‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के पहले निशाने पर मोदी सरकार के ये मंत्री? इस्तीफे की मांग पर शुरू किया अभियान
कॉकरोच जनता पार्टी की ऑनलाइन तेज़ी से बढ़ती लोकप्रियता ने न सिर्फ़ मीम बनाने वालों और युवा यूज़र्स का ध्यान खींचा है, बल्कि उन जानी-मानी हस्तियों का भी ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है जो इसे डिजिटल विरोध के एक माध्यम के तौर पर देखती हैं।

भारत में अपने मूल 'एक्स' खाते को प्रतिबंधित किए जाने के बाद "कॉकरोच मरता नहीं है" टैगलाइन के साथ वापसी करते हुए, व्यंग्यात्मक सोशल मीडिया अकाउंट "कॉकरोच जनता पार्टी" (CJP) ने शुक्रवार (22 मई) को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए एक अभियान शुरू किया। इस तरह CJP के निशाने पर आने वाले मोदी सरकार के वह पहले मंत्री बन गए हैं। CJP के नए 'एक्स' हैंडल - "कॉकरोच इज बैक" - और इसके इंस्टाग्राम मंच के माध्यम से शुरू किया गया यह अभियान शिक्षा क्षेत्र में कथित प्रणालीगत विफलताओं पर केंद्रित है, विशेष रूप से राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट)- स्नातक 2026 "पेपर-लीक" विवाद से संबंधित चिंताओं पर।
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर उन्हें फॉलो करने वालों से प्रधान के इस्तीफे की मांग करने वाली ऑनलाइन याचिका का समर्थन करने का आग्रह किया है। दीपके ने एक वीडियो संदेश में कहा, "कैसे हो तुम सब कॉकरोच? सब कह रहे हैं कि तुम इंटरनेट पर खूब मजे कर रहे हो, लेकिन मुझे लगता है अब कुछ असली काम करने का समय आ गया है। आज हम शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए एक याचिका शुरू कर रहे हैं।" कॉकरोच इज बैक नाम के अकाउंट से लिखा गया है, “पहला वादा है नीट छात्रों को न्याय दिलाना इसके लिए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर एक अभियान शुरू किया गया है। कृपया याचिका पर हस्ताक्षर करें।”
जवाबदेही की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रणाली की विफलताओं ने छात्रों को बुरी तरह प्रभावित किया है। उन्होंने कहा, “अब समय आ गया है कि व्यवस्था को जवाबदेह बनाया जाए। व्यवस्था की गलती के कारण ही 22 लाख से अधिक छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ, व्यवस्था की गलती के कारण ही नीट के छात्रों ने आत्महत्या की। चाहे कुछ भी हो जाए, धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना ही होगा।”
"कॉकरोच कभी मरता नहीं"
चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए तीन मई को आयोजित राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (स्नातक) को पेपर लीक के आरोपों के बीच राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा हाल ही में रद्द कर दिया गया था। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) इस मामले की जांच कर रहा है और 21 जून को पुनः परीक्षा आयोजित की जाएगी। दीपके ने धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ अभियान के दौरान धमकियां मिलने का भी दावा किया और सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, "मुझे अब जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं।" इस्तीफे के लिए अभियान उस घटना के एक दिन बाद शुरू हुआ जब 'एक्स' द्वारा भारत में मूल सीजेपी हैंडल पर रोक लगा दी गई, जिसके बाद दीपके ने एक नया हैंडल - "कॉकरोच इज बैक" - शुरू किया, जिसकी टैगलाइन है - “कॉकरोच कभी मरता नहीं।”
अकाउंट को हैक करने की कोशिश
दीपके ने कहा, "इस बात की उम्मीद पहले से थी क्योंकि हमारे अकाउंट को हैक करने की कोशिश की जा रही थी। लेकिन सरकार का दांव उलटा पड़ गया है।" उनके अनुसार, 'एक्स' द्वारा सीजेपी खाते को बंद किए जाने से पहले इसके मूल खाते पर दो लाख से अधिक फॉलोअर्स थे। शुक्रवार दोपहर तक, लॉन्च होने के लगभग 24 घंटे बाद, "कॉकरोच इज बैक" के हैंडल पर 1.65 लाख से अधिक फॉलोअर्स हो चुके थे।
इन्स्टा पर 2.05 करोड़ फॉलोअर्स
इंस्टाग्राम पर, सीजेपी के शुक्रवार दोपहर तक 2.05 करोड़ फॉलोअर्स का आंकड़ा पार कर गया, जिससे सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), जिसके मेटा के स्वामित्व वाले मंच पर लगभग 91 लाख फॉलोअर्स हैं, और साथ ही मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस, जिसके लगभग 1.34 करोड़ फॉलोअर्स हैं, उससे काफी पीछे रह गईं। 'एक्स' पर 2.3 करोड़ फॉलोअर्स के साथ अब भी भाजपा का वर्चस्व है जबकि कांग्रेस के आधिकारिक हैंडल के 1.15 करोड़ फॉलोअर्स हैं।




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