर मार सकते थे।
वहीं, आरजी कर प्रकरण को याद करते हुए राय ने बताया कि ट्रेनी डॉक्टर की निर्मम बलात्कार और हत्या की घटना के बाद पूरा बंगाल सड़कों पर उतर आया था। उन्होंने कहा कि मैंने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में कभी ऐसा जन-आक्रोश नहीं देखा था। मैंने खुलकर आवाज उठाई, कहा कि इसमें शामिल सभी लोगों को फांसी दी जानी चाहिए। मैंने ट्वीट किया, विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया और धरना भी दिया। इसके बाद पार्टी ने मुझे अपने ट्वीट के लिए तलब किया। राय ने आगे कहा कि आरजी कर कांड ने टीएमसी की असली सूरत सामने ला दी और पार्टी की आंतरिक संस्कृति व व्यवस्था को लेकर उनके मन में उठ रहे सवाल और गहरे हो गए।
टीएमसी पर संकट के बादल घिरे
बता दें कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस अपने 15 साल के सत्ताकाल के बाद सबसे गंभीर संकट का सामना कर रही है। विधानसभा चुनाव 2026 में करारी हार मिलने के बाद पार्टी के अंदर विद्रोह तेज हो गया है और एक बड़ा गुट ममता बनर्जी के नेतृत्व के खिलाफ बगावत पर उतर आया है। 1998 में स्थापित टीएमसी अब तक के सबसे बड़े विभाजन की कगार पर खड़ी दिख रही है। बताया जा रहा है कि कई विधायकों और सांसदों ने एनडीए के संपर्क साध लिए हैं। आंतरिक कलह इतना बढ़ गया है कि पार्टी में बड़े पैमाने पर टूट की आशंका जताई जा रही है।
सुखेन्दु शेखर राय कौन हैं?
सुखेन्दु शेखर राय टीएमसी की स्थापना के समय से ममता बनर्जी के साथ रहे। उन्होंने पार्टी के विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी संभाली और पश्चिम बंगाल की राजनीति में अपनी मजबूत पैठ बनाई। 8 जून 2026 को उन्होंने राज्यसभा सांसद पद से इस्तीफा दे दिया था। साथ ही पार्टी भी छोड़ दिया। उनका इस्तीफा और उसके बाद के खुलासे टीएमसी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा हैं। कहा जा रहा है कि वे अब ममता बनर्जी और टीएमसी के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोलेंगे और आने वाले समय में और भी खुलासा कर सकते हैं।




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