Praised sarees and leadership of Mamata Banerjee, never raised complaints, TMC slams rebels तब साड़ियों व सरकार की तारीफ करते नहीं थकते थे, उस वक्त मुंह क्यों नहीं खोला; बागियों पर भड़की TMC, India News in Hindi - Hindustan
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तब साड़ियों व सरकार की तारीफ करते नहीं थकते थे, उस वक्त मुंह क्यों नहीं खोला; बागियों पर भड़की TMC

तृणमूल कांग्रेस के नेताओं कल्याण बनर्जी और कीर्ति आजाद ने मंगलवार को पार्टी के बागी सांसदों पर तीखा हमला बोलते हुए उन पर राजनीतिक नैतिकता की कमी, भारतीय जनता पार्टी से संबंध रखने और संकट के समय पार्टी कार्यकर्ताओं को छोड़ने का आरोप लगाया।

Tue, 9 June 2026 04:45 PMSourabh Jain लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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तब साड़ियों व सरकार की तारीफ करते नहीं थकते थे, उस वक्त मुंह क्यों नहीं खोला; बागियों पर भड़की TMC

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली जबरदस्त हार के बाद ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है और पार्टी में भारी उथल-पुथल मची हुई है। ऐसी खबरों को सोमवार को उस समय और बल मिल गया, जब पार्टी के वरिष्ठ नेता व सांसद काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में पार्टी के 28 में से 20 सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर अलग गुट के रूप में मान्यता देने व अलग बैठक व्यवस्था करने की मांग की। हालांकि TMC नेतृत्व ने इस दावे को खारिज किया है। पार्टी ने मंगलवार को कहा कि उसे अपने नेताओं के पार्टी छोड़ने की कोई चिंता नहीं है। पार्टी ने दावा किया कि भले ही भाजपा के पास सत्ता, पैसा, तमाम एंजेंसियां और संपत्ति हो, लेकिन हमारे साथ 'मां, माटी और मानुष' हैं। बागी सांसदों पर सवाल उठाते हुए पार्टी ने कहा कि ये वही सांसद हैं, जो कभी ममता बनर्जी की लीडरशीप, साड़ियों और सरकार की तारीफ करते नहीं थकते थे। अगर उन्हें दिक्कत थी तो तब मुंह क्यों नहीं खोला।

मंगलवार को दिल्ली में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा, 'हमें इस बात की चिंता नहीं है कि कौन पार्टी छोड़ रहा है। हमें नए जोश वाले लोगों, समर्पित कार्यकर्ताओं और ऐसे नेताओं की जरूरत है जो मुश्किल समय में पार्टी के साथ खड़े रहें।'

'हमारे पास मां, माटी और मानुष है…'

ममता बनर्जी के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए उन्होंने कहा कि 'हमारी नेता ममता बनर्जी हैं। हमारा चुनाव चिह्न तृणमूल कांग्रेस का चिह्न है। हमारी ताकत हमारे कार्यकर्ताओं और बंगाल की जनता से आती है। आपके पास सत्ता, पैसा, सरकारी मशीनरी, एजेंसियां, गाड़ियां, सुरक्षा और संपत्ति हो सकती है। हमारे पास मां, माटी और मानुष (मां, मिट्टी और लोग) हैं।'

'बंगाल की जनता समझती है कि आखिर क्या हो रहा'

कल्याण बनर्जी ने दावा किया कि जो बागी सांसद सोमवार को केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के आवास पर गए और जिन्होंने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के साथ बैठकें कीं, असल में वे भाजपा में शामिल हो चुके हैं। उन्होंने कहा, 'आज उनके नेता नरेंद्र मोदी हैं। वे भले ही कुछ भी बोल रहे हों, लेकिन बंगाल की जनता अच्छी तरह समझती है कि असल में क्या हो रहा है।'

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बागी सांसदों को कार्यकर्ताओं का सामना करने की दी चुनौती

इस दौरान बनर्जी ने पार्टी के बागी सांसदों को चुनौती भी दी और कहा कि अगर उनमें हिम्मत है तो वे अपने चुनाव क्षेत्रों में जाएं और उन पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलें जिन्होंने उनके लिए प्रचार किया था और चुनाव के दौरान जो उनके साथ खड़े रहे थे। बनर्जी ने कहा कि इन सांसदों को पहले जाकर उन कार्यकर्ताओं का सामना करना चाहिए और उन्हें अपने कार्यों के बारे में सफाई देना चाहिए।

'ममता दीदी की साड़ियों व सरकार की तारीफ करते नहीं थकते थे'

कल्याण बनर्जी ने कहा कि 'ये नेता ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के नाम पर लड़े थे तथा तृणमूल कांग्रेस के चिह्न पर चुनाव जीते थे। जब भी ये सांसद ममता बनर्जी से मिलते थे तो उनकी नेतृत्वक्षमता, साड़ियों और सरकार की तारीफ करते थे। उन्होंने कभी भी उनके या पार्टी लीडरशिप के सामने कोई गंभीर शिकायत नहीं की।' बनर्जी ने सवाल करते हुए कहा कि, 'अगर उन्हें नेतृत्व से कोई शिकायत थी, तो उन्होंने चुनाव से पहले यह बात क्यों नहीं उठाई? ​​उन्होंने ममता बनर्जी के नाम पर प्रचार क्यों किया और वोटिंग से पहले उनके विकास कार्यों की तारीफ क्यों की?'

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New Delhi, Jun 09 (ANI): TMC MP Kalyan Banerjee speaks during a press conference, in New Delhi on Tuesday. TMC MP Kirti Azad also present. (ANI Photo/Sumit)

पूर्व राज्यसभा सांसद की मिसाल का अनुसरण करने के लिए कहा

टीएमसी नेता कल्याण ने कहा कि अगर आप पार्टी पर आरोप लगा रहे हैं तो नैतिकता दिखाइए और सांसद पद से इस्तीफा दीजिए और जनता के बीच जाकर नया जनादेश ले लीजिए। उन्होंने कहा, ‘उन्हें (बागी नेताओं को) पार्टी के पूर्व राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय की मिसाल का पालन करना चाहिए, जिन्होंने सार्वजनिक रूप से मतभेद जाहिर करने के बाद राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।’

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बागी गुट ने किया दो तिहाई सांसदों के समर्थन का दावा

बता दें कि तृणमूल कांग्रेस पार्टी में यह पूरा घटनाक्रम पश्चिम बंगाल विधानसभा में पार्टी के 80 में से 58 विधायकों के बागी होने और बतौर नेता प्रतिपक्ष ममता बनर्जी की पसंद सोवनदेब चट्टोपाध्याय की जगह रितुब्रत बनर्जी को समर्थन देने के कुछ दिनों बाद शुरू हुआ है। हालांकि लोकसभा में पार्टी के बागी गुट में कितने सांसद हैं, इसे लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। गुट का नेतृत्व कर रहे काकोली घोष दस्तीदार ने उन्हें 20 सांसदों का समर्थन प्राप्त होने का दावा किया है, हालांकि, ममता बनर्जी के करीबी लोगों का कहना है कि बागियों की संख्या 12 है। दल-बदल कानून से बचने के लिए भी बागी गुट के पास कम से कम 19 सांसदों का समर्थन होना जरूरी है।